सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

मन्नत पूरी होने की बात कहकर पशुपालक ने पड़िया (भैंस का मादा बच्चा) का कराया मुंडन

कछौना, हरदोई। 21वीं सदी में जहां एक तरफ इंसान चंद्रमा पर पहुंच रहा है। वहीं आज भी अंधविश्वास के चलते गांव में लोग अपना पैसा, समय बर्बाद कर जगहंसाई कराकर मजाक के पात्र बन रहे हैं।

विकासखंड कछौना की ग्रामसभा सुन्नी में सोमवार को एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। जिसमें ग्रामीण प्रमोद श्रीवास्तव पुत्र श्यामू श्रीवास्तव मुराद पूरी होने की बात कहकर अपनी पड़िया का धूमधाम से मुंडन कराया। जिसमें रिश्तेदारों, मित्रों, ग्रामीणों ने शिरकत कर मुंडन की दावत का आनंद उठाया।

ग्रामीण प्रमोद श्रीवास्तव ने बताया उसने घर में भैंस पाल रखी है, लेकिन काफी इलाज के बाद भी आज तक कोई भैंस का बच्चा जीवित नहीं रहता था। इस पीड़ा से वह मानसिक रूप से परेशान था। उसने परेशान होकर गांव में स्थित दुर्गा माता मंदिर पर देवी जी से प्रार्थना कर माताजी से मन्नत मांगी कि हमारी भैंस का बच्चा जीवित रहने पर हम उस बच्चे का मुंडन आप के स्थान पर कर ग्रामीणों व रिश्तेदारों सहित पुरोहितों को दावत करेंगे। मुराद पूर्ण होने पर पशुपालक प्रमोद श्रीवास्तव ने नवरात्र के प्रथम दिन सोमवार को खुश होकर ढोल नगाड़ों के साथ दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण में पड़िया का हिंदू रीति रिवाज के साथ मुंडन कराया।

इस घटना की सूचना पूरे गांव सहित क्षेत्र में फैल गई। लोग खूब आनंद उठा रहे थे। रिश्तेदार ग्रामीण सहित क्षेत्र के लोग पहुंच गए। इस आयोजन में शामिल होकर दावत का आनंद उठा रहे थे। अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास! लेकिन इस के कारण आधुनिक युग में प्रमोद श्रीवास्तव आर्थिक नुकसान के साथ जगहंसाई के पात्र बन रहे हैं।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता