Interview : स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ की निर्दलीय प्रत्याक्षी कान्ति सिंह का विशेष साक्षात्कार

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का ‘न्यू इण्डिया की कथित मोदी-सरकार’ से किये गये प्रश्न

भाषाविद्-समीक्षक आचार्य पं॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय

नरेन्द्र मोदी उत्तर दें :–

★ आप तो पिछले छ: वर्षों से अपनी बीभत्स सरकारी नीतियों से धर्म, जाति तथा वर्ग के नाम पर भारतीय समाज को बाँटते आ रहे हैं। ऐसे में, आपने तो भारतीय सेना को भी ‘राज्य’ में बाँटने के लिए कमर कस ली है, तभी तो आपने बिहार में जाकर सेना के मनोबल को क्षीण करनेवाला बयान दिया है, ” गलवान में बिहार ने देश का सिर झुकने नहीं दिया। गलवान में बिहार के सपूत शहीद हुए।” आपके इस सार्वजनिक वक्तव्य से तो यही ध्वनि निकलती है कि गलवान में तैनात भारत के अन्य राज्यों के सैनिकों ने भारत का सिर झुकने दिया था और अन्य राज्य के सैनिक शहीद नहीं हुए थे। आपको हमारे देश के सैनिकों को राज्यों में बाँटकर उसे सार्वजनिक करने का अधिकार किसने दिया है? बलिदान हुए अन्य राज्यों के सैनिकों का ख़ून ‘पानी’ था? आपको सार्वजनिक रूप से अपने इस कृत्य के लिए क्षमा माँगनी चाहिए। आपने हमारे सैनिकों का मनोबल क्षीण करनेवाला बयान सार्वजनिक क्यों किया है? जब आपसे विपक्षी नेता राहुल गांधी लगातार पूछते रहे– बताइए मोदी जी! चीन में हमारे कितने सैनिक मारे गये हैं तब तो आपके मुँह में ‘दही’ जमा हुआ था और अब, जब बिहारियों के ‘भोट’ लेने बिहार पहुँचे हैं तब आप हमारे देश की सेना का ‘विकेन्द्रीकरण’ करने पर उतारू हो गये हैं? सच तो यह है, आप चुनाव के समय जिन-जिन राज्यों में जाते हैं, खुले आम-सरे आम झूठ बोलते हैं। क्या आपकी यह मनोवृत्ति आपको शोभा देती है?

★ बिहारियों को ‘कश्मीर’ में किये गये आपके काम से क्या लेना-देना है? वह तो समूचे देश का विषय है।

★ बिहारियों को अयोध्या के ‘राममन्दिर’ से ३६५ दिनों तक रोटी-दाल मिल जायेंगी क्या?

★ आपने ख़ुद बिहार में जाकर पिछले १५ वर्षों में क्या-क्या किया है?

★ कुछ माह-पूर्व जब बिहारी बाढ़ की मार से त्राहि-त्राहि कर रहे थे तब आप कहाँ थे?

★ कोरोना-प्रभाव से अन्य राज्यों में काम कर रहे बिहारियों के रोज़गार छूट गये थे और वे धनाभाव में जब बिहार लौटने को थे तब नीतीश कुमार ने साफ़ शब्दों में कहा था– बिहारियों को लाने के लिए हमारे पास साधन नहीं हैं; हमारी सरकार समर्थ नहीं है, तब आप कहाँ थे?

★ बिहारी कोराना-प्रभाव से जब ज़िन्दगी-मौत से जूझते हुए, गिरते-पड़ते पैदल ही अपने परिवार, दूधमुँहे बच्चों, गर्भवती महिलाओं को लिये अपने घरों के लिए लौट रहे थे तब आपकी ‘करुणा’ कहाँ थी?

★ बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य की गिरती स्थिति के लिए आपने अभी तक क्या-क्या किया है?

★ पिछले १५ वर्षों में आपके नीतीश बाबू ने कितने विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, बाल-महिला चिकित्सालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, कृषि और पशुपालन विश्वविद्यालय आदिक खुलवाये हैं, आप बतायेंगे?

★ पिछले पन्द्रह वर्षों में आपकी गठबन्धन-सरकार ने हक़ीक़त में, कितने लाख बिहारियों को रोज़गार दिये हैं?

★ बिहार में ‘होम शेल्टर’ के नाम पर बालिकाओं के साथ किये गये जघन्य और बीभत्स कृत्य के लिए जिस महिला को आरोपित बनाया गया था, उसे आपके गठबन्धन में चुनाव के लिए टिकट क्यों दिया गया है?

★ आप देश की प्रमुख विपक्षी दल ‘काँग्रेस’ को कभी मुसलमान, कभी ३७०, कभी पाकिस्तान, कभी चीन, कभी ज़िन्ना तो कभी दाउद इब्राहिम आदिक के साथ जोड़कर प्रचार कर, आप अपनी सरकार की नाकामी पर कब तक पर्दा डालते रहेंगे?

★ वर्ष २०१४ के लोकसभा-चुनाव में उत्तरप्रदेश की अनेक चुनावी सभाओं में आपने कहा था– उत्तरप्रदेश के किसानों को उनकी लागत का दो गुना लाभ हम किसानों को देंगे, क्या आपने दिया है? क्यों नहीं दे पाये?

★ आपकी ज़ुम्लेबाज़ी जगप्रसिद्ध है। क्या इसे बिहारी नहीं जानते?

★ बिहारी किसी दूसरे राज्य में न जाकर, अपने राज्य (गाँव-जवार) में ही रहकर स्वालम्बी बने, इसके लिए आपकी कोई ‘पारदर्शी’ योजना है?

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २४ अक्तूबर, २०२० ईसवी।)

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