सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

महिला दिवस पर हुआ नारी विमर्श एवं अलंकरण महोत्सव

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस


आप और हम चेतना मंच की मातृ शाखा के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आज गांधी भवन में नारी विमर्श एवं अलंकरण महोत्सव का आयोजन हुआ। इस मौके पर 06 ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने हाल ही में कन्याओं को जन्म दिया है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 06 महिलाओं को भी सम्मान दिया गया। 02 अलग-अलग विषयों पर आधारित निबन्ध प्रतियोगिता के 10 विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

महोत्सव की मुख्य अतिथि श्रीराम जन्मभूमि की पैरोकार उच्च न्यायालय की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने कन्याओं में शिक्षा और संस्कार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों का विघटन हमें संस्कृति और संस्कारों से काटता है। उन्होंने नई उम्र की लड़कियों में नशाखोरी का ऐब पनपने पर चिन्ता जताई और इसे संस्कृति को नष्ट करने का षड्यंत्र करार दिया। मुख्य अतिथि ने विषय से इतर वामपंथ और जेएनयू पर निशाना साधा। हालांकि, बाद में उनके होंठ बुदबुदाते दिखे कि इस पर बात करने की यह उचित जगह नहीं है।

मुख्य वक्ता हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय, श्रीनर (गढवाल) में दर्शनशास्त्र की प्राध्यापक डॉ0 कविता भट्ट ने प्रगतिवादी विचार रखे। उन्होंने कहा कि अपने पैरों पर खड़े होकर ही आधी आबादी शक्तिशाली हो सकती है। कहा कि जब महिला स्वावलम्बी होगी तभी वह निर्णय लेने की स्थिति में होगी और निर्णय क्षमता हासिल होने का स्पष्ट अर्थ यही है कि आधी आबादी सशक्त हो गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अस्त्र से सज्जित महिला सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्वतन्त्रता पा लेती है।

लक्ष्मी नर्सिंग होम की संचालिका डॉ0 ज्योति सिंह और रानी साहिबा कटियारी हॉस्पिटल की डायरेक्टर अंजलि सिंह महोत्सव की विशिष्ट अतिथि रहीं। अध्यक्षता मातृशक्ति शाखा की जिलाध्यक्ष डॉ0 शीला पांडेय ने की। संचालन महेश मिश्रा ने किया। मंच पर महामंत्री रीतांजलि सिंह और नगर अध्यक्ष निधि शुक्ला के अलावा मंच संयोजक कमलेश पाठक और अनिल कुमार सिंह मौजूद रहे। महोत्सव की शुरुआत मंच संरक्षक अरुणेश बाजपेयी के स्वागत भाषण से हुई।


नवजात बच्चियों के साथ हुईं सम्मानित


आकांक्षा त्रिपाठी-आरोही, आकांक्षा मिश्रा-अनुप्रिया, सोनी गुप्ता-आराध्या, अंजलि राठौर-तेजस्वनी, ममता शुक्ला-आद्या और गौरी सिंह-आराध्या।

विभिन्न क्षेत्रों से इनका हुआ सम्मान

शिक्षा क्षेत्र से शिवानी सिंह, खेल के क्षेत्र से विभा सिंह, संगीत के क्षेत्र से वैष्णवी रस्तोगी, सामाजिक क्षेत्र (योग) से मंजू चन्देल, प्रतिभा गुप्ता और विनीता पाण्डेय।


निबन्ध प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी


कन्या भ्रूण हत्या : एक अभिशाप विषयक निबन्ध प्रतियोगिता में गायत्री वर्मा प्रथम, जेबी खान द्वितीय, राकेश कुमार तृतीय के अलावा गुलशन बानो और उत्कर्ष श्रीवास्तव को सांत्वना पुरस्कार मिला। दहेज़ प्रथा : एक अभिशाप विषयक निबन्ध प्रतियोगिता में अनवी बाजपेयी प्रथम, प्रीति यादव द्वितीय, प्रिया शर्मा तृतीय के अलावा अनुष्का शर्मा और हिमांशी शुक्ला को सांत्वना पुरस्कार मिला।

महोत्सव में सरस्वती सदन की लाइब्रेरियन सीमा मिश्रा, सर्वोदय कार्यकर्ता उर्मिला श्रीवास्तव, लीला पाठक, स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच पूनम तिवारी, अधिवक्ता प्रतिमा मिश्रा पाण्डेय, प्रोफ़ेसर बीडी शुक्ला, पारुल दीक्षित, अवनिकांत बाजपेयी, अखिलेश पाठक, चाइल्ड लाइन की सरिता अग्रवाल, प्रतिमा श्रीवास्तव, कवि अजीत शुक्ला, सुनील शुक्ला, भरत पाण्डेय, मंच की युवा शाखा जिलाध्यक्ष विकास पाठक, भाजयुमो जिला महामन्त्री आशीष पाठक, रजनीश कुमार त्रिपाठी, विकास शुक्ला, संकल्प मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।