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सहकारी बैंकों में नहीं जमा होगी नकदी, कालेधन के खिलाफ कार्रवाई जारी, 16 शहरों के 37 ज्वैलर्स के यहां छापों में खुलासा

स्रोत- दूरदर्शन-
विमुद्रीकरण के बाद आयकर विभाग की जांच में ये पता चला था कि इनकम कई सहकारी बैंकों ने पुराने नोट को लेकर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की थी। अब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना के तहत जिन लोगों ने छुपी हुई आय की घोषणा की थी वो अपनी रकम को सहकारी बैंकों में नहीं जमा करा सकते। सहकारी बैंकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना 2016 के अंतर्गत रकम स्‍वीकार करने का अधिकार नहीं है और इस बारे में नए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं । इसके साथ कालेधन को सफेद करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में रकम डाली गई है। महाराष्ट्र में जांच एजेन्सियों को पता चला है कि 16 शहरों के 37 ज्वैलर्स ने 140 करोड़ की रकम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा कराई जिसकी जांच की जा रही है।

हैदराबाद के एक ज्वैलर्स ने 100 करोड़ से अधिक की रकम योजना में जमा कराई और ये बताया कि 8 नवम्बर की रात को ग्राहकों ने सोने के लिए एडवांस दिया था। मामले की जांच चल रही है। इसके साथ ही एक डॉक्टर और टैक्सी ड्राईवर ने भी योजना के तहत 18.50 करोड़ रूपये योजना के तहत जमा कराये। जिनमें से जांच एजेंसियों ने 7.50 जब्त कर लिये है। एक फिल्म निर्माता ने भी 40 करोड़ योजना में जमा कराये है जिसमें से 37 करोड़ रूपये जब्त कर लिये है और मामले की जांच की जा रही है। कई और कॉपरेटिव बैंकों पर शिकंजा कस रहा है। आयकर विभाग जामिया कॉपरेटिव बैंक की सराय जुलेना शाखा की जांच कर रहा है। आयकर विभाग के अनुसार यहां पर विमुद्रीकरण के बाद 2098 नए खाते खोले गये।

आयकर विभाग के अनुसार बैंक में 540 ऐसे खाते मिले जो निष्क्रिय पड़ हुए थे लेकिन विमुद्रीकरण के बाद उनमें 125 करोड़ की रकम डाली गई और जिसमें से 20 करोड़ निकाल भी लिये गये। काले धन के खिलाफ लड़ाई तेजी के साथ चल रही है. देश के कोने कोने से काले से सफेद के खिलाड़ी पकड़े जा रहे है। सूरत के किशोर भजियावाला की संपत्ति ने जांच एंजेन्सियों तक को हैरानी में डाल दिया था। ईडी और सीबीआई ने किशोर भजियावाला उनके बेटों के खिलाप मामला भी दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए किशोर भजियावाला के बेटे जिग्नेश भजियावाला को गिरफ्तार कर लिया है। क्रिंक ज्वैल्स और एम संस जेम्स एंड ज्वैलर्स कंपनी के मालिक राजीव जैन पर आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। आयकर विभाग के अनुसार राजीव जैन ने विमुद्रीकरण के बाद दो बैंक अकाउंट में 43 करोड़ रूपये जमा कराये और सोना खरीदने के लिए उनका आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दिया। आयकर विभाग ने उनके यहां से 18 किलो सोना भी बरामद कर लिया है। दिल्ली के कारोबारी मोहनीश मोहन मुक्कर के खिलाफ आयकर ने जांच शुरू कर दी है. आयकर विभाग के अनुसार मोहन मुक्कर ने 70 के करीब कंपनियां बना रखी थी जिनमें ज्यदातार कंपनियां सिर्फ कागजों पर थी। इन कंपनियों में कोई काम नहीं होता था। कंपनी के ड्राईवर को इसमें डॉयरेक्टर बना रखा था। मोहन मुक्कर ने विमुद्रीकरण के बाद दो बैंक खातों में 13.50 करोड़ की रकम जमा कराई और फिर उस रकम को अपनी दुसरी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर लिया। आयकर विभाग मामले की जांच तेजी के साथ कर रहा है।