वह खेल ही क्या, जिसमे हमारी जीत न हो
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–तक़दीर लिखने का हुनर हमे है मालूम,सलाहीयत पर यक़ीँ करने को फ़ुर्सत ही नहीँ।दो–हम वो खिलाड़ी हैँ, जो हारना नहीँ जानेँ,वह खेल ही क्या, जिसमे हमारी जीत न हो।तीन–हमारा हक़ […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–तक़दीर लिखने का हुनर हमे है मालूम,सलाहीयत पर यक़ीँ करने को फ़ुर्सत ही नहीँ।दो–हम वो खिलाड़ी हैँ, जो हारना नहीँ जानेँ,वह खेल ही क्या, जिसमे हमारी जीत न हो।तीन–हमारा हक़ […]
आज (१ अक्तूबर) ठाकुर श्रीनाथ सिँह का जन्मदिनांक है हिन्दीबाल-पत्रकारिता के माध्यम से देश मे अपनी पहचान बनानेवाले ठाकुर श्रीनाथ सिँह का जन्म १ अक्तूबर, १९०१ ई० को इलाहाबाद जिला के अन्तर्गत मानपुर गाँव मे […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ ने नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को साफ़ शब्दोँ मे’अल्टीमेटम’ दे दिया है :– नरेन्द्र मोदी अपनी कुर्सी छोड़ेँ वा फिर हमे भा० ज० पा० का राष्ट्रीय […]
युद्ध हो, कोई सीक्रेट ऑपरेशन हो या दुर्दांत आतंकवादियों का सफाया करना हो; भारतीय सेना के कमांडो अत्यंत कम समय में मुश्किल कार्य करने में दक्ष होते हैं। श्री राम प्रताप सिंह सर थल सेना […]
“The word ‘freedom’ has such a broad meaning that many texts can be written about it. India fought against the British for 200 years to achieve freedom. The journey of India’s independence is filled with […]
जिन माता-पिता ने- और (विनय सिंह बैस)
कुआर आ गया है! ओस सुबह-सवेरे घास पर मोतियों सी बिखरने लगी है। बारिश के बाद दोपहर की धूप जरूर कुछ अधिक तीखी हो गई है लेकिन सुबह-शाम का मौसम सुहावना हो गया है। रात […]
हिन्दी-भाषा को समझने के लिए शब्द-साधना करनी होगी – आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय ‘प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद’, प्रयागराज की ओर से २५ सितम्बर को संस्थान के सभागार मे हिन्दी-पखवाड़े के अन्तर्गत एक कर्मशाला […]
काठमांडू। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल ललित कला अकादमी (एनएएफए) के सहयोग से सोमवार को यहां कला प्रदर्शनी ‘रामायण अनुनाद: साझी विरासत का उत्सव’ शुरू की। इस आठ दिवसीय प्रदर्शनी में भारत और नेपाल […]
आज (२३ सितम्बर) ओजस्वी कवि ‘दिनकर’ जी का जन्मदिनांक है। “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है”● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेयऐतिहासिक चेतना के प्रखर वाणीदायक राष्ट्र-कवि को हमारा नमन। राष्ट्रकवि दिनकर ने हिन्दी-काव्य को छायावाद/रहस्यवाद […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ऐ हवा!मेरी देह पर तुम्हारा दृष्टि-अनुलेपनसम्मोहन के पाश मेआबद्ध कर रहा है।तुम्हारा संस्पर्श–एक अबूझ पहेली है,जो है और नहीँ भी।आंशिक छुवन का एहसास–एक मादक विष की तरहमन मे उतरता चला […]
अश्वनी पटेल– खो गया था कहीं मैं एक मोड़ पर।चल पड़ा साथ एक अजनबी जोड़ कर।कुछ दूर चलकर देखे उसके नयन।लग रहा था मिला एक बहार-ए-चमन l थी कली एक खिली कुसुम की कोई।मैं था […]
जिंदगी जोंक सीरक्त पान कर रही है।मौत के नगर मेंजिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।काले उजले दिन मेंदेश का गणतंत्रसुखे पत्ते की तरहठिठुर कर अस्फुट होशिकायत कर रहा है।भौतिकता का कंकालमहानगर की दहलीज लांघकरविक्षुब्ध कर […]
बैसवारा में शादी -ब्याह जैसे शुभ अवसरों में हम परमात्मा, अपने परिवारजनों, रिश्तेदारों और इष्ट मित्रों के अलावा अपने पूर्वजों को भी आमंत्रित करते हैं। मुझे याद है विवाह के एक सप्ताह पहले से ही […]
जिस द्वार हुए हो अपमानित,उस द्वार कभी मत जाना तुम।अपनी रूखी-सूखी खाकर,ख़ुद से ही लाज बचाना तुम।। कुछ आएँगे समझाने को,तुमको ही ग़लत बताने को।निज बातों में उलझाने को,ख़ुद को बेहतर दिखलाने को।। हो सके […]
देहरादून मे शुद्ध भाषा का अलख जगाते, आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के शीर्षस्थ निजी शिक्षण-संस्थानो मे से एक देहरादून (उत्तराखण्ड) मे स्थित अँगरेज़ी-माध्यम के विद्यालय वैल्हम गर्ल्स स्कूल की ओर से गत दिवस उसके […]
