सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं उठता,यह तो केवल शुरूआत है

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ सरकार की लड़ाई को प्रबल समर्थन देने के लिए लोगों का आभार व्‍यक्‍त किया है। आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में  श्री मोदी ने कहा कि अगर देश के सवा सौ करोड़ नागरिक किसी अभियान को समर्थन दे रहे हैं तो कुछ भी असंभव नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं उठता। उन्‍होंने कहा कि यह तो केवल शुरूआत है, इस लड़ाई को जीतना है।

मैं ऐसे पत्र लिखने वाले सब को विशेष रूप से धन्‍यवाद करता हूँ क्‍योंकि उनके पत्र में एक प्रकार से विश्‍वास भी है, आशीर्वाद भी है। मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूँ कि ये पूर्ण विराम नहीं है, ये तो अभी शुरूआत है, ये जंग जीतना है और थकने का तो सवाल ही कहॉं उठता है, रूकने का तो सवाल ही नहीं उठता है और जिस बात पर सवा-सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हो, उसमें तो पीछे हटने का कोई प्रश्‍न ही नहीं उठता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भ्रष्‍टाचार और कालेधन पर संसद में चर्चा के पक्ष में थे और उनका विचार था कि राजनीतिक दलों को दिये जाने वाले चंदे पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्‍होंने खेद व्‍यक्‍त किया कि संसद में इन पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्‍होंने इन अफवाहों को खारिज किया कि राजनीतिक दलों को कर कानून से छूट प्राप्‍त है।

अगर सदन चला होता तो जरूर अच्‍छी चर्चा होती। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि राजनैतिक दलों को सब छूट-छाट है, ये गलत है। कानून सब के लिए समान होता है चाहे व्‍यक्ति हो, संगठन हो या राजनैतिक दल हो, हर किसी ने कानून का पालन करना ही होता है और करना ही पड़ेगा। विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई में समर्थन की बजाय वह सरकार के कानून  कायदों में गलतियां निकाल रहा है। नोटबंदी के बाद सरकार के बार बार नियम बदलने को लेकर की जा रही आलोचना पर श्री मोदी ने कहा कि लोगों से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर ये बदलाव किेये जा रहे हैं। ये सरकार जनता-जनार्दन के लिए है। जनता का लगातार फीडबैक लेने का प्रयास सरकार करती है। जनता-जनार्दन को कहॉं कठिनाई हो रही है, किस नियम के कारण दिक्‍कत आती है, उसका क्‍या रास्‍ता खोजा जा सकता है, हर पर सरकार एक संवेदनशील सरकार होने के कारण जनता-जनार्दन की सुख-सुविधा को ध्‍यान में रखते हुए जितने भी नियम बदलने पड़ते हैं, बदलती है, ताकि लोगों की परेशानी कम हो।

नोटबंदी के पूर्व आठ नवम्‍बर को राष्‍ट्र के नाम अपने संबोधन की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 70 साल से जो ताकतें बेइमानी और भ्रष्‍टाचार के काले कारोबार में लगी थी वे इस अभियान में सरकार को पराजित करने के लिए रोज नये नये तरीके निकाल रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि जागरूक नागरिकों की सूचना के आधार पर कार्रवाई में आये दिन कालेधन से जुड़े मामले बेनकाब हो रहे हैं। उन्‍हेांने कहा कि सरकारी व्‍यवस्‍था से जितनी जानकारी आती है उससे कई गुना ज्‍यादा  सामान्‍य नागरिकों से जानकारियां आ रही हैं। उन्‍होंने जोखिम मोल लेकर भ्रष्‍टाचार को उजागर करने वाले लोगों का आभार व्‍यक्‍त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बेनामी सम्‍पत्ति कानून को और धारदार बनाया। बेनामी संपत्ति’ का एक कानून उन्‍नीस सौ अठास्‍सी (1988) में बना था, लेकिन कभी भी न उसके रूल्‍स बने, उसको नोटीफाई नहीं किया, ऐसे ही वो ठंडे बस्‍ते में पड़ा रहा। हमने उसको निकाला है और बड़ा धार-धार ‘बेनामी संपत्ति’ का कानून हमने बनाया है। आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा। देशहित के लिए, जनहित के लिये, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ ही दिनों में नकदीरहित कारोबार बढ़ा है। उन्‍होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्‍यवस्‍था को स्‍वीकार करने वाले व्‍यापारियों को कुछ खास छूट दी जायेगी। श्री मोदी ने कहा कि विभिन्‍न राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों ने सरकार के नकदी रहित लेनदेन के अभियान का पूरे तौर पर समर्थन किया है। पिछले कुछ ही दिनों में कैशलेस कारोबार, 200 से 300 प्रतिशत बढ़ा है। इसको बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। जो व्‍यापारी अपने कारोबार में नगद के बज़ाय ऑनलाइन पेमेंट की पद्धति विकसित करेंगे, ऐसे व्‍यापारियों को इनकम टैक्‍स में छूट दे दी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज क्रिसमस के दिन नकदीरहित लेनदेन को प्रोत्‍साहित करने के लिए लोगों के लिए लकी ग्राहक योजना और डिजी धन व्‍यापार योजना को लागू किया जा रहा है। ग्राहकों को प्रोत्‍साहन करने के लिए योजना है- ‘लकी ग्राहक योजना’ और व्‍यापारियों को प्रोत्‍साहन करने के लिए योजना है – ‘डिजी धन व्‍यापार योजना’। आज 25 दिसंबर को क्रिसमस की सौगात के रूप में, पंद्रह हज़ार लोगों को ड्रॉ सिस्‍टम से इनाम मिलेगा और पंद्रह हज़ार से हर-एक के खाते में एक-एक हज़ार रूपये का इनाम मिलेगा और ये सिर्फ आज एक दिन के लिए नहीं है, ये योजना आज से शुरू हो करके 100 दिन तक चलने वाली है।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस बार ज्‍यादा रकबे में रबी फसलों की बुवाई का स्‍वागत करते हुए कहा कि यह राष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक अच्‍छा संकेत है। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार दिव्‍यांग जनों के विकास के प्रति वचनबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि दिव्‍यांगजनों पर जिस मिशन को लेकर सरकार आगे बढ़ी थी उससे जुड़ा एक विधेयक संसद के शीतकालीन में पारित हो गया है। उन्‍होंने कहा कि यह कानून पास हो जाने के बाद दिव्‍यांगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण चार फीसद हो गया है। केन्‍द्र सरकार ने पिछले दो वर्ष में दिव्‍यांग-जनों के लिए चार हज़ार तीन सौ पचास कैंप लगाए। तीन सौ बावन करोड़ रूपयों की राशि खर्च करके पॉंच लाख अस्‍सी हज़ार दिव्‍यांग भाई-बहनों को उपकरण बॉंटे। सरकार ने यूनाइटेड नेशन की भावना के अनुरूप ही नया कानून पारित किया है। श्री मोदी ने भारतीय हॉकी टीम, जूनियर हॉकी टीम और महिला हॉकी टीम को हाल के टूर्नामेंटों में उनकी उल्‍लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को क्रिसमस की बधाई दी। श्री मोदी ने पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयन्‍ती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्‍होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी उनके जन्‍मदिन पर बधाई दी।