सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

एक गुजारिश हरदोई को स्वच्छ बनाने के लिये

राज चौहान-


ज़्यादातर जगहों पर कूड़ादान ही उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से हम कूड़ादान की जगह ज़मीन पर ही फ़ेक देते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल उचित नहीं हमें अपने शहरों की सड़कों को अपना घर समझना होगा, हमें अपने ज़हन में ये बात लानी होगी की मेरा शहर ही मेरा घर है अगर घर साफ़ न हुआ तो बाहर से आये मेहमान किस नज़रिए से देखेगा और हमारी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आज सफ़ाई का स्तर गणना के आधार पर जो हरदोई को दिया गया है, वो गणना किसी आधार पर रही हो पर आज हरदोई ज़िले को पलकें झुकाने पर मज़बूर कर रही है।
नगरपालिका को पत्र लिखा जाये जन्हा कूड़ादान उपलब्ध नहीं है , वँहा स्थापित कराएं जाये और जो कर्मचारी जिस क्षेत्र में सफ़ाई के लिए आता हो उस कर्मचारी का नंबर सावर्जनिक किया जाये उस क्षेत्र की जनता के लिए। जब ये पत्र नगरपालिका को सौंप जाये तो उसी क्षण हमें संकल्प लेना होगा की हमारा शहर हमारा घर, हमारी सड़क हमारी जेब हमें संकल्प लेना होगा भले ही कूड़ादान में कूड़ा डालने के लिए 2 कदम चलना पड़े, पर हम कूड़ादान में ही डालेंगे न की सड़क पर डालेंगे। मैंने हरदोई में कई मुहीम देखी, कई सरोकार देखे किसी न किसी रूप में
हम गुज़ारिश करेंगे, हरदोई में रहने वाले उस हर व्यक्ति से जो हरदोई को अपना घर समझता है। साथ आएं, हरदोई को स्वच्छ बनाएं।