सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

2 लाख से अधिक जमा करवाने वाले लोगों को रकम का स्रोत बताना होगा

नोट बंदी के 50 दिन पूरे होने को है। इस दौरान घर में पड़े 500 एवं 1000 रुपए के ऐसे पुराने नोट जिन्हें लोग बैंक में जमा नहीं करवा पा रहे अब ऐसे नोटों को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कोई इनके टुकड़े कर जला रहे हैं या फिर उन्हें नाली में बहा रहे हैं।  नोटबंदी के बाद से करीब 60 लाख व्यक्तियों तथा कंपनियों ने 2-2 लाख रुपए से ज्यादा की रकम बैंकों में जमा करवाई है। इसका कुल आंकड़ा लगभग 7 लाख करोड़ रुपए बनता है। केन्द्र सरकार ने चेतावनी दी कि इन लोगों को रकम का स्रोत बताना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 2 लाख से अधिक जमा करवाने वालों की जानकारी रोज मिल रही है। ये उनके पुराने रिकॉर्ड से भी मिलाई जा रही है।

बीकानेर शहर में गुरुवार को स्टेशन रोड स्थित हरियाणा होटल के पास एक नाली में फटे हुए पुराने नोट मिले। कोटगेट पुलिस ने नाली में पड़े नोटों को कब्जे में लिया। इनकी संख्या दस से 15 हजार रुपए बताई जा रही है। इसके एक दिन पूर्व बुधवार को बीकानेर में ही जस्सूसर गेट क्षेत्र में पांच से सात हजार रुपए के जले हुए नोट मिले थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है है। आयकर विभाग ने गांधीनगर में कोऑपरेटिव सेक्टर की एक बैंक पर दबिश दी। सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुजरात में निजी-सरकारी क्षेत्र की बैंक में सर्च के बाद यह कोऑपरेटिव बैंक पर कार्रवाई है। हालांकि कार्रवाई की बरामदगी के बारे में फिलहाल जानकारी सामने नहीं आई है। इससे पहले किशोर भजियावाला प्रकरण के चलते सूरत की एक बैंक बैंक भी आईटी की कार्रवाई का सामना कर चुकी है। एक्सिस बैंक की अहमदाबाद में एक इकाई पर भी सर्च की गाज गिर चुकी है।