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पचास हजार नए लोगों को मिला पहली बार मत डालने का अधिकार

अभिषेक सिंह (सहसंपादक)-


सुलतानपुर – जिले में मतदाताओं की सूची को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है । लेकिन आंकड़े बताते हैं कि 50 हजार नए मतदाता बने हैं । चुनाव मुहाने पर है तो जाहिर सी बात है कि इन मतदाताओं में मत डालने का जोश औरों की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही होगा । लेकिन दुःख की बात यह है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इन मतदाताओं की राजनीतिज्ञो से उम्मीदें मर चुकी हैं । मतदाताओं का कहना है कि रोटी , कपड़ा , मकान , बिजली , पानी , सड़क , स्वास्थ्य , शिक्षा और सुरक्षा किसी भी मुद्दे पर वर्तमान जिले के राजनीतिज्ञ खरे नहीं उतर रहे हैं और न ही भविष्य में उनसे कोई उम्मीद की जा सकती है । मानवाधिकारों को लेकर नए मतदाता काफी निराश हैं ।


यहाँ तो छीना जाता है आवागमन का भी अधिकार


सुलतानपुर – पहली बार मतदान को तैयार सौरभ सिंह का कहना है की यहाँ तो लोगों के आवागमन का व्यस्ततम मार्ग ही बंद कर दिया जाता है । न तो प्रशासन सोचता है और न ही राजनीतिज्ञ । कुड़वार क्रोसिंग पर कुछ ऐसा ही नजारा है । उत्तर रेलवे के आदेश पर मार्ग अवरुद्ध करे एक महीने से ज्यादा बीत गया और लाखों लोग किधर से आवागमन करे इस बात की किसी को चिंता नहीं है ।


स्वास्थ्य विभाग का हुआ है व्यवसायीकरण


सुलतानपुर – पहली बार मत डालने का उत्साह है मगर कोई उम्मीद नहीं है यह कहना है निर्मल चतुर्वेदी का । उनका कहना है की अभी हाल ही में खबर पढ़ी थी की जिला महिला चिकित्सालय के खिड़की पर न दरवाजा है और न पर्दा है और डॉक्टर के कमरे में रूम हीटर लगा है कर्मचारी और नर्स आराम से गरम हवा ले रही है । दो दिन बीत गए आज मै देखने गयी स्थित बिलकुल वैसी ही है । खबर छापने के बाद भी प्रशासन और नेता चुप बैठे हैं । क्या उम्मीद करना  ।


नेतागण ही तोड़ते है नियम


सुलतानपुर – लम्भुआ क्षेत्र के निवासी संतोष राज ने बताया की अभी नोटबंदी हुई । हमारे यहाँ के दो बड़े नेता कॉलेज चलाते है । उन्होंने नया तरीका निकाला । सारे बच्चों की फी जमा कर दी और धीरे धीरे अपना पैसा सफ़ेद कर लेंगे । शासन प्रशासन को सभी जानते है । पर कुछ हुआ नहीं । तो वोटिंग मशीन देखेंगे एक बार । पर मानवाधिकार का लाभ लोगों को मिलेगा यह तो संभव नहीं लगता है ।