युवाओं के लिए गणतन्त्र दिवस का महत्त्व

January 24, 2020 0

शालू मिश्रा, युवा साहित्यकार/अध्यापिका (नोहर), रा.बा.उ.प्रा.वि.सराणा (जालोर) अबकी बार हम सब भारत का 71 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। भारत के प्रत्येक नागरिक को बङी ही उत्सुकता से इस विशेष दिन का इंतज़ार […]

प्रार्थना में शक्ति बनाम थोथी भक्ति

January 21, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- सच तो यह है कि तथाकथित धर्मानुरागी ‘प्रार्थना’ का वास्तविक अर्थ जानते ही नहीं। मनुष्य जैसे ही आत्म-केन्द्रित अथवा परिवार-केन्द्रित अभिलाषा और आकांक्षा की पूर्ति के लिए हाथ जोड़ता है, उसकी प्रार्थना […]

जागो! वरना यह सरकार भूखों मार डालेगी

January 14, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज सम्पूर्ण देश में ‘महँगाई’ बुरी तरह से अपने पैर फैला चुकी है; अफ़सोस! इस विषय पर देश की सरकार ‘दिव्यांग’ सिद्ध हो चुकी है। वह किंकर्त्तव्यविमूढ़ बन चुकी है, इसीलिए वह […]

देश की सरकार का ‘असली चेहरा’ पढ़िए!

January 14, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सम्मानित देशवासीगण! आज भारत राष्ट्र की अखण्डता, एकता तथा सम्प्रभुता संकट में है। अपने देश का लोकतन्त्रीय ढाँचा ध्वस्त होने की स्थिति में है। इसके लिए देश का सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष उत्तरदायी […]

मठाधीशो! इन विषयों के लिए ‘चिन्तन-शिविर’ कब लगाओगे?

January 13, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– ★ देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ बलप्रयोग करने से देश की सरकार कैसे बाज़ आयेगी? ★ ‘नारी-स्वाभिमान’ और “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के नाम पर दिख रही अत्याचार की पराकाष्ठा […]

भारत की सरकारों के ‘हिन्दीप्रेम’ का यथार्थ

January 11, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कल ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ था और ऊपर भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी का १५ दिसम्बर, २०१५ ई० का पत्र है, जिसे उन्होंने ‘विश्व हिन्दी-दिवस’ के अवसर पर प्रसारित कराया था। बोलने-लिखने-ट्वीट आदिक करने […]

क्या सुनोगे किस्से…

January 6, 2020 0

राम वशिष्ठ (युवाचिन्तक व फिल्म निर्देशक)– किस्से है बलिदान के , साहस के और वीरता के , स्वधर्म पर मर मिटने के । क्या कर सकोगे हौसला उन बलिदानी , साहसी , वीरों के संघर्ष […]

देवभूमि समाचार पत्र के अतिथि संपादक होंगे डॉ. राजेश पुरोहित

December 30, 2019 0

भवानीमंडी:- देहरादून उत्तराखण्ड से प्रकाशित लोकप्रिय व प्रतिश्ठित देवभूमि समाचार पत्र के 6 जनवरी 2020 के अतिथि सम्पादक डॉ .राजेश पुरोहित, भवानीमंडी (झालावाड) राजस्थान के ख्यातिनाम कवि, लेखक एवम वरिष्ठ साहित्यकार रहेंगे। पुरोहित ने बताया […]

कपड़े की फेरी करने वाले महेश ने साहित्य जगत में बनाई नई पहचान

December 28, 2019 0

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी कहते हैं आसमान वे छूते हैं जिनमें हौसले होते हैं ऐसा ही कर दिखाया एक नौजवान साहित्य की सेवा में लगे हुए महेश राठौर सोनू ने, जो कि मध्य प्रदेश के रीवा […]

इन्दिरा गांधी की जन्मतिथि के अवसर पर ही आनन्द भवन पर गृहकर की सूचना क्यों ?

November 19, 2019 0

◆ नगर निगम, प्रयागराज के काले कारनामे डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश की भूतपूर्व प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी की जन्मतिथि (१९ नवम्बर) के अवसर पर ‘नगर निगम’ ने ‘आनन्द भवन’, प्रयागराज के प्रशासक के पास ‘गृहकर’ के […]

हिन्दी की रोटी, अंग्रेज़ी की आग !

November 12, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’- हर बार की तरह इस बार भी हिन्दी दिवस हिन्दी की याद दिलाकर गुज़र गया । हिन्दी का विकास हो रहा है, प्रचार – प्रसार में बड़ी -बड़ी बातें कहते हुए नीति […]

धुंध में लिपटी राजधानी

November 5, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक एवं साहित्यकार- दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती […]

घोर ‘अतिवाद’ का परिचय देती भारत-सरकार!

October 29, 2019 0

◆ किसकी पहल पर जम्मू-कश्मीर में ‘विदेशी’ सांसद बुलाये गये? डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की सरकार इन दिनों जिस तरीक़े से अपने चरित्र-चाल-चेहरा को अन्तरराष्ट्रीय मंचों से ख़ूबसूरत दिखाने की कोशिश कर रही है, वे […]

सत्ताधारियों! देशवासियों को उत्तर दो।

October 20, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के मतदाताओं ने तुम्हें सत्ता इसलिए नहीं सौंपी है कि अपनी निष्क्रियता का ठीकरा पूर्ववर्ती सत्ताधारियों पर फोड़ते रहो और बेशर्म बनकर अपनी नाकामियाँ छिपाते रहो। वर्ष २०१४ से पहले के […]

केन्द्र और महाराष्ट्र के शासन-संचालक महाराष्ट्र की स्थानीय चुनौतियों का सामना करने से भयभीत क्यों हैं ?

October 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ‘आदित्यनाथ योगी’ के नाम ‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय’ का मुक्त पत्र

October 16, 2019 0

महोदय! उत्तरप्रदेश राज्य में जी रहे जनसामान्य का जीवन आज जितना आतंकपूर्ण है उतना कभी नहीं रहा। जिस भाँति आपके राज्य की सरकार अकल्पनीय-अप्रत्याशित निर्णय कर राज्य के नागरिकों को हतप्रभ और भयभीत करती आ […]

इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन

October 2, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है! प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ आवागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था […]

हे ईश्वर! हम ‘भारतीय’ कितने मूर्ख हैं

September 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आपने कभी विचार किया है :– भारतीय अपनी सन्तति की जन्मतिथि (जन्मदिन का प्रयोग अशुद्ध और अनुपयुक्त है।) के अवसर पर आयोजित समारोहों में जलती हुई मोमबत्तियों को क्यों बुझाते हैं? ‘केक’ […]

०समय-सापेक्ष चिन्तन० तब ‘रावण’ का भी ‘विकल्प’ पूछा जाता था

September 30, 2019 0

रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]

1 2 3 16
url and counting visits