The Nature of Love

January 18, 2026 0

Dr. Raghavendra Kumar Raghav— The human body is composed of the five great elements—earth, water, air, fire, and ether. In the Indian philosophical tradition, these five are not merely components of the body; they are […]

वाइट-कॉलर आतंकवाद: राष्ट्र के भीतर पनपता अदृश्य खतरा

January 4, 2026 0

शाश्वत तिवारी– देश के भीतर हो रही शिक्षा, प्रतिष्ठा और आतंक की खतरनाक जुगलबंदी पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ‘वाइट-कॉलर आतंकवाद’ को लेकर व्यक्त की गई चिंता केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि भारत की […]

नूतन वर्ष मे प्रबुद्धजन की चिन्ता और उनके संकल्प : समाज की सच्ची तस्वीर पेश करती हुई

December 31, 2025 0

प्रयागराज। अभिनव वर्ष की पूर्व-संध्या मे ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से एक राष्ट्रीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद-आयोजन किया गया, जिसमे प्रबुद्धजन ने अपनी-अपनी चिन्ता के साथ अपना-अपना विचार और संकल्प सार्वजनिक किया। आशा राठौर (सहायक प्राध्यापक– […]

घर का अलाव : तपता

December 28, 2025 0

मेरे दादा (भाई बाबा) उस पीढ़ी के मुखिया और बड़े भाई थे, जिसमें बड़े भाई का सम्मान पिता की तरह होता था। साथ ही बैसवारा की परंपरा कि बड़े भाई को खेती-बाड़ी और घर-दुवार के […]

उत्तरप्रदेश का सियासी पारा गरमाते ‘क्षत्रिय’ और ‘ब्राह्मण’-विधायक!

December 24, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••(शीघ्र ही इसके समस्त पक्षोँ पर विस्तृत विश्लेषण सार्वजनिक करूँगा।) उत्तरप्रदेश का पारा तो गिर रहा है; परन्तु सियासी पारा तेज़ी मे चढ़ता दिख रहा है। हाल ही मे कुन्दरकी के […]

भारतीय परम्परा के आधुनिक नैतिकता से अधिक वैज्ञानिक होने का प्रमाण : नियोग

December 17, 2025 0

भारतीय परम्परा के आधुनिक नैतिकता से अधिक वैज्ञानिक होने का प्रमाण : नियोग भारतीय वैदिक परंपरा को लेकर आज एक सामान्य प्रवृत्ति दिखाई देती है कि हम उसे या तो आँख मूँदकर पूजते हैं या […]

इन सारे प्रश्नो के उत्तर किससे लिये जाने चाहिए– जनता पूछती है

December 14, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••ख़ाली पदोँ को कब भरवाओगे? महँगाई अपनी चरम सीमा की ओर भाग रही है; नियन्त्रण के लिए कौन-सा मार्ग अपनाये हो? तुम्हारे देश की आर्थिक स्थिति चरमरा चुकी है; रिश्वतख़ोरी, […]

कब तक पालते रहोगे, सूर्यकुमार यादव को?

December 12, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अब तक का सर्वाधिक निर्लज्ज और निखट्टू कप्तान सूर्यकुमार यादव है, जोकि शर्मनाक पराजय के बाद भी च्यूइंगम चबाते हुए, बेशर्म की तरह से दाँत निकाले रहता है। वह अब […]

अपनी भूलें स्वीकार करो

December 7, 2025 0

राघवेन्द्र कुमार राघव– रिश्ते पर धूल जमी हो तोधूल उड़ा दो यारों।दुनिया में ग़म ही तो हैं खुशियों को ढूंढों यारों। सभी चढ़ें हैं वक्त के रथ परयूँ ना उम्र गुजारो।एक बार यदि ये गुजरीतो […]

संविधान, मानो बच्चोँ के हाथोँ मे चाबीभरा खिलौना हो

November 26, 2025 0

संविधान-दिवस के अवसर पर विशेष प्रस्तुति विषय-प्रवर्तन करते हुए, जबलपुर उच्च न्यायालय की अधिवक्ता रश्मि मल्होत्रा ने बताया– बेशक, आज संविधान ख़तरे मे है। जिन्हेँ संविधान के ‘स’ की समझ नहीँ और देश के स्वयम्भू […]

शक्ति और श्रेष्ठता का सही अर्थ

November 24, 2025 0

राघवेन्द्र कुमार– शक्तिशाली वो कहलाते हैं, जो अपनी ताक़त का इस्तेमाल दूसरों को ऊपर उठाने में करते हैं। यह बात हमें सिखाती है कि असली शक्ति दूसरों पर हावी होने में नहीं, बल्कि उनकी मदद […]

अब भी हर कोई पीके को ‘रोस्ट’ करने से बाज नहीं आ रहा

November 22, 2025 0

शाश्वत तिवारी– माना कि प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में सुपर फ्लॉप साबित हुए हैं। लेकिन गलती क्या है प्रशांत किशोर की ? यही ना कि वो बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था। ओवर कॉन्फिडेंस में दिख […]

जिस जे० एन० यू० मे गूँजता रहा है :– हमे चाहिए आज़ादी-ब्राह्मणो से आज़ादी, उसी ने अध्यक्ष के रूप मे ‘ब्राह्मणी’ को अपनाया!

