एक और धर्मगुरु पर ‘यौनशोषण’ करने का आरोप!

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय


जैनधर्मगुरु ‘नम्र मुनि’ महाराज पर उनके आश्रम में १० वर्षों से कम्प्यूटर-विभाग में काम करनेवाली उनकी पूर्व-शिष्या ने ‘यौन-शोषण’ का आरोप किया है। मुम्बई की निवासिनी इस महिला ने अपना आरोपपत्र ‘प्रधान मन्त्री-कार्यालय’, ‘महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग’ तथा’महाराष्ट्र के मुख्य मन्त्री’ को भेजे हैं।
आरोपों पर एक दृष्टि :——-
१- ‘कोड वर्ड’ में लड़कियों को पसन्द कर अपने पास बुलवाते थे।
२- मुनि बोलते थे : दुपट्टा खोलकर दिखाओ; ऐसे चलकर दिखाओ।
३- नम्र मुनि साहेब महाराज कहते थे : तन, मन, धन गुरु को सौंप देना चाहिए। गुरु दिन में बुलाये या रात में बुलाये, उसके पास जाना चाहिए।
४- मुझे ‘सेक्स’ के लिए बाध्य करते थे।
५- साध्वियों के साथ द्विअर्थी बातें करते हैं।
६- साध्वियों के साथ ‘वैलेंटाइन डे’ मनाते हैं।
७- मेरे पापा से सादे काग़ज़ पर ज़बरदस्ती हस्ताक्षर कराये हैं।
८- मेरे मातापिता पर बलप्रयोग करते हुए मुझे दीक्षित किया था।
९- मैं वहाँ काम करती थी तब मुनि के कम्प्यूटर पर मुनि के ऐसे-ऐसे चित्र देखे थे, जो जैन मुनि को नहीं शोभते। मैंने अपने मोबाइल पर उन चित्रों को ले लिया था, जिसका पता चलते ही मुझ पर जासूसी करायी जाने लगी और मुझे अपमानित किया जाने लगा। मेरी ज़िन्दगी नरक बना दी गयी।
१०- साध्वियों के साथ ‘फ्लर्ट’ करते हैं।
११- मेरा माइण्ड वाश कर मेरे माँ-बाप से झगड़ा करवाये हैं।
१२- मेरा मोबाइल जलवा दिया था; सिम तोड़वा दिया था; मेरा बैग छीन लिया था।
१३- मेरी पहरेदारी और जासूसी करायी जाती थी।
१४– कृष्ण बनकर महिलाओं के साथ रमण करते हैं।
१५– रात में महिलाओं के साथ रासलीला और मॉडलिंग करते हैं।
१६– रात में बन्द कमरे में लड़कियों के साथ मुनि को कई घण्टे तक रहते मैंने देखा है।
१७- कुछ महिलाएँ उनके गन्दे कामों में उनका पूरा साथ देती हैं। वे उनके इशारे पर काम करती हैं।
१८- कुछ महिलाएँ ऐसी हैं, जो उनके चंगुल से निकलना चाहती हैं, पर निकल नहीं पा रही हैं।
वहीं जैनधर्मगुरु नम्र मुनि महाराज ने सारे आरोपों को आधारहीन बताया है।
फिर भी इसकी जाँच अनिवार्यत: होनी चाहिए, क्योंकि ये सारे गम्भीर आरोप जैनधर्म के महागुरु पर किये गये हैं। आरोप मिथ्या सिद्ध होने पर आरोपकर्त्री महिला के विरुद्ध और सत्य सिद्ध होने पर नम्र मुनि के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

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