हरदोई– बेहंदर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत बाल विकास परियोजना की वरिष्ठ मुख्यसेविका जब आँगनबाड़ी केन्द्र बिरौली द्वितीय का निरीक्षण करने गयीं तब भ्रष्टाचार की बात खुलने पर बिरौली प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने उनसे बदसलूकी […]
हर साल 17 सितंबर को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाता है, जो रोगी सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिन रोगियों, स्वास्थ्य कर्मियों, पॉलिसी […]
मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश के सभी नागरिकों को फौज की नौकरी जरूर करनी चाहिए और किसी कारणवश अगर सेना की सेवा करने का सौभाग्य न भी मिल पाए तो “ऑल इंडिया सर्विस लायबिलिटी” […]
हमारे समय में यानि 80-90 के दशक तक पढ़ाई का इतना दबाव बच्चों पर नहीं था। विद्यालय जरूर हम नियमित जाते थे लेकिन वहां से घर आने के बाद विद्यालय को लगभग भूल ही जाते […]
1984 की बात है। ‘बड़ा पेड़’ गिरने के बाद धरती हिलकर लगभग शांत हो चुकी थी। मैं पापा के साथ मुंबई घूमने गया था, अपने नाना के घर। चूंकि उन दिनों किसी घर का दामाद […]
उपर्युक्त (‘उपरोक्त’ अशुद्ध है।) शीर्षक पढ़कर आप सबको आश्चर्य होता होगा; परन्तु सत्य वही है, जिसे आपने पढ़ा है। देश-देशान्तर मे हमारी कर्मशाला इतिहास और कीर्त्तिमान के पृष्ठोँ पर रेखांकित होती आ रही है; परन्तु […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हिन्दी-दिवस की पूर्व-संध्या मे (‘पूर्व-संध्या पर’ अशुद्ध है।) देश के एक अत्यन्त प्रतिष्ठित हिन्दी-समाचारपत्र-कार्यालय, प्रयागराज के सभाकक्ष मे ‘हिन्दी हैँ हम’ के अन्तर्गत प्रयागराज की संस्थाएँ, लेखकोँ, साहित्यकारोँ आदिक ने […]
‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की ओर से हिन्दी-दिवस के अवसर पर १४ सितम्बर को एक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन मे उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग के पूर्व-अध्यक्ष डॉ० कृष्णबिहारी पाण्डेय अध्यक्ष थे और इलाहाबाद उच्च […]
हिन्दीभाषा-उत्थान-हेतु ‘अमर उजाला’ की शानदार पहल! हिन्दी-दिवस की पूर्व-संध्या मे ‘अमर उजाला’ के कार्यालय-सभाकक्ष मे ‘हिन्दी हैँ हम’ के अन्तर्गत प्रयागराज की संस्थाएँ, लेखक, साहित्यकार, कवि आदिक अपने-अपने स्तर से हिन्दी-उत्थान के लिए किस-किस प्रकार […]
अश्वनी पटेल, बालामऊ, हरदोई– चोट लगी थी मन पर उस क्षण,एक आह निकली थी गम्भीर।कुछ नहीं, बस संवेदनाएँ थीं,जिनको सोच वह हुआ अधीर।कितनी माओं और बहनो ने,बेटे-भाई खोये थे।पाला जिनको तन-मन-धन से,सपने बहुत संजोए थे।रक्त-रंजित […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रयाग-आगमन के बाद और क्रॉस्थवेट स्कूल, इलाहाबाद मे प्रवेश लेने के बाद महादेवी जी की साहित्य-साधना अबाध्य गति मे चलती रही। ‘माँ ने सुनी एक करुण कथा’ का प्राय: सौ […]
नई दिल्ली। भारत सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के कारण खाद्य संकट से जूझ रहे चार देशों को मानवीय सहायता के तौर पर राहत सामग्री भेजी है। भारत ने मंगलवार को उष्णकटिबंधीय तूफानों से बुरी तरह […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अब कोलकाता मे वहाँ के डॉक्टर धरना-प्रदर्शन के नाम पर ‘गुण्डई’ कर रहे हैँ; उच्चतम न्यायालय के आदेश की भी अवमानना कर रहे हैँ। कोलकाता की रुग्ण जनता, उनके परिवार […]
आज (९ सितम्बर) भारतेन्दु हरिश्चन्द (यहाँ ‘हरिश्चन्द्र’ अनुपयुक्त है।) का जन्मदिनांक है। ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज के दिनांक मे समाचारपत्रोँ और वैद्युत्-माध्यम ने खड़ी बोली की प्रतिष्ठा करनेवाले और साहित्य को नयी क्रान्ति […]
९ सितम्बर को भारतवासियों की नवोदित आकांक्षा और राष्ट्रीयता के प्रतीक ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द के जन्मदिनांक के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से ‘सारस्वत सदन’, आलोपीबाग़, प्रयागराज से एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]
