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कच्ची शराब को बंद करने हेतु किया गया जागरूकता अभियान कार्यक्रम

कासिमपुर (हरदोई) : कच्ची शराब बनाने एवं बेचने वाले परिवारों को चिन्हित कर मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने की एक मुहिम की शुरुआत की। जिससे यह परिवार सम्मान का जीवन जी सके। इनकी आधारभूत संरचना विकसित कर इनके परंपरागत व्यवसाय को छुड़वाकर इन्हें रोजगार परक कड़ी से जोड़ना है।

इसी क्रम में विकास खंड कछौना की ग्राम सभा गौसगंज की कंजड़ बस्ती में चौपाल लगाकर जागरूकता गोष्ठी की गई। एचसीएल टीम ने कंजड़ बस्ती का घर-घर जाकर सर्वे किया। सभी परिवारों का डाटा तैयार किया, जिसमें कुल 25 परिवार चिन्हित किए गए। प्रशासन की अनदेखी के चलते आज भी यह परिवार मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। काफी परिवारों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, कागजों पर गांव खुले में शौच मुक्त होने के बावजूद इस बस्ती में मात्र एक शौचालय है। जिससे बस्ती के लोग पास के तालाब पर खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। काफी परिवारों के राशन कार्ड नहीं है, स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है, स्वास्थ्य उपकेंद्र पर डॉक्टर व एएनएम के नियमित ना आने के कारण इलाज हेतु यह कई किलोमीटर दूर कछौना जाने को मजबूर हैं। अधिकांश परिवार झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर हैं, जिसके चलते अनजाने में गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। 7 घरों के परिवार के बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, जिससे उन्हें शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। काफी आबादी निरक्षर है, कूड़ा निस्तारण के लिए कोई डस्टबिन नहीं लगाए गए हैं। जिससे यह लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकते हैं। यह लोग परिवार का भरण पोषण करने के लिए कच्ची शराब बनाने को मजबूर हैं, जिसमें सबसे ज्यादा शोषण महिलाओं का होता है। यह लोग नरक की जिंदगी जीने को विवश हैं। कच्ची शराब जीवन के लिए घातक होती है, आए दिन शराब पीने से लोगों की जान चली जाती है। समय-समय पर कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाए जाने से परिवार का मुखिया जेल चला जाता है, जिससे परिवार बिखर जाता है। घर के लोग गलत कार्यों में लिप्त हो जाते हैं, वह चाह कर भी इस दलदल से नहीं निकल पाते हैं। ऐसे में मुख्य विकास अधिकारी की मुहिम काफी अच्छी है।

इस चौपाल में एचसीएल के हेड योगेश कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि यह वास्तव में शिल्पकार परिवार है जो पूर्व में सिलबट्टे का कार्य करते थे। आधुनिक परिवेश में इस व्यवसाय की उपयोगिता ना होने के कारण यह लोग मजबूरी में कच्ची शराब में लग गए हैं। हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति मजबूरी एवं संसाधनों के अभाव में गलत कार्य करने को मजबूर न हो। जो आप लोग यह कार्य कर रहे हैं, यह कार्य अपने बच्चों को नहीं करवाना चाहते इसलिए एक संकल्प लेकर टीम प्रशासन के साथ कदमताल कर नई शुरुआत करनी है।

मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राणा ने कहा कि यह मुहिम एक दिन चौपाल लगाकर बड़ी-बड़ी बातें कर खत्म नहीं होनी चाहिए, जमीनी स्तर पर कार्य कर लोगों के जीवन में बदलाव लाना है। आपका उत्साह, इच्छा शक्ति सदैव बरकरार रहे, जिसके लिए प्रशासन के बीच गैप को दूर करना है। सभी लोग अपनी समस्याएं खुल कर बताएं हर परिवार की अलग-अलग समस्याएं हैं, हम लोग आपके जीवन में परिवर्तन के लिए शासन की योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं। विकास सतत प्रक्रिया है, हमारे अधिकारी सदैव आपसे संवाद बनाए रखेंगे। आपके संकल्प से बदलाव संभव है। मुख्य विकास अधिकारी के इस मुहिम की सभी लोग सराहना कर रहे हैं। वह लोग अब सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। उन्हें समाज में लोग सम्मान की नजर से देखेंगे, इससे वह काफी उत्साहित हैं।

इस अवसर पर उपायुक्त एन०आर०एल०एम० व डी०सी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी प्रमोद अग्रवाल, आबकारी निरीक्षक गिरीश कुमार पूरी टीम के साथ एच०सी०एल० टीम योगेश कुमार, संजय शुक्ला, अनिल, अमित गौड, सुमित दत्त, सौम्या, विभु, साहेबराव, भुवाल प्रजापति, ग्राम प्रधान हसरतुन निशा, प्रधानपति रियाजुल हक, एडीओ पंचायत कौशल किशोर, पशु चिकित्सा अधिकारी रामेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी रेणुका यादव, खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस, चौकी इंचार्ज आदित्य मौर्य, ग्राम सचिव कुलदीप कुमार, प्रदीप कुमार, कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

ख़बर- पी.डी. गुप्ता