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अटल बिहारी वाजपेयी चयन संग्रह : संसद में अटल जी का लोकार्पण 20 जनवरी 2023 को

किताब की बात

डॉ० नरेन्द्र शुक्ल, प्रमुख नेहरू पुस्तकालय एवं संग्रहालय (प्रख्यात लेखक-इतिहासकार)

Dr. Narendra Shukla

लगभग तीन साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के अनन्य सहयोगी एन एम घटाटे हमारे तत्कालीन निदेशक श्री शक्ति सिन्हा मिले और उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी चयन संग्रह के प्रकाशन की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि ‘मेरी संसदीय यात्रा’ में बहुत कुछ ऐसा है जो छूट गया है। इसे फिर से करना चाहिए।

श्री शक्ति सिन्हा जी ने इस कार्य का जिम्मा मुझे सौंपा। हमने इस कार्य को दो भागों में बांटा, और तय किया कि पहला, अटल जी ने जो कुछ संसद में बोला है, वह ‘संसद में अटल जी’ के अंतर्गत और दूसरा उनके संसद के बाहर लिखे बोले गए रचनाकर्म को ‘जनसंवाद’ के अंतर्गत प्रकाशित करेंगे।

मुझे खुशी है कि आज पहला भाग ‘अटल बिहारी वाजपेयी चयन संग्रह: संसद में अटल जी’ के 9 खंड जो 1957 से 2005 तक के उनके संसद में दिए गए भाषणों का संकलन संपादन है, पाठकों के बीच जाने को तैयार है। इसका प्रकाशन वाणी प्रकाशन ने किया है।

संपादक के तौर मेरे लिए अटल जी के भाषणों से गुजरना भारत की आत्मा से साक्षात संवाद करना था। एक सांस्कृतिक यात्रा जिसने राजनीति की ‘काली कोठारी’ में गुजरते हुए भी अपनी मूल चेतना को बचाए रखा था। इन भाषणों में गुजरते हुए आप भारत की विकास यात्रा के सहयात्री बन सकते हैं और बन सकते हैं उन तमाम समसामयिक घटनाओं के साक्षी जिन्होंने देश को झकझोरा, जगाए रखा।

यह उनके संसद के भाषणों का महज संकलन नहीं है, हमने उनके लोकसभा, राज्यसभा के कार्यकालों में दिए गए उनके भाषणों को विभिन्न थीम्स में विभाजित कर उन्हें क्रोनोलॉजिकल ढंग से सजाया है। भाषणों में आये नाम, स्थान, घटनाएं इत्यादि को अलग से संदर्भित किया है। यह कुछ 1957-2005 का “हूज़ हू” बन गया है।

मुझे उम्मीद है अकादमिक समुदाय लंबे समय तक इसका लाभ उठाएगा। यह काम अकेले कतई नहीं हो सकता था। यह काम इस बात का प्रमाण है कि जब टीम काम करती है तो मुश्किल काम भी सही समय पर और प्रामाणिकता से होते हैं।

मेरे साथी संपादक हमारे उपनिदेशक डॉ रवि के मिश्र की सूक्ष्म दृष्टि तो थी ही, नेहरू मेमोरियल की मेरी टीम डॉ निसार, मुकेश कुमार, सोनिका गुप्ता, राजकुमारी मिश्रा, इकबाल अहमद, रजनीश रंजन, सौरभ राय, शिल्पा मेनन इस सफलता के बराबर के भागीदार हैं। जितनी यह पुस्तक संपादक के रूप में रवि के. मिश्र और मेरी है उतनी ही इनकी भी हैं। वाणी प्रकाशन ने इसे बहुत सुंदर कलेवर में प्रकाशित किया है। 20 जनवरी 2023 को पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी 4:30 बजे शाम को नेहरू मेमोरियल में ही इसका लोकार्पण करेंगे। आप सभी सादर आमंत्रित हैं।