विभिन्न वेदी-पूजन के बाद यज्ञ में डालीं गईं आहुतियां

मुख्य वक्ता श्यामवीर सिंह ने श्रीराम कथा का रसपान कराया

श्रद्धालुओं ने सपत्नीक यज्ञ-वेदियों का किया पूजन

पिहानी।

यज्ञ-कुंड में आहुतियां समर्पित करते श्रद्धालु

बखरिया में आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन वैदिक-मंत्रोंच्चारण के साथ वेदी और देव-पूजन सम्पन्न हुआ। मंगलाचरण, पवित्रीकरण, चन्दनधारण, संकल्प और स्वस्तिवाचन के बाद गुरु, गायत्री और गणेश-गौरी के पूजन आदि के क्रमों के साथ द्वादश गणपति वेदी, षोडशमातृका, सर्वतोभद्र आदि वेदियों का पूजन सम्पन्न हुआ।

सोनू सिंह, दुर्गेश पांडेय, अशोक सिंह, राजेश सिंह, अरविंद सिंह, विनोद सिंह, ओमप्रकाश, नन्हू सिंह, सर्वेश सिंह आदि ने सपत्नीक श्यामवीर सिंह की टोली द्वारा बोले जा रहे वैदिक-मंत्रों के साथ वेदी पूजन किया। वहीं सामूहिक रूप से उपस्थित भक्तों ने यज्ञदेव का पूजन कर आहुतियों का क्रम शुरू किया। लोककल्याण के उद्देश्य से सभी ने हवन-सामग्री से आहुतियां दीं।

गायत्री-आरती के साथ दूसरे दिन यज्ञ सम्पन्न हुआ। इस बीच संचालन अतुल कपूर ने किया और श्यामवीर सिंह ने संगीतमय ढ़ंग से टोली के साथ सभी कर्मकांड सम्पन्न कराए। वहीं शनिवार को सायंकाल में श्रीराम कथा का आयोजन हुआ। जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के वक्ता श्यामवीर सिंह ने श्रीराम की पावन कथा का रसपान भक्तों को कराया।

श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहाकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा हमें एक ओर जहां श्रेष्ठ जीवन जीने की कला सिखाती है, वहीं श्रीमद्भागवत कथा हमें श्रेष्ठ मृत्यु की कला सिखाती है। कहाकि श्रीराम के सद्विचारों और सद्गुणों को अपने जीवन में उतारकर आधुनिक समाज को रामराज्य जैसा बनाने के लिए अपनी क्षमतानुसार सहयोग कर सकते हैं।

पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वन्दनीया माता जी के विचारों को भी उन्होंने सभी के बीच रखा। उन्होंने इसी बीच श्रीकृष्ण की भी मार्मिक लीलाओं का वर्णन किया। मुख्य वक्ता श्यामवीर सिंह के साथ टोली के बृजेश, ओमकार कटरे, विजय सिंह और वीरेंद्र सिंह ने श्रीराम कथा व भजनों की संगीतमय प्रस्तुति से समां बांधा। इस बीच भक्त कई बार भाव-विभोर भी हुए।

पावन कथा में सैकड़ों श्रद्धालु हिस्सा लेकर पुण्य के भागी बने। वहीं शत्रुध्न सिंह, सोनू सिंह, विनीत सिंह, गोपाल सिंह, नवनीत कुमार, रामू सिंह आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं।

सौरभ सिंह की रिपोर्ट

 

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