दीवाना नेत्रहीन पहुँचा एसपी ऑफिस, लगाई प्रेमिका से मिलने की गुहार

कहते है इश्क जब भी किसी इंसान को हो जाता है तो सिर्फ उसे वो ही नजर आता है जिससे वो प्यार करता है। पर अगर जिसके पास देखने के लिए आँखे ही न हो तो उसके प्रेम को क्या कहेंगे। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला एसपी ऑफिस में जब एक नेत्रहीन युवक ने प्रार्थना पत्र देकर अपनी प्रेमिका से मिलवाने की गुहार लगाई।एएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से उसने कहा कि एक लड़की मुझसे तीन साल से फोन से बात करती है ,लेकिन अभी कुछ दिनों से उसने बात करनी बन्द कर दी है।उसने एएसपी से अपनी प्रेमिका से मिलवाने की गुहार लगाई है।
इन आँखों को जब से बसारत मिली है,सिवा तेरे कुछ मैंने देखा नहीं है।जी हां कहते हैं इश्क़ अन्धा होता है। लेकिन, यह मामला अन्धे के इश्क़ का है। हरदोई जनपद के अन्तर्गत मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के काजी टोला का शादाब हुसैन अंसारी नेत्रहीन है। उसकी मोबाईल फ़ोन पर एक गैर मजहब की लड़की से आंखें चार हो गईं। बातचीत का सिलसिला चल निकला। रोज़ दोनों के बीच लम्बी लम्बी बातें होने लगीं। शादाब ने लड़की को अपने नेत्रहीन होने की सच्चाई बता दी। इसके बाद भी लड़की ने बातचीत जारी रखी। दोनों के बीच कसमें-वादे होने लगे। पर, अचानक लड़की ने शादाब की कॉल पिक करना बन्द कर दिया। शादाब ने तमाम कोशिश की, लेकिन लड़की ने उसकी कॉल रिसीव नहीं की।
थक-हार कर शादाब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने एसपी विपिन कुमार मिश्रा को दरख़्वास्त देकर लड़की का मोबाईल फ़ोन नम्बर सर्विलांस पर लगाने की गुजारिश की है। उसने दरख़्वास्त में जिक्र किया कि पहले भी वह गुजारिश कर चुका है, पर लड़की का मोबाईल फ़ोन नम्बर सर्विलांस पर नहीं लगाया गया था। इस मामले की एसपी दफ़्तर में ख़ासी चर्चा रही। अन्धे इश्क़ के आगे ‘अन्धे के इश्क़’ के मामले में खाकी क्या कुछ करेगी, ये देखने वाली बात होगी। फ़िलहाल, अन्धा आशिक़ अपनी माशूक़ की बेवफ़ाई की वजह जानना चाहता है। वह जानना चाहता है कि लड़की ने उसके नेत्रहीन होने के चलते ही तो मुंह नहीं फेर लिया ?
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