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ये दिव्यांगजन सिखा रहे जीने की राह

अभिषेक सिंह (सहसम्पादक)-


मैडम केलर कहती हैं की दिव्यांगता हमारा प्रत्यक्षण है , देखने का तरीका है । यदि सकारात्मक रह जाये तो अभाव भी विशेषता बन जाते है । कुछ ऐसा ही जिले के दिव्यांग राजेश कुमार रत्नाकर और दीनानाथ ने कर दिखाया है । समाज सेवी गतिविधियों में इनकी सक्रियता आमजनों को हिला कर रख देती है या यूँ कहे कि ये दिव्यांग हमें जीने की राह सिखा रहे हैं ।


आँखों के दिव्यांग राजेश कुमार दिव्यांग बच्चों के शिक्षा की कराते है व्यवस्था


 राजेश कुमार रत्नाकर आँखों से दिव्यांग हैं । कलेक्ट्रेट में कर्मचारी है । ड्यूटी के साथ इंहोने अपना जीवन दिव्यांगजनो की सेवा में लगा दिया है । रत्नाकर अपने अन्य साथियों के आँखों के दिव्यांग बच्चों की तलाश करते हैं और उनकी शिक्षा की व्यवस्था कराते है । इन दिनों इनकी प्रेरणा से 22 दिव्यांग बच्चे रामरती इण्टर कालेज विझुरी में पढाई कर रहे हैं । उन बच्चों की परीक्षा राइटर के माध्यम से होती है । बच्चों के  लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था भी रत्नाकर अपने पास से पूरी करते है । इनके बारे में कहा जाता है की ड्यूटी के प्रति भी बहुत ईमानदार हैं ।


एक हाथ से रिक्शा चला दीनानाथ करते थे परिवार का पोषण


 दीनानाथ आयल मिल पर तेल की पेराई का काम करते थे । 1990 में उनका एक हाथ मशीन से कट गया । फिर वे एक हाथ से रिक्शा चलाकर परिवार का पोषण करने लगे । बाद में फिर पेराई का काम शुरू किया । दूसरा हाथ भी कट गया । मौके पर वे सड़क किनारे पटरी पर कपड़ों की दुकान लगाते हैं अपनी बेटी के सहयोग से । इन सब के बावजूद दीनानाथ शहर के सबसे बड़े समाज सेवी संगठन शहीद स्मारक समाज सेवा समिति के सदस्य है । सेवा के लिये पात्रों की तलाश करते हैं और चन्दा भी इकठ्ठा करते हैं । जमापूंजी में से दान भी करने में पीछे नहीं रहते हैं ।


स्थापना दिवस पर शहीद स्मारक सेवा समित दस दिव्यांगों को देगी रजाई कम्बल


काकोरी काण्ड के शहादत दिवस पर आयोजित स्थापना दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक सेवा समिति दस दिव्यांगों को रजाई एवम् कम्बल वितरित करेगी । इस बात की जानकारी समिति के अध्यक्ष एवम् वरिष्ठ समाज सेवी करतार केशव यादव ने दी । उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में दिव्यांग राजेश कुमार रत्नाकर ने उन्हें पत्र लिखा था । जिस पर समिति ने 19 दिसम्बर को आयोजित स्थापना दिवस के अवसर पर 10 दिव्यांगों को रजाई एवम् कम्बल वितरित करने का फैसला लिया है ।