सत्ताधारियों! देशवासियों को उत्तर दो।

October 20, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के मतदाताओं ने तुम्हें सत्ता इसलिए नहीं सौंपी है कि अपनी निष्क्रियता का ठीकरा पूर्ववर्ती सत्ताधारियों पर फोड़ते रहो और बेशर्म बनकर अपनी नाकामियाँ छिपाते रहो। वर्ष २०१४ से पहले के […]

केन्द्र और महाराष्ट्र के शासन-संचालक महाराष्ट्र की स्थानीय चुनौतियों का सामना करने से भयभीत क्यों हैं ?

October 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ‘आदित्यनाथ योगी’ के नाम ‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय’ का मुक्त पत्र

October 16, 2019 0

महोदय! उत्तरप्रदेश राज्य में जी रहे जनसामान्य का जीवन आज जितना आतंकपूर्ण है उतना कभी नहीं रहा। जिस भाँति आपके राज्य की सरकार अकल्पनीय-अप्रत्याशित निर्णय कर राज्य के नागरिकों को हतप्रभ और भयभीत करती आ […]

इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन

October 2, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है! प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ आवागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था […]

हे ईश्वर! हम ‘भारतीय’ कितने मूर्ख हैं

September 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आपने कभी विचार किया है :– भारतीय अपनी सन्तति की जन्मतिथि (जन्मदिन का प्रयोग अशुद्ध और अनुपयुक्त है।) के अवसर पर आयोजित समारोहों में जलती हुई मोमबत्तियों को क्यों बुझाते हैं? ‘केक’ […]

०समय-सापेक्ष चिन्तन० तब ‘रावण’ का भी ‘विकल्प’ पूछा जाता था

September 30, 2019 0

रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]

क्या चाहते हैं, देश की सरकार चलानेवाले?

September 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- 0 निजता का हनन्। 0 देश का प्रत्येक नागरिक असुरक्षित। 0 देश की संरक्षा-सुरक्षा के स्थान घृणित प्रतिशोध की नीति अपनाती सरकार। 0 देश का प्रधानमन्त्री आत्म प्रदर्शन करने में तल्लीन। 0 […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ कब सार्वजनिक करेंगे?

September 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी जनसामान्य को रिश्वतख़ोरों, दलालों तथा भ्रष्ट शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों की दादागिरी और मनमाने आचरण से बचाने के लिए ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ क्यों नहीं सार्वजनिक करते? जिस तरह से […]

बी० एड्०, बी० पी० एड्०-टी० ई० टी० आदिक शैक्षिक योग्यतावाले अभ्यर्थी और विद्यार्थी अब ‘जायें-तो-जायें-कहाँ’ की स्थिति में!..?

September 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी हमारे उक्त अभ्यर्थियों-विद्यार्थियों के साथ मिल-बैठकर उनके प्रतिनिधिमण्डल के साथ सकारात्मक संवाद कर, कोई ‘मध्यम मार्ग’ निकालने पर विचार क्यों नहीं करते? हमारा युवावर्ग टूटता जा रहा […]

‘परम्परा’ और ‘सत्यबोध’ के साथ बलप्रयोग कर ‘दिव्य कुम्भ’ का आयोजन करनेवालो! सुनो और देखो

September 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रयागराज में ‘दिव्य कुम्भ’ के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, उत्तरप्रदेश-राज्यपाल-मुख्यमन्त्री, प्रमुख विपक्षी राजनेत्री-नेता आदिक शान के साथ डुगडुगी पिटवाते हुए पधारे थे; संगमस्नान किये थे; यहाँ तक कि प्रधानमन्त्री कवच-कुण्डल धारण […]

बलात्कार के आरोपित स्वामी चिन्मयानन्द स्वामी की गिरिफ़्तारी अभी तक क्यों नहीं?

