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ब्लॉक मे 852 लाभार्थियों का आवास प्लस सूची मे नाम, पारदर्शिता के अभाव मे सैकड़ों पात्र वंचित

कछौना, हरदोई : हर व्यक्ति को छत मुहैया हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण शुरू की गई, लेकिन कई वर्षों पूर्व ग्राम सभाओं में प्राइवेट कर्मियों से कच्चे घरों के लाभार्थियों का सर्वे/जियो टैगिंग के माध्यम से आवास प्लस सूची तैयार की गई थी। जिसमें काफी अनियमितताएं होने के कारण काफी संख्या में पात्र लाभार्थी आवास प्लस सूची में वंचित रह गए।

विभागीय अधिकारियों की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते अभी तक इस सूची को ग्राम सभाओं में सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा नहीं की गई, क्योंकि वर्तमान समय में ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य आवंटन किया गया है। पूरे विकासखंड कछौना को 30 ग्राम सभाओं को 852 लाभार्थियों के लिए लक्ष्य दिया गया। जिनका आवास प्लस की पात्रता सूची में नाम है, उन्हें क्रमवार पात्रता का सत्यापन के बाद लक्ष्य आवंटन किया जाएगा। इस सूची में शामिल नामों का सत्यापन ग्राम सचिव, सेक्टर प्रभारी के माध्यम से किया जाएगा। उसके बाद जियो टैगिंग के माध्यम से सूची जिले को भेज दी जाएगी, वहां से स्वीकृत मिलने के बाद प्रथम किस्त की धनराशि एफटीओ के माध्यम से जारी कर दी जाएगी। यह धनराशि लाभार्थी के सीधे खाते में जाएगी।

प्रभारी विकास कुमार ने बताया कोई लाभार्थी किसी को कोई सुविधा शुल्क न दें, पारदर्शिता के अभाव में कुछ ग्राम प्रधान गुपचुप तरीके से लाभार्थियों से 10 हजार से 20 हजार रुपये का सुविधा शुल्क तय कर रहे हैं। आज भी विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते काफी संख्या में गरीब परिवार कच्चे घरों में त्रिपाल डाल कर जीवन यापन करने को विवश हैं। सरकार की मंशा पर विभागीय अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। एक अदद आवास के लिए उम्मीद लगाए हुए हैं। सैकड़ों लाभार्थियों के आवास सूची आवास प्लस में नाम न होने के कारण पात्र होने के बावजूद योजना से वंचित हैं।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता