आयुष पद्धति से उपचार के लिए डीएम, सीडीओ ने झण्डी दिखाकर रवाना किया प्रचार वाहन

बदायूँ: उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसायटी के अन्तर्गत जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त एवं मुख्य चिकित्साधिकारी निशा अनंत ने दो प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन अंचलों में जाकर आयुषविद्या से होने वाले उपचार का प्रचार प्रसार करेंगे।

डीएम ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा से ऋषि-मुनियों ने कई बड़ी-बड़ी बीमारियों का अच्छी तरह उपचार किया है। ऐसी अनेक गंभीर बीमारियां हैं, जिनका उपचार आयुर्वेदिक दवाओं से संभव है। आयुर्वेद चिकित्सा सिर्फ बीमारियों को ही ठीक नहीं करती, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की कला भी सिखाती है। आयुर्वेद चिकित्सा प्रकृति का अनमोल तोहफा है। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही आयुर्वेद की चिकित्सा मनुष्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनाई जाती है। यह रोग के कारण को समझकर उस बीमारी को जड़ से खत्म करने में सक्षम होती है और फिर वह बीमारी दोबारा नहीं होती। इस मौके पर स्टाफ डॉक्टर दीपक सिंह तोमर, गुंजन,संजय सक्सेना आदि स्टाफ मौजूद रहा ।

2. कोरोना के प्रति जागरुक रहें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें

बदायूँ: अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेन्द्र बहादुर सिंह ने एसपी सिटी जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 यशपाल सिंह के साथ तहसील एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों, एडीओ पंचायत, एबीएसए, पुलिस क्षेत्राधिकारियों को नोवेल कोरोना(कोविड-19) से बचाव एवं रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रशिक्षण दिया एवं आईजीआरएस समीक्षा बैठक की।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम एफआर, एसपी सिटी एवं सीएमओ ने कहा कि कोरोना के प्रति जागरुक रहें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बात करते समय एक मीटर का फासला बनाए रखें। मुंह ढककर ही बाहर निकलें। घबराए नहीं और बेखबर भी न रहें। इटली में यह वायरस बुरी तरह फेल चुका है और कई देशों में अपने पैर पसार रहा है। पैनिक न हों, होशियार रहें। दिन में कई बार हाथों को धोते रहें। ज़रूरी नहीं ब्राण्डेड सैनेटाइज़र का प्रयोग किया जाए। डेटोल एवं सेवलाॅन या किसी अच्छे साबुन से हाथों को धाएंगे तो वह भी सेनेटाइज़ का काम करेंगे। हाथों को डब्ल्यु एच ओ के अनुसार 20 से 30 सेकेण्ड तक अच्छे धाएं। छींकते समय हाथों को नाक पर न रखें। इससे नाक से निकले कण हाथों पर आ जाते हैं। छींक आने पर कोई कपड़ा पास में न होने पर कमीज की भुजा को नाक पर रख लें। बात करते समय एक से ढेड़ फिट का फासला बनाए रखें। कोरोना वायरस हवा में तेजी से फेलता है, इसलिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। पब्लिक ट्रांसपार्ट को प्रयोग मंे लेने से बचें। कम से कम यात्रा करें। अपने रहने, काम करने के स्थान, कुर्सी, दरवाजे़ के हैण्डल को सेनेटाइज़ करते रहें। साफ-सफाई बहुत ज़रूरी है।

3. अत्यधिक भीड़ में कोरोना के फैलने की होती है सम्भावना : डीएम

बदायूँ: जिला मजिस्टेट कुमार प्रशान्त ने आदेश दिया है कि कोविड-19 (नोबेल कोरोना वाइरस) को फैलने से रोकने के लिए यह आवश्यक है कि एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न हो। प्रायः यह देखा गया है कि विभिन्न आमोदगृहों यथा सिनेमा हाॅल/सिनेप्लेक्स, व्यायामशालाएं (जिम), स्वीमिंग पूल, स्नूकर (पूल टेबिल) आदि स्थानों पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित होती है जिस कारण कोविड-19 (नोबेल कोरोना वाइरस) के फैलने की सम्भावना रहती है।वर्तमान में चल रहे ब्वअपक.19 (नोबेल कोरोना वाइरस) से बचाव एवं नियंत्रण किये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग-5 की अधिसूचना संख्या-548/ पांच-5/2020 दिनाॅक 14.03.2020 के प्रस्तर 12(बारह) एवं उ0 प्र0 चलचित्र विनियमन अधिनियम 1955 (यथासंशोधित) प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त समस्त संबंधित आमोदगृह परिसर के स्वामियों/संचालकों एवं प्रबंधकों को आदेशित किया जाता है कि वह अपने आमोदगृह को दिनाॅक 31.03.2020 तक जनहित में पूर्ण रूप से बंद किया जाना सुनिश्चित करें।उक्त आदेश का उल्लंघन उपरोक्त अधिसूचना के प्रस्तर 15 में प्रदत्त व्यवस्था के अनुसार भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगे।

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