मेरी जन्मभूमि बैसवारा सदियों से कलम और तलवार का धनी क्षेत्र रहा है। महावीर प्रसाद द्विवेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे अनूठे साहित्यकार और राजा राव राम बख्श सिंह तथा राणा बेनी माधव जैसे दुर्जेय योद्धा […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो जाहिल विश्व-चैम्पियन भारतीय पहलवान विनेश फोगाट के ‘भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस’ मे शामिल हो जाने से उसे ‘भारत की बेटी’ मानने से इन्कार कर रहे हैँ, क्या वे बता सकते […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मुँह मारनेवाले मौक़ापरस्तमुँह का ढक्कन योँ खोले रखते हैँ,मानो हर सड़क और गली मे–लावारिस-से अड़े-पड़े-खड़े-औँधे पड़ेबजबजाते ‘सीवर’ होँ।उन्हेँ गिरने की चिन्ता नहीँ रहती;वे मौक़ा टटोलते रहते हैँ;गिराकर मुँह मारने मे […]
Raghavendra Kumar Raghav– Ram is the eternal and divine force. He is not only the master of our hearts but the very foundation upon which the world stands. His name carries the essence of truth, […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रिय पाठकवृन्द! आपने ‘भाग– दो’ मे निर्देशक-चिह्न, विवरण-चिह्न, अल्प विरामचिह्न, हिन्दी-वर्णमाला, व्यंजन-लेखन, विकारी-अविकारी शब्द-प्रयोग मे घालमेल करने, अशुद्ध शब्द-व्यवहार, अशुद्ध योजक-चिह्न-व्यवहार, अनुपयुक्त संख्यावाचक-लेखन आदिक से सम्बन्धित प्रामाणिक लेख का अध्ययन […]
अश्वनी पटेल, बालामऊ, हरदोई– स्मरण हो रहा है उन विचारों का,जो जेहन मे उमड़े थे पहली बार।शायद तब मै बच्चा ही था,कुछ मायने नहीं रखता था जीत हो या हार।थी कुछ ऐसी कही-अनकही बातें, जिनमें […]
‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे राष्ट्रीय ‘शिक्षा-दिवस’ की पूर्व-संध्या मे ४ सितम्बर को ‘शिक्षा बाज़ार से कैसे मुक्त हो?’ विषय पर अलोपीबाग़, प्रयागराज से एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रिय पाठकवृन्द! आपने ‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’-द्वारा मानक शब्द, वर्तनी, विरामादिक चिह्नो से सम्बन्धित जारी की गयी लघु पुस्तिका मे अशुद्धियोँ और भ्रामक मानकीकरण को लेकर पहले भाग मे विरामचिह्नादिक से […]
राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’– किसी के लिये अमूल्य है प्रेम।कोई है जो प्रेम की कीमत नहीँ समझता।कोई लुटता ही रहता है प्रेम मे।कोई लूटकर भी प्रेम से नहीँ भरता।क्या प्रेम कोई इच्छा या आवश्यकता है?क्यों हर […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के जाने-माने सरकारी संस्थान ‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’, दिल्ली की ओर से हाल ही मे एक लघु पुस्तक जारी की गयी है, जिसमे किस शब्द, वर्तनी, विरामादिक चिह्नो को मानक […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अभी-अभी ‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’ की सहायक निदेशक डॉ० नूतन पाण्डेय जी ने फ़ोन-माध्यम से मानक शब्दप्रयोग से सम्बन्धित वार्त्ता करने की पहल की है; उन्होँने कल भी वार्त्ता करने का […]
हरदोई– विज्ञान शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित पीबीआर इण्टर कॉलेज तेरवा गौसगंज के हरदोई के रसायन शास्त्र के प्रवक्ता प्रदीप नारायण मिश्र विज्ञान के क्षेत्र में बच्चों को जागरूक करने के लिये पिछले कई वर्षों से […]
Vidyarthi Vigyan Manthan (VVM) is a science based examination under the initiative of Vijnana Bharati (VIBHA), in collaboration with the National Council of Educational Research and Training (NCERT), an institution under the Ministry of Education, […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’ की मानकीकरण की लघु पुस्तक मे उसी के द्वारा तैयार कराये गये मानक शब्दोँ, वर्तनी, चिह्नादिक की इतनी अशुद्धियाँ हैँ कि तीन हज़ार शब्दोँ से अधिक के […]