लोकतंत्र में पत्रकार पर आफत

September 25, 2017 0

राम वशिष्ठ- 20 सितंबर 2017 यानि पाँच दिन पहले त्रिपुरा के मंडई में स्थानीय टीवी पत्रकार शांतनु भौमिक की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई । शांतनु की हत्या पर ऐसा आक्रोश नहीं दिख […]

अब तो लिखना है मुझको भारत माँ के छालों पर

September 19, 2017 0

मनीष कुमार शुक्ल ‘मन’ लखनऊ- लिखते लिखते थक गया हूँ लाल गुलाबी गालों पर | लिखना मुश्क़िल हो रहा है प्रेमिका के बालों पर || अब तो लिखना है मुझको भारत माँ के छालों पर […]

उच्चतम न्यायालय का तीन तलाक़’ को भरपूर तमाचा !

August 24, 2017 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का एक विश्लेषणात्मक आलेख- ऐसा कोई सम्प्रदाय नहीं है, जो मानवीयता का उपहास करता हो और एकपक्षीय विधान की व्यवस्था करता हो। सृष्टि में मात्र दो जातियाँ हैं :— प्रकृति (नारी) और […]

मूल अधिकारों पर जमी धूल

August 24, 2017 0

राघवेन्द्र कुमार- लोकतंत्र के महाग्रंथ भारतीय संविधान में मूल अधिकारों के खाने में एक समता का अधिकार रखा हुआ है । निद्रा देवी के थोड़ी जल्दी जाने के कारण मन में कुछ इच्छा जगी कि […]

ज्ञानगंगा- कलियुग के यथार्थ का उद्घाटन करते युधिष्ठिर के उत्तर

August 20, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह कथा तब की है, जब पाण्डव अज्ञातवास की अवधि व्यतीत कर रहे थे। उनके सामने समस्या थी, ऐसा सुरक्षित स्थान ढूँढ़ने की, जहाँ तक कोई पहुँच न सके। फिर क्या था, […]

उत्तरप्रदेश अब ‘बेलगाम प्रदेश’ हो चुका है !

August 19, 2017 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- समाजवादी पार्टी जब तक सत्ता में बनी रही तब तक उत्तरप्रदेश गर्दिश में रहा। तरह-तरह के अपराधों के सामने तत्कालीन सरकार करबद्ध मुद्रा में दिखती रही, क्योंकि निवर्तमान मुख्य मन्त्री के मन्त्री, […]

केन्द्रीय कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भारी भरकम धन मुहैया कराया जाना आखिर कहां तक उचित

August 19, 2017 0

 विजय कुमार- केन्द्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार केन्द्रीय कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा हेतु शिक्षा भत्ता 2250 रुपये प्रतिमाह एवं उनके हास्टेल खर्च हेतु 6750 रुपये प्रतिमाह यानि कुल 9000 […]

देश की जनता ‘सत्ता’ से बेदख़ल करना जानती है

August 18, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (9919023870 / prithwinathpandey@gmail. com) इतिहास से सीख न लेने पर महान् शक्तियाँ भी पराजित होती रही हैं फिर एक सामान्य व्यक्ति जब ‘बलप्रयोग’ करते हुए, अतिरेकता की ओर बढ़ता है तब उसकी […]

प्रकाशन-जगत् का ‘काला’ सच!

August 17, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (9919023870 / prithwinathpandey@gmail) पुस्तकें जीवन-मरण का आख्यान करती हैं। पुस्तकें कृष्ण और शुक्ल-पक्षों का अनावरण करती हैं। पुस्तकें मर्मान्तक पीड़ा देती हैं। पुस्तकें मन-प्राणों पर इन्द्रधनुषी रंगों का अनुलेपन करती हैं। पुस्तकें राग-अनुराग […]

आजादी की 71 वी वर्षगांठ पर लोकतन्त्र का मूल्यांकन

August 15, 2017 1

 राम वशिष्ठ- देश को आजाद हुए 70 साल हो गए । देश ने तरक्की भी की काफी और कुछ मोर्चो पर निराशा भी होती है कि आज भी हम कितने नाकाम है । काले बादलों […]

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