सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

मनरेगा के लिए अब तक 48,000 करोड़ का सबसे बड़ा आवंटन

आज पेश किए आम बजट में वित्त मन्त्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए मनरेगा के लिए ₹48 हजार करोड़ का आवंटन किया है। वित्त वर्ष 2016-17 में मनरेगा के लिए ₹37 हजार करोड़ आवंटित हुए थे। जेटली के अनुसार मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 55% हो गई है।

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₹5,000 करोड़ का लघु सिंचाई फण्ड, ₹10 लाख करोड़ किसानों को क़र्ज़

आम बजट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ लक्ष्य प्राप्ति के लिए ₹05 हजार करोड़ का फण्ड होगा। साथ ही किसानों को ₹10 लाख करोड़ तक ऋण देने का लक्ष्य है। ग्रामीण, कृषि और कृषि से जुड़े क्षेत्रों के लिए ₹01,87,223 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 24% अधिक है।
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अरुण जेटली : दुनिया अर्थ संकट में पर भारत आर्थिक नक़्शे पर चमक रहा

चौथा बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मन्त्री अरुण जेटली ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत दुनिया के आर्थिक नक़्शे पर चमक रहा है। जेटली ने जीएसटी और नोटबंदी को ऐतिहासिक निर्णय बताए। उन्होंने महात्मा गांधी के हवाले कहा कि अच्छे उद्देश्यों की कभी हार नहीं होती
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मनमोहन ने बजट में शामिल किया था पहली बार सेवा कर

वित्त वर्ष 1994-95 में आम बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मन्त्री मनमोहन सिंह ने सर्विस टैक्स का प्रावधान किया था। उनका कहना था कि समय के साथ प्रत्यक्ष कर का दायरा बढ़ा, लेकिन जीडीपी में 40% भागीदारी वाले सर्विस सेक्टर की तरफ़ ध्यान नहीं गया। सर्विस टैक्स सबसे पहले टेलीफोन, सामान्य बीमा और स्टॉक्स ब्रोकर्स पर लगा था।