डेंगू दिवस के अवसर निकाली गई जन जागरूकता रैली, बताए बचाव के उपाय

लखनऊ– राजधानी में बुधवार को डेंगू दिवस के अवसर सुबह 9:00 बजे 1090 चौराहे से जन जागरूकता रैली निकली गई। इस रैली में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की एनएम, पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट के छात्र-छात्राएं, सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मलेरिया विभाग के सभी कर्मचारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ कार्यालय के कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली के दौरान डेंगू से बचाव के उपाय और उसके लक्षण के बारे में बताया गया। इस दौरान रैली में सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल और डीजी परिवार कल्याण डॉक्टर नीना भी मौजूद रहीं।

तीन तरह का होता है डेंगू

– क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार

– डेंगू हैमरेजिक बुखार (डीएचएफ)

– डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस)

ये हैं लक्षण

क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार: इसमें ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना। सिर, मासपेशियों और जोड़ों में दर्द होना आखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है। बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना। शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना। डेंगू हैमरेजिक बुखार: नाक और मसूढ़ों से खून आना। शौच या उलटी में खून आना। स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चिकत्ते पड़ जाना। डेंगू शॉक सिंड्रोम: इसमें मरीज बहुत बेचैन हो जाता है और तेज बुखार के बावजूद उसकी स्किन ठंडी महसूस होती है। मरीज धीरे-धीरे होश खोने लगता है। मरीज की नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगती है। उसका ब्लड प्रेशर एकदम लो हो जाता है। इन तीनों में से दूसरे और तीसरे तरह का डेंगू सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। साधारण डेंगू बुखार अपने आप ठीक हो जाता है और इससे जान जाने का खतरा नहीं होता, लेकिन अगर किसी को डीएचएफ या डीएसएस है और उसका फौरन इलाज शुरू नहीं किया जाता तो जान जा सकती है। इन बातों का रखे ख्याल

– रुके हुए पानी से छुटकारा पाएं।

– मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का प्रयोग करें।

– सभी प्रवेश बिंदुओं को ब्लॉक करें।

– रोगी को मच्छर के कटाने से बचायें।

– मच्छरदानी का प्रयोग करें।

– कूड़ेदान को साफ रखें।

– घर के पास तुलसी के पौधे को रखें।

– किसी भी बर्तन में काफी दिन तक पानी न जमा होते दें।

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