सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए यूपी के विकास को अपरिहार्य बताया

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस-


सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर वोट मांगने को असंवैधानिक बताने के बाद मोदी का दो बड़े वर्गों को लुभाने का अपना ही अंदाज़ रहा। प्रधानमंत्री ने भाजपा की परिवर्तन महारैली में सम्बोधन की शुरुआत पहले अटल बिहारी बाजपेयी और उसके बाद कल्याण सिंह के नाम का जिक्र करके की। बोले, आज का जनसैलाब यदि टीवी पर अटल और कल्याण देख रहे होंगे तो आशीर्वाद दे रहे होंगे। हालांकि जोड़ा ये भी कि जात-पात की बात भूत की बात रही होगी। कहा, मसला बीजेपी के 14 बरस के वनवास का नहीं, यूपी के विकास के वनवास का है।

प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए यूपी के विकास को अपरिहार्य बताया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर विकास कार्यक्रमों में अड़ंगा लगाने और राजनीति करने की तोहमत लगाई। कहा कि ढाई बरसों में ₹2.50 लाख करोड़ रुपया यूपी को दिया, लेकिन प्रदेश सरकार की नीयत साफ़ नहीं, केन्द्र की दी इमदाद का सही इस्तेमाल नहीं किया। गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा उठाया। कहा, खाद्यान्न की सरकारी खरीद में केन्द्र से पूरी मदद मिलने के बाद भी यूपी सरकार को किसान की उपज खरीदने की फ़ुरसत नहीं। बोले, किसानों की दयनीय दशा हमें मंजूर नहीं, इसलिए परिवर्तन अवश्यम्भावी है।

मोदी ने कहा कि सपा वाला बोलता था सूरज निकला तो बसपा वाला बोलता था सूरज ढल रहा है। लेकिन विमुद्रीकरण पर दोनों एक हो गए और कहने लगे, मोदी को हटाओ। मोदी ने अम्बेडकर और रमाबाई को प्रणाम करने में गर्व की बात कह दलितों को रिझाया। भीम एप्प को बाबा साहेब के सपनों से जोड़ा और कहा कि इसे लेकर भी कुछ के पेट में मरोड़ उठ रही है। कहा भीम एप्प अपनाने से बढ़कर अम्बेडकर को दूसरी श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि उसका प्रदेश में अता-पता-लापता है। 15 बरसों से बेटे को स्थापित करने के प्रयास में है पर उसकी दाल नहीं गल रही। बसपा के नाम का जिक्र किए बिना कहा कि उसकी फ़िक्र पैसों को ठिकाने लगाने की है और देश भर में बैंक खोज रही है। सपा का नाम लिए बिना कहा कि तीसरा दल है जो परिवार के फसाद में उलझा है। एक दल पैसा बचाने में तो दूसरा परिवार बचाने में लगा है। क्या ये दोनों प्रदेश बचा पाएंगे ???

प्रधानमंत्री ने सुशासन के लिए भाजपा को अवसर देने की पैरवी की। कहा, हमें अवसर दिया तो भ्रष्टाचार-गुण्डाराज ख़त्म कर सुख-चैन का जीवन देने का वादा करते हैं। 2017 में भी हमें आशीर्वाद चाहिए। भाजपा के कार्यकर्ताओं को कहा कि दूसरे दलों के लिए चुनाव होगा, सत्ता हथियाने का मामला होगा, भाजपा के लिए ज़िम्मेदारी का काम है। हिन्दुस्तान की बेहतरी की नींव यूपी में पड़ने वाली है लिहाजा जिम्मेदारी का मतलब केवल हार-जीत नहीं, सबका साथ-सबका विकास का मन्त्र जिम्मेदारी से निभाना है। 2017 भाजपा के लिए कुछ कर दिखाने का चुनाव है।

बस, मोदी ने भारत माता की जय के बाद पानी का घूंट भरा और सामने जुटी लाखों की भीड़ केवल उम्मीद का गर्द-ओ-ग़ुबार लेकर वापस हुई। लोगों को ख़ासकर किसानों को लग रहा था कि पीएम उनके लिए ख़ास नज़राना देकर जाएंगे। लेकिन, आस परवान नहीं चढ़ी। मोदी ने वही बोला जो प्रायः चुनावी रैलियों में कहा जाता है।