सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

आज भी खरे हैं तालाब के लेखक नहीं रहे

सुप्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता, पर्यावरणविद अनुपम मिश्र का आज सुबह नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन  हो गया। वह 68 वर्ष के थे।  श्री मिश्र काफी दिनों से कैंसर से पीडित थे। उन्‍होंने लंबे समय तक गांधी शांति प्रतिष्‍ठान में कार्य किया। श्री मिश्र ने जल संरक्षण के क्षेत्र में भी बहुत काम किया है। उनकी पुस्‍तकें आज भी खरे हैं तालाब और राजस्थान की रजत बूंदे काफी लोकप्रिय है। बिहार के मुख्‍यमंत्री नितीश कुमार, केन्‍द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्‍यपाल गोपाल कृष्‍ण गांधी, गांधीवादी नेता रामचन्‍द्र राही और गांधी शांति प्रतिष्‍ठान के सचिव कुमार प्रशांत सहित अनेक जाने-माने लोगों ने उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है।