सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

मोदी सरकार ने गरीबों के लिये उज्जवला योजना के अन्तर्गत गैस चूल्हा 5 करोड़ कनेक्शन झोपड़ी तक पहुंचाया

भारत सरकार में केन्द्रीय मंत्री कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा मोदी जी प्रधानमंत्री ने अपने को नहीं प्रधान सेवक माना और प्रधानमंत्री न अपने लिये न अपनों के लिये। बैंको का 46 वर्षा पहले राष्ट्रीयकृत किया जन लोगों को जोड़ने, लाभ के लिये किया। 46 वर्ष बाद में मोदी जी आंकड़े देखे तो उसका लाभ गरीबों को नहीं मिला उन्होंने जन-धन के माध्यम से 24 करोड़ परिवार को जोड़े। उन्होंने देश की मिट्टी की चिन्ता की स्वाईल हैल्थ कार्ड, हिन्दुस्तान में जमीन को (भारत माँ) समझते है। खेत की चिन्ता की किसानों की चिन्ता करी। स्वास्थ मिशन पर भी केन्द्र सरकार के पैसे भी जनता के लिये उपयोग नहीं कर पाये। केन्द्र की मोदी सरकार ने गरीबों के लिये उज्जवला योजना के अन्तर्गत गैस चूल्हा 5 करोड़ कनेक्शन झोपड़ी तक पहुंचाया।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद तथा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर ने आज लखीमपुर (निघासन)में परिवर्तन यात्रा को सम्बोधित करते हुए विधानसभा में कहा कि अखिलेश कैस जन नेता जिसका जनता से कोई संवाद नहीं है। सपा परिवारवाद की पार्टी है मुलायम कोई नेता नहीं बनने देते है जिनका सहयोग रहा उनको भी आगे नहीं बढ़ाया, ऐसे ही मायावती भी किसी को आगे नहीं बढ़ने देती है। सिर्फ बीजेपी ही सबको आगे बढ़ाती है। गरीब हो किसी भी वर्ग का हो राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से नहीं रोका मायावती ने दलितो के हित में कोई कार्य नहीं किया। मोदी जी ने सभी के लिये कार्य किया। सभी को 50 हजार से 10 लाख तक रोजगार हेतु ऋण का प्रबन्ध किया।

जाली राशनकार्ड को भी आधार से जोड़े तो उसमें भी 3 करोड़ कार्ड धारकों में भी चीनी-चावल-मिट्टी का तेल पर अधिकार गरीबों का था लेकिन कार्ड से उसमें भी खेल हो रहा था। दीन दयाल विकास योजना के लिये हर घर में बल्ब, बिजली हो यह योजना विद्युत उत्पादन बढ़ाया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों का आपदा लाभ देने की योजना बनी। उ0प्र0 सरकार ने इसमें भी खेल -खेल डाला। गन्ना की फसल भी जोड़ दी।

प्रमुख लोगों में प्रदेश मंत्री देवेन्द्र सिंह, सांसद अजय मिश्रा, सांसद रेखा वर्मा, सांसद कौशल किशोर, रामकुमार पटेल, विधायक रोमी साहनी, पूर्व विधायक अरविन्द्र गिरी, जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी, सहकारी चीनी मिल निर्देशक मनीष शाहनी आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।