सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

जिले में लूट की वारदातों के खुलासे के लिए एएसपी ने गठित की छः टीमें

सौरभ तंवर-


क्षेत्र में लगातार हो रहीं लूट की वारदातों को अज्ञात बदमाशों द्वारा बेखौफ होकर अंजाम दिया जा रहा है। इतना ही नहीं बदमाश इन घटनाओं को ऐसे अंजाम देते नजर आ रहे हैं जैसे कि बहुत दिनों से उन घरों पर नजर लगाए बैठे थे या कोई बड़े प्री-प्लान ने उनके दिमाग मे अपनी जगह बना रखी थी, जिन्हें उन्होंने अपनी लूट का हिस्सा बनाया।
बताते चलें कि क्षेत्र के दत्यौनापुर के रहने वाले अम्बुज अवस्थी ने बताया कि बीते रविवार को वह किसी परिचित की शादी में गया था, उसकी वापसी रात करीब डेढ़ बजे हुई। उस दौरान हल्की बूंदा-बांदी हो रही थी।थकान की वजह से अम्बुज अपने घर के अंदर जाकर लेट गया। कुछ ही देर बाद उसे जब आहट मिली तो उसने उठकर देखा। वहां का दृश्य देखकर वह दंग रह गया। उसने पाया कि उसके भाई हरिओम और भाभी अर्चना को कुछ अज्ञात बदमाशों ने घेर रखा था।
सभी के हाथों में हथियार थे। स्थिति को प्रतिकूल देखकर भी हिम्मत जुटाकर उसने बदमाशों का विरोध किया। इस पर बदमाशों ने अम्बुज को भी उसी घेरे में खींच लिया। इतना ही नहीं बदमाशों ने अम्बुज के छः वर्षीय भतीजे भरत की कनपटी पर पिस्तौल तान दी। स्थिति देखकर घर वाले सहम गए। बदमाशों ने मौके की नजाकत को समझकर उन सभी के हाथ पीछे करके बांध दिए और एक कमरे में बंद कर दिया और फिर लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। बकौल अम्बुज, लूटपाट करने वाले बदमाशों की संख्या करीब आठ थी। एक अनुमान के अनुसार यहां 27,000 रुपये की नगदी समेत लाखों के गहनों की लूट हुई।

वहीं इस लूट की घटना के चंद घंटों बाद ही क्षेत्र के ही बरखेरिया और कोटरा गांवों में सोमवार की रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने फिर से लूट की वारदात को दोहराया। बरखेरिया में लूट की घटना की शिकार हुईं सदाप्यारी ने बताया कि बदमाशों ने करीब दो लाख की नगदी और चार लाख के गहनों पर हाथ साफ किया। वहीं कोटरा में पड़ोस के ही दो घरों को बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। जिसमें से एक घर से तो उन्हें मायूसी हाथ लगी लेकिन पड़ोस के बीडीसी के घर मे उन्हें लूट की घटना को अंजाम देने का अच्छा मौका मिल गया क्योंकि बीडीसी का पूरा परिवार बीते 27 अप्रैल को दिल्ली गया हुआ था। माने लूट की घटना के समय उनके घर पर कोई नहीं था इसीलिए बड़ी आसानी से ही बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दे डाला। हालांकि यह कहना मुश्किल होगा कि बीडीसी के घर कितनी लूट की गई।

लूट की सभी घटनाओं में कहीं एक गिरोह का ही हाथ तो नहीं


लूट की ताबड़तोड़ घटनाओं के मद्देनजर लोग यह भी कयास लगाए देखे जा रहे हैं कि कहीं इन तीनो घटनाओं में एक ही गिरोह के बदमाशो का हाथ तो नहीं है। यह बात इस चीज से तो और ज्यादा स्पष्ट होती नजर आ रही है कि बदमाशों ने लूट की तीनों घटनाओं वाली जगहों पर से थोड़ा सा भी नाम-ओ-निशान नहीं छोड़ा, जिससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में कोई सहायता मिल सके। हालांकि यह बात किस हद तक सही है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। लूट की घटनाओं को बड़ी ही चालाकी से अंजाम दिया इन बदमाशों ने हालांकि एएसपी से हुई बात में पता चला कि लूट की इन घटनाओं की जांच के लिए एक स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम सहित कुल छः टीमों का घटना किया जा चुका है, जो जांच कर रहीं हैं। घटना का खुलासा जांच के बाद ही हो पायेगा। पुलिस अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर चुकी है।

-अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस