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नाराज मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव को लिखा पत्र, पांच जनवरी को बुलाया पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का आंतरिक संकट खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के स्थान पर खुद को पार्टी प्रमुख घोषित कर दिया है। श्री मुलायम सिंह यादव को पार्टी का संरक्षक बनाया गया है। पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई और पार्टी नेताओं ने श्री अखिलेश यादव को निर्विरोध पार्टी अध्‍यक्ष चुन लिया। उधर, श्री मुलायम सिंह यादव ने इसे गैर संवैधानिक बताया। उन्‍होंने श्री रामगोपाल यादव को एक बार फिर छह वर्ष के लिए पार्टी से निकाल दिया है। उन्होंने पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा को भी अधिवेशन की अध्यक्षता करने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया। श्री मुलायम सिंह यादव ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पत्र लिखा है और पांच जनवरी को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद श्री अखिलेश यादव ने कहा कि वे अपने पिता का बहुत सम्मान करते हैं और जो पार्टी के खिलाफ साजिश करेंगे, वह उनके खिलाफ खड़े होंगे। पार्टी के खिलाफ साजिश हो, तो नेता जी का बेटा होने की वजह से मेरी जिम्‍मेदारी बनती है, साजिश करने वालों के खिलाफ हम खड़े हो। नेता जी पिताजी है, तो मैं उनका बेटा रहूंगा। ये रिश्‍ता कोई नहीं खत्‍म कर सकता। अधिवेशन में श्री रामगोपाल यादव ने श्री अमर सिंह को पार्टी से निकालने और श्री शिवपाल यादव को पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पद से हटाने के प्रस्ताव अलग से पेश किये। श्री शिवपाल यादव के स्‍थान पर श्री नरेश उत्‍तम को पार्टी का प्रदेश प्रमुख बनाया गया है। आज सुबह राज्‍यपार्टी अध्‍यक्ष पद से हटाये गये शिवपाल यादव के स्‍थान पर अखिलेश यादव ने नरेश उत्‍तम को सूबे का पार्टी मुख्‍या नियुक्‍त किया है। जिसके फौरन बाद अखिलेश समर्थकों ने  पार्टी के मुख्‍यालय पर लगभग बलपूर्वक कब्‍जा कर लिया और वहां से शिवपाल यादव की नेम प्‍लेट तोड़कर हटा दी गई। जानकारों का मानना है कि 5 जनवरी को मुलायम सिंह के बुलाये गये अधिवेशन से पहले कई और नाटकीय घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। फिलहाल अखिलेश यादव का पार्टी के संगठन पर पार्टी कार्यालय पर पूरा दबदबा बन चुका है और उनके पीछे समर्थकों का हुजूम और कभी मुलायम के बेहद करीबी रहे साथी खड़े नजर आते हैं।