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जिले में हर वर्ष औसतन 81 शिशु व 311 महिलाओं की हो रही मौत

       केंद्र व राज्य सरकार भले ही शिशु व मातृ मृत्यु दर रोकने के लिए पैसा पानी की तरह बहा रही हो लेकिन हरदोई जिले में हाल बेहाल है। हर वर्ष औसतन 81 शिशु व 311 महिलाओं की मौत विभाग की कलई खोल रही है। सीएमओ ने भी माना है कि जिले की स्थिति खराब है जिसपर रोंक लगाने के प्रयास किये जा रहे है।अभियान का प्रचार प्रसार न होना और टीकाकरण अभियान में रुचि न लेकर विभागीय कर्मी सरकार की मंशा को ही पलीता लगा रहे है।

                  मिशन इंद्रधुनष भारत सरकार का शिशु टीकाकरण कार्यक्रम है। मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्‍य साल 2020 तक यह सुनिश्चित करना है कि कम से कम 90 प्रतिशत बच्‍चों का उन सात रोगों के लिए टीकाकरण हो गया हो जिनका बचाव टीकाकरण से किया जा जा सकता है।इन सात टीका निवारणीय रोगों में डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा और हैपेटाइटिस बी शामिल हैं।इस महत्‍वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत 25 दिसंबर 2014 को केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जे पी नड्डा ने की थी।
   
                    हरदोई में मातृ व शिशु मृत्य दर के नतीजे चौंकाने वाले आये है।यहां हर साल 81 नवजात बच्चे व 311 महिलाएं मौत का शिकार हो रहे है। हरदोई सीएमओ डॉक्टर पीएन चतुर्वेदी ने माना है कि जिले की स्थिति खराब है जिसको सही किया जाएगा और 8 नवंबर से मिशन इंद्रधनुष के जरिये इस पर काम किया जाएगा।इस मिशन के तहत टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।सीएमओ ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान का उद्देश्य उन बच्चों का टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या डिफ्थेरिया ,बलगम, टिटनस ,पोलियो,तपेदिक ,खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी को रोकने जैसे सात टीके आंशिक रूप से लगे हैं।