November 9, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जे० एन० यू०) ब्राह्मण-वर्ग का धुर-विरोधी रहा है, वहाँ छात्रसंघ के चुनाव मे ‘ब्राह्मण’ शीर्ष पर दिख रहा है; और वह भी वामपन्थियोँ के संघटन का […]

प्रयागराज के डी० एम० के पास बुद्धिजीवियोँ के लिए ‘समय’ नहीँ

November 6, 2025 0

– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रयागराज के डी० एम० श्री मनीषकुमार वर्मा प्रयागराज के बुद्धिजीवि-वर्ग से “अलग से मिलते नहीँ साहेब।” मैने तत्काल प्रतिक्रिया की थी, “आपके डी० एम० गवर्नर हो गये हैँ क्या?” मैने […]

Special Intensive Revision : एक भी असली वोटर का वोट ना छिने

November 4, 2025 0

शाश्वत तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार– बिहार में हुए special revision ने साबित कर दिया, कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं को कोई शिकायत नहीं है। चुनाव आयोग को न के बराबर शिकायतें मिलीं, इसीलिए voter list के […]

जब प्रकृति संयोग का संदेश दे तब हम वियोग मे क्यों जियें

September 25, 2025 0

“बरषा बिगत सरद रितु आई।लछमन देखहु परम सुहाई॥फूले कास सकल महि छाई।जनु बरषाँ कृत प्रगट बुढ़ाई॥”. यानी इंद्रदेव ने विश्राम लेने की घोषणा कर दी है। बारिश बीत चुकी है। अब कुआँर (आश्विन) आ गया […]

लोकगीत मात्र गीत नहीं, “जीवन-दर्शन” के वाहक भी है

September 20, 2025 0

बैसवारा में शादी -ब्याह जैसे शुभ अवसरों पर हम परमात्मा, अपने परिवारजनों, रिश्तेदारों और इष्ट मित्रों के अलावा अपने पूर्वजों को भी आमंत्रित करते हैं। मुझे याद है विवाह के एक सप्ताह पहले से ही […]

विश्वकर्मा जयंती

September 17, 2025 0

हमारे समय में यानि 80-90 के दशक तक पढ़ाई का इतना दबाव बच्चों पर नहीं था। विद्यालय जरूर हम नियमित जाते थे लेकिन वहां से घर आने के बाद विद्यालय को लगभग भूल ही जाते […]

नेपाल में पत्रकार पर हमला : भारत को इतिहास से सबक लेकर देना होगा सख़्त संदेश

September 14, 2025 0

शाश्वत तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ— काठमांडू में रिपब्लिक भारत (R BHARAT) के स्टेट हेड और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र पांडेय पर हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह भारत की गरिमा […]

साहित्य और शिक्षण-सेवा से बहुत आगे है हिन्दी

September 14, 2025 0

1984 की बात है। ‘बड़ा पेड़’ गिरने के बाद धरती हिलकर लगभग शांत हो चुकी थी। मैं पापा के साथ मुंबई घूमने गया था, अपने नाना के घर। चूंकि उन दिनों किसी घर का दामाद […]

व्याकरणवेत्ता और भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग पर गम्भीर आरोप

September 12, 2025 0

‘उत्तरप्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग की प्रारम्भिक पात्रता-परीक्षा’ मे पचास से अधिक अशुद्ध शब्दप्रयोग और अन्य व्याकरणात्मक दोष दिखने का दावा•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले को ‘भेड़िया’, ‘बन्दरिया’, ‘नवसिखिए’ और ‘महत्त्व’ लिखने भी नहीँ आता!..?अभी हाल मे […]

“पाण्डे! तू मेरा ‘ट्यूटर’ बन जा”— डॉ० अब्दुल कलाम

July 27, 2025 0

एक अन्तरंग संस्मरण आज (२७ जुलाई) भ्राताश्री, पूर्व-राष्ट्रपति अबुल कलाम जी की निधनतिथि/का निधनदिनांक (‘दिनाँक’ अशुद्ध है।) है। ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय डॉ० अब्दुल कलाम प्रेय थे तो श्रेय भी। उन्होंने जब राष्ट्रपति-पद की […]

फौजी के मन की बात

July 26, 2025 0

बुढ़ापे में… जब बाल सफेद हो जाएंगे,कमर झुक जाएगी,आंखों पर मोटा चश्मा लग जायेगा,पर सीना तब भी चौड़ा रहेगा। अपने नाती-पोतों और गांव-जंवार वालों कोगर्व से बताया करूंगा— कि जब मैं फौज में ‘जवान’ था,और […]

अपने मूल मार्ग से भटक रहे काँवरयात्री!

