सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

गुरू गोविंद जी का पूरा जीवन, लोगों की सेवा, ईमानदारी, न्‍याय तथा त्‍याग के लिए था समर्पित

दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती देशभर में प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जा रही है। मुख्य समारोह पटना में उनके जन्‍म स्‍थान तख्त हरमंदर साहेब में आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने  लोगों से कहा कि वे गुरू गोविंद सिंह महाराज के पद-चिन्‍हों पर चलें और अपने जीवन में उच्‍च नैतिक मूल्‍यों, मानकों और सामाजिक सौहार्द बनाये रखें। पटना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुरू गोविंद जी का पूरा जीवन, लोगों की सेवा, ईमानदारी,  न्‍याय तथा त्‍याग के लिए समर्पित था।

पटना साहेब में ये प्रकाश पर्व एक  विशेष अहमियत रखता है। हिंदुस्‍तान की एकता, अखंडता, भाईचारा, सामाजिक समरसता, सर्वपंथ समभाव इसका बहुत ही मजबूत संदेश देने की ताकत ये पटना साहेब में प्रकाश पर्व को मनाने में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्‍हें इस बात की बहुत खुशी है कि वे गुरू गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व में शामिल हैं। उन्‍होंने पवित्र गुरू ग्रंथ साहब के सामने मत्‍था टेका। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी स्‍मृति में विशेष डाक टिकट भी जारी किया। इस अवसर पर बिहार के राज्‍यपाल रामनाथ कोविंद, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, केन्‍द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान और हरसिमरत कौर भी उपस्‍थित थे।

पंजाब, हरियाणा और चण्‍डीगढ़ में सभी गुरूद्वारों में  कीर्तन और गुरबानी का पाठ चल रहा है। विभिन्‍न गुरूद्वारों में श्री अखण्‍ड पाठ साहेब का भोग पड़ रहा है। गुरूद्वारों को बड़े ही सुंदर ढंग से फूलों और बिजली की लडि़यों से सजाया गया है। पंजाब में गुरू गोबिंद सिंह जी के स्‍थान श्री अनंतपुर साहेब में मुख्‍य समारोह हो रहा है। गुरू गोबिंद सिंह जी वहां पर लंबे समय रहे थे और वहीं पर उन्‍होंने खालसा पंथ की सृजना की थी। इससे पहले कई दिनों तक विभिन्‍न नगरों में बड़े बड़े नगर कीर्तन सजाए गए जिनकी अगुवाई पांच प्‍यारों ने की। आज भटिंडा जिले के तलवंडी साबो में भी समारोह हो रहा है। गुरू गोबिंद सिंह जी ने श्री गुरू ग्रंथ साहेब को वहीं पर पूरा किया था। श्री हरमिंदर साहेब अमृतसर में भी हजारों ही लोग लाइनों में लगे हैं ताकि वो मत्‍था टेक सकें।