September 17, 2019 0

इन दिनों उत्तरप्रदेश में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन-उत्पीड़न आदिक अपराध प्रगति पर हैं। राजनेता, सन्त, महन्त, धर्मोपदेशक ‘बलात्कारी’ के रूप में बलात्कार-आसन पर स्थापित होते जा रहे हैं; किन्तु ‘नारी-स्वाभिमान’, ‘नारी-सशक्तीकरण’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आदिक […]

हिन्दी दिवस विशेष :- “हिन्दी हमारी जीवनशैली एवं हमें हमारी मां की तरह प्यारी है”

September 13, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”          हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं,बल्कि यह हमारे अल्फाजों को समेट, हमारी बातों को सरलता एवं सुगमता से कहने का विशेष माध्यम हैं। हिन्दी बिल्कुल हमारी की तरह ही हमसे […]

डॉ० निश्शंक/निशंक! हमारे शिक्षित बेरोज़गार विद्यार्थियों के घाव पर नमक न छिड़कें

September 10, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मन्त्रि जी! बी०एड्० की अनिवार्यता ‘घास’ छीलने के लिए की गयी है? आप संवादहीनता की स्थिति क्यों उत्पन्न कर रहे हैं? ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ में जो ‘दलाल’ (कमीसनख़ोर) बैठे हुए हैं और […]

चिन्तन : प्रेरणा, तू क्यों दुष्प्रेरित हुई ?

September 5, 2019 0

प्रेरणा नम्रतामयी होती है । मूढ़मतियों को जागरण के सोपानों पर चढ़ने की उपादेशना है । यह ऐषणाओं को दृष्टाभाव नहीं कर्ताभाव की ओर लक्षित करती है। प्रेरणा अवकाशभोगी दार्शनिक नहीं, पार्थिव काया-माया की जटिल […]

‘शिक्षक-दिवस’ पर विशेष टिप्पणी : “शिक्षे! तुम्हारा नाश हो”

September 5, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज ९९ प्रतिशत गुरु कुटिल बन चुके हैं। वहीं पूर्व के गुरु, जो जीवन-मूल्यों की ‘कल’ तक रक्षा करनेे के लिए प्राण-पण से तत्पर रहते थे और अपने शिष्यवृन्द को भी चैतन्य […]

विचारणीय-शोचनीय : मोदी है तो मुमकिन है?..!

September 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– केन्द्र-राज्य की सरकारों ने देश की जनता की गाढ़ी कमाई को बेहयाई के बेसन में लपेटकर पकौड़ीनुमा निर्दय अर्थव्यवस्था की कूटनीतिभरी बर्बरता की दहकती कड़ाही में तलकर चट करने की नीतियाँ बनाती […]

राष्ट्र के सम्पूर्ण विकास हेतु ‘भ्रष्टाचार की लत’ छोड़नी होगी

August 31, 2019 0

आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) आज हमारा राष्ट्र जिस परिवर्त्तन के दौर से गुज़र रहा है उसमें एक ओर विकास की छलाँग है तो दूसरी ओर महँगाई की मार एक ओर भारत अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने […]

अब तक के सबसे घातक-भीषण आर्थिक संकट और सन्त्रास के दौर से गुज़रता देश

August 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – इस समय देश में शासन करनेवाले भले अपनी पीठ थपथपा लें फिर भी वर्तमान और भविष्य अतीव भयावह दिख रहा है। नोटबन्दी और जी०एस०टी० के दुष्प्रभाव का ही परिणाम है कि […]

स्वर्गीय अरुण जेटली को भावभीनी श्रद्धांजलि

August 25, 2019 0

विजय कुमार, अझुवा कौशाम्बी- दिवंगत जेटली जी को स्मरण करता हूं तो आंखे नम हो जाती हैं वह न सिर्फ एक कुशल वक्ता, अधिवक्ता और राजनेता थे अपितु उन्होने मां भारती के हित के लिए […]

भारत के प्रसिद्ध अ धिवक्ता व राजनेता ‘अरुण जेटली’

August 25, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’- श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी भारत के वित्त मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में काले धन नकली मुद्रा और आतंकवाद पर अंकुश लगा। भ्र्ष्टाचार खत्म हुआ। जेटली ने कहा था धर्म के आधार […]

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