July 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आस्था, श्रद्धा और विश्वास मन-प्रधान होता है, न कि तन-प्रधान। “मन चंगा तो कठौती मे गंगा” को योँ ही नहीँ कहा गया है। इतना ही नहीँ, परम ईश्वरीय शक्ति विष्णु […]

केन्द्र और राज्य-सरकारोँ के गले की हड्डी बन चुकी है, ‘अंकलुटाऊ-पद्धति’

July 18, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• विगत दो दशक से जिस तरह से शिक्षा-परिषदोँ मेँ अधिकतर विद्यार्थियोँ को ८० से १०० प्रतिशत अंक दिये जाते रहे हैँ, उससे उतने अंक पानेवाले वे विद्यार्थी भी आश्चर्यचकित रह […]

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का आदर्श और यथार्थ

July 17, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जब गली-गली, कूचे-कूचे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का गीत ढोल, मजीरा, सारंगी, मृदंग के साथ गाया जा रहा था तब ऐसा लग रहा था, मानो बेटियोँ के लिए शिक्षा ‘स्वर्ग का […]

भारतीय संस्कृति में विशेष हैं सर्प

July 16, 2025 0

हजारों सालों से सांप इंसानी सभ्यता का हिस्सा रहे हैं — कभी यह खेतों की मेड़ों पर फुफकारते दिखे हैं तो कभी जंगलों और झाड़ियों में सरसराते नजर आए। पौराणिक कथाओं और लोककथाओं में पूजे […]

मेरा बचपन और जामुन

July 12, 2025 0

कुछ वर्ष पूर्व तक हमारे गांव ‘बरी’ का दक्षिणी और पश्चिमी भाग ज्यादातर ऊसर ही हुआ करता था। इन दो दिशाओं में दूर-दूर तक फैले ऊसर में कुछ भी न उगता था। बाहर से लोग […]

हम सबके गुरुजी : श्री राजेश सिंह शेखावत

July 11, 2025 0

वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के पश्चात वर्तमान संस्थान में जब मैं नया-नया आया, तो हमारी ब्रांच में एक शांत, सौम्य और सुदर्शन व्यक्तित्व के अधिकारी थे। मैंने नोट किया कि जो भी उन्हें मिलने आता […]

काव्यानुभूति का विश्व : एक मीमांसा

July 10, 2025 0

——०चिन्तन की एक कड़ी०—— ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कई सहस्र वर्ष से देश के मनीषियोँ ने जो कुछ चिन्तन-मनन-मन्थन किया था, उन सबकी गूढ़ सांस्कृतिक अनुभूति से काव्य का शिष्ट हृदय आर्द्र बना हुआ […]

ख़ुद लिखो, खुद पढ़ो और आत्ममुग्ध बने रहो

July 9, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• रुपये फेँके जा रहे हैँ; बहुसंख्यजन अपनी आजीविकावृत्ति (पेंशन) के रुपये कुकुरमुत्ते-से उगे प्रकाशकोँ की जेब मे डालते आ रहे हैँ और पाण्डुलिपियाँ ‘पुस्तक’ के रूप मे सार्वजनिक होती आ […]

तीन दिन के ‘मुन्नाभाई’

July 6, 2025 0

विद्यार्थी जीवन में ज्यादातर छात्र जी-जान से कोशिश करते हैं कि वह अपने गुरुजी की ‘गुड बुक’ में किसी तरह जगह बना लें। गुरुजी उसे जानें, सब छात्रों के सामने उसके नाम से पुकारें, हर […]

गाँव मे अपना एक स्वतन्त्र घर रहे, आकांक्षा रही

June 29, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अपने गाँव मिरीगिरी टोला, बाँसडीह, बलिया (उत्तरप्रदेश) मे अपना एक स्वतन्त्र घर हो, यह ‘मेरी’ इच्छा रही थी; क्योँकि जब मै गाँव मे संयुक्त परिवार के लिए निर्मित घर मे […]

हिंदू परंपराओं के प्रति दुराग्रह क्यों

June 27, 2025 0

भारत की वायुसेना सदैव अनुशासन, तकनीकी श्रेष्ठता और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति रही है। लेकिन इस गौरवपूर्ण संस्था के भीतर भी कुछ समय पूर्व तक धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाता […]

उत्तरप्रदेश की परिषदीय पाठशालाओँ की दुर्दशा के लिए राज्य-सरकार दोषी!

