भारत के प्रसिद्ध अ धिवक्ता व राजनेता ‘अरुण जेटली’

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’- श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी

 भारत के प्रसिद्ध अधिवक्ता व राजनेता अरुण जेटली के निधन से सारा देश शोक  संतृप्त है। वे भारतीय जनता पार्टी के एक सशक्त नेता थे। वे पूर्व वित्त मबतरी थे। राजग के शासन में केंद्रीय न्याय मंत्री रहे। 1991 से भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। 1999 के आम चुनाव में प्रवक्ता रहे। 13 अक्टूबर 1999 को सूचना एवम प्रसारण राज्य मंत्री बने। 23 जुलाई 2000 को कानून न्याय एवम  कम्पनी मामलों के कैबिनेट मंत्री रहे।2002 में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। 29 जनवरी 2003 को वाणिज्य उधोग कानून मंत्री बनाये गए।2004 में भाजपा के महासचिव बने। 3 जून 2009 को राज्यसभा में विपक्ष के नेता चुने गए।2014 लोकसभा चुनाव  अमृतसर से लड़ा जो हार गए। 26 मई 2014 को मोदी सरकार में वित्त मंत्री बनाये गए।
भारत के वित्त मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में काले धन नकली मुद्रा और आतंकवाद पर अंकुश लगा। भ्र्ष्टाचार खत्म हुआ। जेटली ने कहा था धर्म के आधार पर आरक्षण का विचार गलत है।24 अगस्त 2019 को दोपहर में जेटली हमे छोड़कर चले गए। 28 दिसम्बर 1952 को दिल्ली में किशन जेटली व रतन प्रभा के घर इनका जन्म हुआ था। सेंट जेवियर्स स्कूल दिल्ली में इन्होंने पढ़ाई की थी। 1957 से 1969 तक इन्होंने पढ़ाई की। 1973 में स्नातक श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से की। 1977 में विधि संकाय से विधि की डिग्री प्राप्त की। 1974 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे।

   अकादमिक व पाठ्यक्रम के अतिरिक्त गतिविधियों में भी इन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनका विवाह संगीता के साथ 24 मई 1982 को हुआ। रोहन और सोनाली इनकी संतान है। पिता की तरह वकील है बेटा बेटी। अरुण जेटली में नेतृत्व का उदय जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रान्ति आंदोलन से हुआ। वे समाज के उत्थान की चिंता किया करते थे।
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