दातागंज में जमकर हो रहा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, प्रशासन जानते हुए भी मौन

जमीनों पर कब्जा करने के लिए जितने दोषी भू-माफिया है उससे कहीं अधिक दोषी जिले के अफसर भी

अंकित सक्सेना बदायूँ-

बदायूं- शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी जिले के भू-माफियाओं पर शासन-प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि जिले में निजी व सरकारी जमीनों पर भू-माफि याओं द्वारा अवैध कब्जे करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

जमीनों पर कब्जा करने के लिए जितने दोषी भू-माफिया है उससे कहीं अधिक दोषी जिले के अफसर भी हैं। क्योंकि अफसर मौके पर जाकर स्थिति देखने की बजाए पूरी तरह अपने मातहतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। इसी कारण पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता और वह न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर हो जाता है । प्राय: देखने में आता है कि लोग अपनी जमीनों से कब्जा हटवाने के लिए ज़िम्मेदारों के दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक जाते हैं और न्याय नहीं मिलने पर थक-हारकर अपने घर बैठ जाते हैं।

जिले के अफसरान पूरी तरह लेखपाल व थाना पुलिस के ऊपर निर्भर होकर रह गए हैं। लेखपालों व थाना पुलिस की मनमानी का हाल ये है कि दोनों विभागों के लोग भू-माफियाओं से समझौता कर लेते हैं और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की बजाए उसे प्रताड़ित करते हैं। अफसर भी अपने मातहतों की रिपोर्ट पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं, चाहे वह सही हो या गलत। लेखपालों व थाना पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित हाथ में शिकायती पत्र लेकर अफसरों के दफ़तरों के चक्कर लगाता रहता है और अफसर बार-बार उन्हीं कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगते रहते हैं जो पीड़ित का हर तरह से शोषण करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि हर हाल में जमीनों से अवैध कब्जा हटवाएं जाएं। लेकिन जिले के अफसर व कर्मचारी सीएम के निर्देश को हवा में उड़ाकर अपनी मनमानी पर उतारु हैं।

निजी जमीन पर कब्जा करने का एक ऐसा ही मामला दातागंज क्षेत्र में प्रकाश में आया है। क्षेत्र के गांव पड़ेली में रहने वाले मनोहर पुत्र प्रकाश के घर के सामने पड़ी जगह पर गांव के कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। दबंगों के कब्जे से अपनी जगह मुक्त कराने के लिए पीड़ित मनोहर डीएम, एसएसपी से लेकर क्षेत्रीय सांसद व विधायक को पत्र देकर कई बार न्याय की गुहार लगा चुका है। पीड़ित का कहना है कि अधिकारी व सांसद, विधायक कई बार थाना पुलिस को अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दे चुकें हैं, लेकिन दातागंज पुलिस किसी अधिकारी व नेता का निर्देश मानने को तैयार नहीं है।

आरोप है कि थाना पुलिस व लेखपाल ने भू-माफियाओं से कोई अंदरुनी समझौता कर लिया है। जिसकी वजह से पुलिस व लेखपाल दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उल्टा पीड़ित पक्ष को धमकाते हैं। मनोहर ने बताया कि वह न्याय की आस में कई बार जिले के अफसरों से मिल चुका है, लेकिन आज तक उसे न्याय नहीं मिल सका है। सोमवार को भी मनोहर अवैध कब्जा हटवाने के लिए प्रभारी एसएसपी डा.एसपी सिंह से मिला और अपनी जगह को दबंगों से कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। प्रभारी एसएसपी ने मनोहर प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस को जमकर लताड़ लगाई और मौके पर जाकर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। प्रभारी एसएसपी की लताड़ के बाद थाना पुलिस मौके पर तो गई, लेकिन पीड़ित पक्ष से बात करने की बजाए दबंग पक्ष के लोगों से मिलकर वापस लौट गई। जब पीड़ित ने प्रभारी एसएसपी के निर्देशों का हवाला देकर थाना पुलिस से बात की तो पुलिस ने पीड़ित की बात सुनने की बजाए उल्टा उसे धमकाते हुए जेल भेजने की धमकी दे डाली। जेल भेजने की पुलिस की धमकी से पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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