June 24, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अब, जब उत्तरप्रदेश-सरकार को लगने लगा है कि जिन प्राथमिक शालाओँ मे विद्यार्थियोँ की संख्या ५० वा उससे कम है, उसे किसी समीप की पाठशाला मे विलय कर दिया जाये, […]

“जेठ दुपहरी जल रही, जला रही हर देह”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

June 17, 2025 0

शरद की ठिठुरन और ग्रीष्म की तपन– ये दोनो अन्तर्विरोधी हैँ। इन दिनो ग्रीष्म-तपन की ही परिचर्चा है। जन-जन ग्रीष्म के कोप से आकुल-व्याकुल है तो दूसरी ओर, सूर्य महाराज जड़-चेतन की धैर्य-परीक्षा कर रहे […]

तालाब, एडवेंचर और पापा

June 16, 2025 0

गर्मी की छुट्टी की लंबी दुपहरियों में हमारा मुख्य एजेंडा होता था घर वालों की नजर बचाकर घर के पास स्थित दनकुंवा तालाब में नहाने जाना। कभी हम इसमें सफल हो जाते तो कभी असफल। […]

कर्म, पुरुषार्थ और अनुकम्पा

June 8, 2025 0

पापा पुरुषार्थ में विश्वास रखते थे और अम्मा अनुकंपा में। पापा का विश्वास था कि मनुष्य अपने श्रम से, पौरुष से अपना अभीष्ट लक्ष्य प्राप्त कर सकता है जबकि अम्मा का दृढ़ मत था कि […]

आज ही की तारीख़ मे इलाहाबादी विद्रोहियोँ ने अँगरेज़ोँ के जबड़े से आज़ादी छीनी थी!

June 7, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• बहुत दूर जाने की बात नहीँ है, बहुसंख्य इलाहाबादी प्रबुद्धजन ही नहीँ जानते कि देश मे सबसे पहले इलाहाबाद आज़ाद हुआ था और एक दिन के लिए देश की राजधानी […]

वैष्णो देवी के दर्शन कब और कैसे करें?

June 1, 2025 0

कुछ लोग गर्मियों की छुट्टियों में जम्मू की सैर करने और मां वैष्णो देवी के दर्शन करने यह सोचकर निकल पड़ते हैं कि एक पंथ दो काज हो जाएगा। माता के दर्शन भी हो जाएंगे […]

पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और रोजगार हैं राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 की मुख्य थीम

May 31, 2025 0

नई दिल्ली। राष्ट्रीय गोधन महासंघ द्वारा राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 का आयोजन किया गया है। यह समिट 5 नवंबर से 10 नवंबर की तिथियों में मेजर ध्यान चन्द्र स्टेडियम में संपन्न होगी। […]

साहिब! दूनो हाथ से दाँत चियारिए, आप ‘लखनऊ’ मे हैँ

May 26, 2025 0

एक बेबाक संस्मरण ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• जनाब! लखनऊ भी एक शहर है, जो दिल्ली की तरह आलम (सबसे अधिक जाननेवाला) मे इन्तिख़ाब (बहुतोँ मे से कुछ को छाँट लेना) तो नहीँ; लेकिन अपनी […]

चाय और चाय की यात्रा

May 25, 2025 0

ईसा से 2737 साल पहले एक दिन चीन के सम्राट शेन नुंग के सामने रखे गर्म पानी के प्याले में कुछ सूखी पत्तियां आ कर गिरी, जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी […]

आजकी सबसे घटिया उपाधि ‘पीएच्० डी०’ की!

May 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज पंचानवे प्रतिशत से अधिक का शोधलेखन ‘दो कौड़ी’ का होता है। यदि निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ (शोधनियमानुसार) उनके शोधकर्म का परीक्षण और मूल्यांकन किया जाये तो बहुसंख्य शोधार्थी […]

हॉलीडे होमवर्क से बेपरवाह हमारा समर हॉलीडे

May 17, 2025 0

यह उन दिनों की बात है जब ‘हॉलीडे होमवर्क’ जैसी क्रूर प्रथा चलन में नहीं आई थी। ‘समर हॉलीडे’ मतलब कॉपी-किताब को बाय-बाय और फुल टू मस्ती को हैलो-हाय। ‘समर हॉलीडे’ मतलब पढ़ाई लिखाई को […]

परीक्षा से परे है जिंदगी की असली उड़ान

May 16, 2025 0

1992 की हाईस्कूल(10वीं) की परीक्षा में मुझे हिंदी में 58 अंक जबकि बायोलॉजी में 75 (डिस्टिंक्शन) अंक मिले। 1994 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में मुझे अंग्रेजी में मात्र 46 अंक जबकि रसायन विज्ञान में 63 […]

बचपन के सहपाठी को नव-परिधान से आभूषित कर, अनिर्वचनीय सुख की अनुभूति हो रही है

May 15, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज मुझे आत्यन्तिक सुख और संतोष का अनुभव हुआ है। मैने विगत दिवस अपने बचपन के एक ऐसे मित्र के विषय मे बताया था, जिसके साथ मैने पहली कक्षा से […]

