ग्रामीण पत्रकार और कवि सुधीर अवस्थी के मन की बात

February 5, 2019 0

व्याकुल मन की अकुलाहट को शब्द दिए बिना मुझसे नहीं रहा जाता। यही मेरी मजबूरी और कमजोरी है। जिससे कई बार मुझे सुखद और दुखद स्थितियों का सामना करना पड़ा। अपनी व्याकुल मन की पीड़ा […]

उत्तरप्रदेश-सरकार का फ़रमान जारी :– ‘पाठशाला’ नहीं, ‘गोशाला’ ज़रूरी

January 5, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सुनो-सुनो-सुनो! जहाँ-जहाँ पाठशालाएँ हैं वहाँ-वहाँ अब लावारिस घूम रहीं गायों के लिए ‘गोशालाएँ’ बनायी जायेंगी, इसलिए माँ-बाप कल से अपने बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था अब स्वयं करें। उत्तरप्रदेश की सरकार अब […]

नया साल नया संकल्प, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के विचार के साथ बालामऊ गाँव में युवाओं ने पुनर्जीवित किया प्राचीन विशाल कुआँ

January 1, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार राघव- नया साल नया संकल्प स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत । स्वच्छता और मानसिकता साथ ही चलते हैं । किसी और पर स्वच्छता के लिए आश्रित होना तो एक तरह से पाप है । […]

‘पृथ्वीनाथ पाण्डेय’ किसी राजनीतिक दल अथवा व्यक्तिविशेष का ‘क्रीतदास’ नहीं, बल्कि एक उन्मुक्त वैचारिक ‘प्रभंजन’ है

December 22, 2018 0

मेरी यह टिप्पणी उन सभी के लिए है, जो मुझे किसी भी राजनीतिक दल के प्रवक्ता के रूप में अपने विकृति दृष्टिपथ पर लाकर वर्षों से देखते और प्रतिक्रिया करते आ रहे हैं :–मैं उन […]

‘उत्तरप्रदेश उच्चतर शिक्षा आयोग’, इलाहाबाद की अकर्मण्यता सामने आयी : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

December 20, 2018 0

‘असिस्टेण्ट प्रोफेसर-परीक्षा’ के लिए प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘लिए’, ‘मस्तिष्क’, ‘प्रस्तुतीकरण’, ‘प्रवृत्ति’, ‘वैयक्तिक’ आदिक शब्द नहीं लिख सके?.. ! भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने प्रश्नपत्र बनानेवालों की योग्यता पर प्रश्न उठाया है । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]

किसानों का कर्ज क्यों नहीं माफ होना चाहिए ?

December 19, 2018 0

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी क्या हुई, कुछ लोगों की छाती पर सांप लोट गया है, इस सांप के डिस्को डांस करने की वजह कुछ और नहीं 2019 का टूटता ख्वाब है, […]

क्या बिस्मिल, अशफ़ाक और रोशन याद हैं ?

December 19, 2018 0

 दोस्तों १९ दिसम्बर अमर सेनानी पण्डितराम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़उल्ला खान वारसी ‘हसरत’ और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस है | इन्हें १९२७ को गोरखपुर में फांसी दे दी गयी थी । ये तीनों ही […]

चाह, साहस और अनुभव

December 13, 2018 0

आकांक्षा मिश्रा- यह हर्ष का मौसम है सुनकर तुम्हें अजीब लगेगा मौसम तो आते हैं और जाते हैं लेकिन हम रहते है मौसम में ही एक लंबे अंतराल के बाद तुम्हें देखती हूं तो लगता […]

उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़!

November 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]

नरेन्द्र मोदी को ‘चैम्पियन्स ऑव़ द अर्थ’ एवार्ड देने का औचित्य?

October 5, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ‘एवार्ड’ देने की बेईमानी किस तरह से की जाती है, इसे अपने देश में ही रहकर समझा जा सकता है। हमारे देश में सड़क और रेल-मार्गों के किनारे वर्षों […]

देश की जनता को ब़गावत की राह पर ले जा रही देश की राजनीति

October 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रसोई गैस, डीज़ल, पेट्रोल, समस्त खाद्य पदार्थ तथा दैनिक उपभोग-उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान पर; सभी विपक्षी दल मौन? सत्ता और विपक्षदल मिलकर दोनों हाथों से देश की जनता को दूह […]

—–० समय-सापेक्ष चिन्तन ०—– तब ‘रावण’ का भी ‘विकल्प’ पूछा जाता था

September 30, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसके ‘दुष्कर्म के घड़े’ में […]

इलाहाबाद के ‘प्रयागराज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब’ और ‘आकाशवाणी’-दूरदर्शन’ की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न (?)

September 29, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद का इलेक्ट्रॉनिक मीडियातन्त्र (समाचार-चैनलकर्मी) दायित्वविहीन हो चुका है। यहाँ के बौद्धिक-साहित्यिक आयोजनों के प्रति उसमें कोई रुचि नहीं रहती। कहने और दिखाने के लिए देश के लगभग सभी चैनलों ने इलाहाबाद […]

“डंके की चोट पर” : डगरनेवाला लोटा बेहद ख़तरनाक!

September 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मैं तो आरम्भ से ही सबसे अलग-थलग व्यक्ति रहा हूँ, इसलिए ‘समाज और संविधान’ की किसी भी ग़लत रीति-नीति को पचा नहीं पाता। यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्थान को अनीति को बढ़ावा […]

भारत को लूटो, भारत से भागो, नई योजना आई है क्या प्रधानमंत्री जी

September 24, 2018 0

साभार- रवीश कुमार (वरिष्ठ टीवी पत्रकार)- ऐसा लग रहा है कि भारत से भागने के लिए एयरपोर्ट पर अलग से काउंटर बना हुआ है। जहां से बैंक लूटने वालों को भागने में मदद की जा […]

मेहनत से खुलते हैं प्रगति के द्वार

September 23, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक, साहित्यकार मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये पंक्तियां व्यक्ति को मेहनती बनाती है। मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेहनत करने से ही किसी व्यक्ति जाति या […]

‘अतिवादी’ राष्ट्रवादियों से बचें!

August 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक और ‘भारत’ के साथ बँटवारे का बीभत्स खेल शुरू हो गया है। पहली ओर, हिन्दू है और दूसरी ओर, मुसलमान। भारतवासियों का मानसिक स्तरवर्द्धन करने के स्थान पर उनके मन-बुद्धि में […]

वन्दे मातरम गीत देशभक्ति जगाता है

August 10, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” (साहित्यकार) वन्दे मातरम का अर्थ है मैं माता की वंदना करता हूँ। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत बांग्ला मिश्रित भाषा मे इस गीत की रचना की थी। 1882 में उनके उपन्याद आनन्द […]

ब्राह्मण के नाम पर देवरिया के दो कलंकिनी और एक कलंकी!

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देवरिया (उत्तरप्रदेश) के सदर कोतवाली-स्थित एन०जी०ओ० ‘माँ विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा-संस्थान’ द्वारा संचालित ‘बालिका-गृह’ की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसका पति मोहन त्रिपाठी तथा उसकी बेटी व्यभिचार, यौनशोषण-प्रकरण तथा देह-व्यापार में […]

“सुरमई अँखियों में इक नन्हा-मुन्ना सपना दे जा रे!”

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  अभिनय में वह शक्ति है, जो पाषाण को भी द्रवीभूत कर दे। ‘सदमा’ अर्थात् आघात मनुष्य को एक ऐसी मानसिक अवस्था में प्रवेश कराता है, जहाँ उसका जीवन किसी अभिनय से अल्पतर […]

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