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भारत और रूस के राजनयिक रिश्तों की 70वीं सालगिरह

दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में 70 साल के राजनयिक संबंधों की भारत और रूस एक सीरीज आयोजित कर रहे हैं। दरअसल, आज दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों की 70वीं सालगिरह है। भारत और रूस के बीच राजनीतिक, रक्षा, ऊर्जा, वाणिज्य, आर्थिक, वित्तीय, निवेश, संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान और तकनीकि समेत खेल, पर्यटन जैसे तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अच्छे रिश्ते रहे हैं। जिसे और मजबूत करने के इरादे से दोनों देशों ने एक साथ कई कदम आगे बढ़ाया है।
 पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में गोवा में अक्टूबर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। उस वक्त परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कुडनकुलम पावर प्लांट पर सहमति मील का पत्थर साबित हुआ। इस बिजलीघर के शुरू होने के बाद भारत में बिजली का उत्पादन कई गुना बढ़ गया। रूस और भारत ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक रणनीतिक समझौता किया था। इस साल दोनों देश आपसी राजनयिक रिश्तों की स्थापना की 70वीं सालगिरह मना रहे हैं इसलिए दोनों देश के नेता इस रिश्ते को और गहरा बनाने के इरादे से कई बड़े कदम उठा रहे हैं।