समय का समादर करना सीखेँ

May 12, 2025 0

समय सबको समान रूप से देखता आ रहा है। वह सबकी समस्त नकारात्मक-सकारात्मक गतिविधियोँ का एकमात्र साक्षी रहा है। वह प्रत्येक मनुष्य का मूल्यांकन उसके कर्मो के आधार पर करता आ रहा है। समय कभी […]

अम्मा के फोन का इंतजार

May 11, 2025 0

आज से करीब 35 वर्ष पहले सबसे छोटे चाचा की शादी के लिए के लिए एक बेहद धार्मिक व्यक्ति आये थे। हालांकि किन्हीं कारणों से वह संबंध तो नहीं हो पाया लेकिन उनके द्वारा दिये […]

आ रहा है फिर से मौसम आम का

May 3, 2025 0

“हो रहा है ज़िक्र पैहम आम काआ रहा है फिर से मौसम आम का” ईश्वर ने हमें जो तमाम नेमते दी हैं, उनमें से आम मेरे लिए सबसे मनभावन, स्वादिष्ट और लजीज है। दिल्ली जैसे […]

शब्दशक्ति की विडम्बना

April 30, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• मनुष्य ‘मनुष्यता’ की बात तो करता है; किन्तु अपने भीतर की शुष्क मानवीय संवेदना पर दृष्टिपात करने मे क्षम (‘सक्षम’ अशुद्ध है।) नहीँ रहता। यही कारण है कि उसके उपदेश […]

आइए! लखनऊ के ‘लूट माल’ बनाम ‘लुल्लू माल’ की अस्लीयत परखेँ

April 24, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गत रविवार को पत्नीसहित बेटियाँ लखनऊ आयीँ। तीनो की ज़िद थी, ‘लुल्लू माल’ घूमने की। पत्नी ‘इमामबाड़ा’ की रट लगा रखी थीँ। मैने सोचा– भावना का सम्मान करना चाहिए और […]

मिथ्या वचनबद्धता, जो चुभती है

April 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• अकस्मात् फ़ोन की घण्टी बजी। मैने पूछा, “आप कौन हैँ?”परिचय प्राप्त हुआ, फिर उनका स्वर उभरा,”आपका दर्शन करना चाहता हूँ।” मेरा उत्तर था, “दर्शन तो देवी-देवता का किया जाता है; […]

आप संसार को जीत सकते हैँ

April 18, 2025 0

आपमे यदि प्रतिभा, योग्यता, पात्रता, प्रतिबद्धता, संसार को जीतने की इच्छा (जिगीषा) और सामर्थ्य हो तो आप कभी परमुखापेक्षी (पराश्रित/परजीवी/परावलम्बी नहीँ हो सकते।आपका परम धर्म है, ‘केवल कर्म करते रहना’। आपकी धारणा होनी चाहिए– अभिलषित/अभीप्सित […]

आम तो आम, गुठली बताये पिया का मुकाम

April 12, 2025 0

आम तो आम, गुठली बताये पिय का मुकाम! हमारे यहां बैसवारा में बसंत पंचमी के दिन धोबिन एक थाल में आम के बौर (मंजर) , सिंदूर और साथ ही शिव पार्वती और गणेश की मूर्ति […]

राहुल सांकृत्यायन ने योँ ही नहीँ कहा था :– भागो नहीँ, दुनिया को बदलो

April 9, 2025 0

राहुल सांकृत्यायन के जन्म-दिनांक ९ अप्रैल पर विशेष प्रस्तुति••••••••••••••••••••••••••••••••••••• विश्व के महानुभवी राहुल सांकृत्यायन के जन्मदिनांक ९ अप्रैल की पूर्व-संध्या मे ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से एक राष्ट्रस्तरीय आन्तर्जालिक बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन ‘सारस्वत सदन’, […]

बहरों को सुनाने के लिए ये धमाका ज़रूरी था

April 8, 2025 0

8 अप्रैल विशेष: शाश्वत तिवारी– 8 अप्रैल 1929 की वह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ थी। भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने न केवल अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी, बल्कि […]

तुलसीदास के राम

April 7, 2025 0

शाश्वत तिवारी– जब-जब जगत को दुःख, अधर्म और अराजकता ने घेरा, तब-तब राम ने अवतार लिया। तुलसीदास ने जब ‘रामचरितमानस’ की रचना की, तब भारत सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से गहरे संकट में था। […]

गोले लगाकर उत्तर देने से बृहद् अध्ययनशीलता समाप्ति की ओर– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

April 6, 2025 0

व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने हाल ही मे उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग, प्रयागराज की ओर से सहायक अध्यापक-पद पर चयन किये जाने की परीक्षा-प्रक्रिया के अन्तर्गत ‘स्क्रीन टेस्ट’ मे दीर्घ उत्तरीय प्रश्नो को […]

चर्चा-परिचर्चा के केन्द्र मे ‘पसमांदा’

