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गैंगरेप के कथित मामले में पत्रकार कुलदीप त्रिपाठी को राहत की आस

पत्रकार एसोसिएशन संयोजक सुधांशु मिश्रा व अध्यक्ष आलोक सिंह, पत्रकार समिति अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह 'बबलू', वरिष्ठ पत्रकार प्रशान्त पाठक, विजय पाण्डेय सहित तमाम पत्रकारों ने एसपी चन्द्र प्रकाश से भेंट की

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस ब्यूरो-
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हफ़्ते भर पहले एक महिला ने ग्रामीण जागरण के पत्रकार कुलदीप त्रिपाठी के ख़िलाफ़ सिटी कोतवाली में गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई थी। उसकी तोहमत थी कि कुलदीप ने अपने 02 साथियों के साथ नघेटा रोड स्थित एक मन्दिर के पास से देर शाम जबरन कार में बिठा लिया और बावन रोड के एक बाग़ में ले जाकर गैंगरेप किया। वहीं, आरोपी पत्रकार ज़मीनी विवाद के चलते फ़र्ज़ी फंसाए जाने की बात कह रहे थे। इस सिलसिले में आज पत्रकारों के दो संगठनों ने संयुक्त रूप से एसपी से मुलाक़ात कर कुलदीप का पक्ष रखा।

पत्रकार एसोसिएशन संयोजक सुधांशु मिश्रा व अध्यक्ष आलोक सिंह, पत्रकार समिति अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ‘बबलू’, वरिष्ठ पत्रकार प्रशान्त पाठक, विजय पाण्डेय सहित तमाम पत्रकारों ने एसपी चन्द्र प्रकाश से भेंट की। उन्हें बताया कि मामला ज़मीनी विवाद का है और गैंगरेप की तोहमत फ़र्ज़ी है। पत्रकारों ने एसपी को बताया कि पुलिस ने कथित तौर पर गैंगरेप की शिकार महिला से 03 युवकों की पहचान कराई, जिसमे उसने एक की शिनाख़्त कुलदीप की सूरत में की। जबकि, जिन 03 युवकों में पहचान की बात कही गई थी, उनमे कुलदीप थे ही नहीं। इसके अलावा पुलिस ने पूछताछ के लिए महिला को बुलाया, पर वह नहीं गई। पुलिस उसके घर पहुंची तो वह मिली नहीं। पुलिस के मुताबिक़ महिला कचहरी में बयान देने की बात कह रही है, जो नियमतः सम्भव नहीं।

इन तथ्यों की छाया में एसपी चन्द्र प्रकाश ने प्रकरण का विवेचनाधिकारी बदल दिया है। मामले की जांच अब सिटी कोतवाली के एसएसआई संतोष श्रीवास्तव को दी गई है। फ़िलहाल जो तथ्य हैं और एसपी की ओर से जो तत्परता दिखाई गई है, उससे कुलदीप को राहत मिलने की आस बंध रही है। एसपी से मुलाकात करने वालों में शिवप्रकाश त्रिवेदी, मनोज तिवारी, सुनील अर्कवंशी, अरविन्द तिवारी, अमित पाल, अभिनव द्विवेदी सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।