April 6, 2025 0

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला••••••••••••••••••••••••••••••••••••• वास्तव मे, इस शब्द की शुद्ध वर्तनी है, ‘पसमान्द:’, जो ‘पसमान्दा’ नाम से प्रचलित है। यह फ़ारसी-भाषा का शब्द है, जो शब्दभेद के विचार से विशेषण-शब्द है। इसका शाब्दिक […]

पति भी कभी शेर था

April 2, 2025 0

गुप्ता जी ग्वालियर वाले!! हमारे मित्र गुप्ता जी बहुत ही समझदार और कोमल प्रकृति के व्यक्ति हैं। वह किसी भी कार्य मे महिला-पुरुष का भेदभाव नहीं करते हैं। इसलिए गुप्ताजी सर्दियों के मौसम में लहसुन, […]

दारूबाज हैं तो इंसान ही

March 15, 2025 0

दारू बैसवारा में बड़ी बदनाम रही है!! हमारे यहां चाहे किसी व्यक्ति में दसियों गुण हों, लेकिन अगर वह दारू पीता हो तो सारे गुण गोबर हो जाएंगे। उसे सिरे से यह कहकर खारिज कर […]

होली आयी रे कन्हाई

March 12, 2025 0

“होली आयी रे कन्हाई,रंग छलके,सुना दे ज़रा बांसुरी।” कहने को तो होली फागुन मास की पुन्नवासी (पूर्णिमा) को मनाई जाती है लेकिन इसके रंग प्रकृति में, माहौल में और तन मन में महीनों पहले से […]

होली और गीत : जोगी जी धीरे-धीरे

March 9, 2025 0

होली पर फिल्माये गए किसी भी गीत का मूल भाव है- मस्ती, धमाल, शोखी, शरारत, प्यार, मनुहार, इनकार और इकरार।होली आने वाली है तो आज होली पर फिल्माए गए तमाम बॉलीवुड गीत देख रहा था। […]

फागुन और होली

March 8, 2025 0

फागुन का अर्थ है मस्ती, मदहोशी, मनुहार और होली का अर्थ है अपने तमाम तनावों, चिंताओं और परेशानियों को एक कोने पर रख कर फाग, भांग और रंगों के सुरूर में डूब जाना। शायद इसीलिए […]

अमरनाथ गुप्ता, जिसे यह नहीँ बोध– ‘गुरु जी’ शुद्ध है वा ‘गुरूजी’; क़िस्सा ‘बताया’ जाता है वा ‘सुनाया’ जाता है?

March 2, 2025 0

◆ हमारे लेखन के अन्तर्गत पंचमाक्षर मे अनुस्वार का व्यवहार नहीँ है; क्योँकि पंचमाक्षर अनुस्वारयुक्त होता है। उसके तद्भव वा देशज रूप मे आवश्यकतानुसार ध्वनिप्रभाव को न्यून और अधिक करने के लिए अनुनासिक का व्यवहार […]

आठवेँ और अन्तिम अष्टनायक तीर्थराज प्रयाग की अनिर्वचनीय गौरवगाथा

February 27, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक कथा है, जिसके आधार पर तीर्थराजप्रयाग को तीर्थोँ मे शीर्ष स्थान दिया गया है। वह कथा इसप्रकार है :–एक बार की बात है। ब्रह्मा ने सोचा कि पृथ्वीलोक मे […]

‘हिन्दीभाषा’ की समझ तो नहीँ, अब ‘अँगरेज़’ भी बन गया है, देखेँ और समझेँ

February 23, 2025 0

‘धन्धेबाज़ यूट्यूबर अमरनाथ सर’ उर्फ़ अमरनाथ गुप्ता विद्यार्थियोँ के लिए अत्यन्त घातक सिद्ध होता हुआ!– बारह ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• यहाँ यूट्यूबर अमरनाथ गुप्ता के वीडियो के दो स्थिर चित्र हैँ :– पहला, अँगरेज़ी-भाषा […]

बेहतर चेहरा चुनने की कला में माहिर है संघ

February 22, 2025 0

शाश्वत तिवारी— कुछ लोग तर्क देते नज़र आ जाएंगे कि ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि जाने पहचाने चेहरे ज्यादा ताकतवर न बन जाएं, जिससे पार्टी में ऊपर बैठे लोगों को खतरा हो जाए। […]

मातृभाषा का अपना आनन्द है

February 21, 2025 0

लड़कों की शादी पूरब में और लड़कियों की शादी पश्चिम में करने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा रही है। अतः बैसवारा में बैस लड़कों की शादियां ज्यादातर पूरब यानि प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर के सोमवंशी, कनपुरिया, […]

भाषायी विद्वेष का कारण मानसिक विकृति

February 21, 2025 0

डॉ० सुधान्शु बाजपेयी– हिंदी और उर्दू दो नहीं एक ही भाषा थी लेकिन हिंदी को हिंदुओं की भाषा और उर्दू को मुसलमानों की भाषा इतनी बार और इतने तरीकों से बताया गया कि इतना बड़ा […]

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ को देख मँडराने लगे गिद्ध

February 18, 2025 0

मुझे नहीं पता कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? लेकिन कुछ प्रश्न मेरे दिमाग में कौंध रहे हैं- रेल प्रशासन को, जिम्मेदार लोगों को […]

कार्बाइड डालकर पकाया हुआ लव

February 13, 2025 0

आजकल के नौजवानों को प्यार बहुत जोर से आता है। रोज डे, प्रोपोज़ डे, किस डे, हग डे से होता हुआ आधुनिक लव कुछ ही दिनों में ओयो रूम तक जा पहुँचता है। हालांकि कार्बाइड […]

बड़बड़िया’ मास्टर अमरनाथ गुप्ता को ‘शब्दभेद’ और ‘मात्राज्ञान’ की बिलकुल समझ नहीँ

February 9, 2025 0

अँगरेज़ी मे दो शब्द हैँ :– ‘डिस्गाइज़्ड’ और ‘एक्सटोलिंग वॉइस’। इनको कुछ छद्म यूट्यूबरोँ ने पहन-ओढ़कर बहुरूपिया एवं गिरगिटिया बना लिया है। उन्हीँ मे से प्रमुख है, ख़ुद को ‘सर’ कहनेवाला ‘अमरनाथ सर’ उर्फ़ ‘अमरनाथ […]

जो भजते तक़दीर को, पाते कहीँ न ठौर

February 8, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–नृप निरीह निकृष्ट नटी, नागर नयना नार।नलिन नागरक नागरी, नाशक नारक क्षार।।दो–मुकुर मुकुल मन-मन्त्रणा,काकुल कंक कुलीन।चारु चित्त चातुर चरित, दंशदायिनी दीन।।तीन–मनका मन मनका मती, मन मनका मतभेद।मनोयोग मरघट मरण, मन-मानस […]

ख़ुद को ‘अवधी’ का जानकार कहनेवाला यूट्यूबर अमरनाथ गुप्ता विद्यार्थियोँ को ग़लत बताता है

February 7, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• इस धूर्त्त को अच्छी तरह से पहचानिए, जो स्वयं को हिन्दीभाषा/सामान्य हिन्दी का ‘सर’ कहता है; परन्तु इसका हिन्दीबोध नितान्त निचले स्तर का है। यह यूट्यूब पर अपनी कक्षा चलाता […]

पामर-लम्पट यूट्यूबर ‘अमरनाथ ‘सर’ (अमरनाथ गुप्ता) का भाषाज्ञान– दो

February 6, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ऐसे बहुत सारे लोग हैँ, जो वीडियो बनाकर प्रतियोगी विद्यार्थियोँ के लिए हिन्दी-शिक्षण करने का धन्धा शुरू कर चुके हैँ। कुछ ऐसे भी हैँ, जो पहले किसी थोक के भाववाले […]

सामान्य हिन्दी की यूट्यूबरी करनेवाले मास्टर साहिब ‘अमर नाथ सर’ का भाषा-ज्ञान शीघ्र सार्वजनिक होगा

February 2, 2025 0

ये साहिब एक यूट्यूबर हैँ और सार्वजनिक रूप से हिन्दीभाषा और व्याकरण की घुट्टी अपने ही अन्दाज़ मे पिलाते आ रहे हैँ। ये ‘सर’ हैँ। वैसे तो ये विद्यार्थियोँ के बीच ‘अमर नाथ सर’ के […]

योगी आदित्यनाथ : एक वास्तविक नेता

February 1, 2025 0

शाश्वत तिवारी– बहुत से लोग सोचते हैं कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री भगवा पोशाक पहनते हैं, इसलिए  एक “सन्यासी” हैं, लेकिन उनके बारे में जो तथ्य सामने आए हैं वो चौंकाने वाले ओर प्रेरणादाई हैं। सबको […]

भारत की तस्वीर : बाबा और पोते का जीवन्त प्रेम

January 29, 2025 0

हम लोग जिस पीढ़ी के हैं उसमें पिता के सामने तमाम मजबूरियां रहती थी । वह चाहते हुए भी अपने बेटे को सबके सामने दुलार नहीं सकता था, प्यार नहीं कर सकता था। पूरे परिवार, […]

सनातन ‘प्रकृति’ है और धर्म ‘चरित्र’

January 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक बार अधर्म ने धर्म से कहा, “धर्म भाई! मृत्युलोक मे ऐसा एक भी व्यक्ति नहीँ दिखता, जो तुम्हारे तात्त्विक रहस्य को जान सके; इसका कारण क्या है?” धर्म ने […]

‘रिपब्लिक भारत’ की ‘शर्मनाक’ एवं ‘घटिया’ पत्रकारिता का शानदार उदाहरण!

January 20, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आप नीचे दिये गये सारे पोस्टरोँ मे दिखाये गये समाचार-शीर्षकोँ को अच्छी तरह से पढ़ते जाइए। ये ‘रिपब्लिक भारत’ की बेहद निर्लज्ज, निकृष्ट एवं निन्दनीय पत्रकारिता की एक बानगी है। […]

डॉ० अशोक स्वामी जी का उदारमना कर्त्तृत्व

January 13, 2025 0

देश के प्रख्यात टी० जी० टी०-पी० जी० टी०-सहायक प्राध्यापक हिन्दीशिक्षाविद्, ‘हिन्दी-संसार’, प्रयागराज नामक शिक्षण-संस्थान के निदेशक एवं परमप्रिय शिष्य डॉ० अशोक स्वामी जी आज (१२ जनवरी) हमारे ‘सारस्वत सदन’ मे आये थे। हमने लगभग एक […]

बेटियोँ को क्रय-विक्रय की ‘वस्तु’ मत समझो

January 12, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• धिक्कार है, उन माँ-बाप को, जो अपनी बेटियोँ को ‘वस्तु’ समझकर तथाकथित साधुओँ को दान करते आ रहे हैँ। नीचे चित्र मे दिख रही बालिका आगरा की है, जिसका नाम […]

‘महाकुम्भ’ के लिए घिनौनी प्रकार की ‘सरकारी’ पत्रकारिता विकसित की गयी

January 10, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• देश को स्वतन्त्रता प्राप्त होने के पश्चात् ‘मीडिया-जगत्’ मे ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी राजनैतिक दल की सरकार ने अपनी ओर से यह मार्गदर्शिका निर्धारित कर दी […]

‘कृतघ्न’ लोग कब सुधरेँगे?

January 3, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• (यह ललकारभरा खुला संदेश उन सबके लिए है, जो सर्वथा व्यावहारिक ‘जनवरी से दिसम्बर-माह’ को भारतीय संदर्भ मे स्वेच्छा से अपनाते आ रहे हैँ और अपना मूल चरित्र भी प्रकट […]

हम ‘अभिनव’ वर्ष के अवसर पर आप सबके प्रति शुभकामना करते हैँ

January 1, 2025 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी) हम यहाँ आप सबको ‘अभिनव’ शब्द के अर्थ और उसके प्रयोग के औचित्य को उत्पत्ति-सहित समझायेँगे। इसके अतिरिक्त नव, नया, नवल, नवीन, नूतन इत्यादिक शब्दोँ पर भी […]

आइए! आत्म परीक्षण कर, चेतना जाग्रत् करेँ

December 31, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज वह क्षण है, जो हमे बाध्य कर रहा है, अपने भीतर के सत्य और मिथ्या के साथ संवाद करने के लिए; क्योँकि वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है; इतिहास […]

दमदार अर्थशास्त्री का अवसान

December 28, 2024 0

स्वर्गीय मनमोहन सिंह के बारे में विचार करने से एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है जो टिपिकल मध्यमवर्गीय परिवार का मुखिया है, फैमिली मैन है। जो अपने काम से काम रखता है और अपने […]

अंग्रेजी वाला न्यू ईयर और कॉकटेल पार्टी

December 26, 2024 0

अंग्रेजी वाला न्यू ईयर नजदीक आते ही दारू की याद आती है और दारू से याद आता है कि हमारे गांव-घर और समाज में ‘दारू’ की और ‘दारु पीने वाले’ ; दोनों की कभी स्याला […]

वर्ष 2022 के ‘भारतेन्दु हरिश्चंद्र’ पुरस्कार के लिए कमल किशोर दुबे चयनित

December 23, 2024 0

पश्चिम मध्य रेल भोपाल में जन सम्पर्क अधिकारी एवं पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय जबलपुर में वरिष्ठ जन सम्पर्क अधिकारी रहे वरिष्ठ कवि, लेखक ,साहित्यकार श्री कमल किशोर दुबे को उनकी कृति “चाणक्य नीति दोहावली” के […]

एयरफोर्स की नौकरी और विवाह

December 20, 2024 0

अपवाद को छोड़ दे तो एयरफोर्स में वायु सैनिक के रूप में चयनित होने वाले अधिकतर वह लड़के हैं जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं, पढ़ने-लिखने में ठीक हैं । परंतु उनकी आर्थिक स्थिति उतनी ठीक […]

पाकिस्तान से युद्ध और बांग्लादेश के जन्म से देश को क्या मिला?

December 16, 2024 0

आज विजय दिवस है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के ग्रैंड अंकल जनरल नियाज़ी को लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा साहब के सामने ढाका के रेस कोर्स ग्राउंड में आत्मसमर्पण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते […]

Finding Peace in Life: The Quest for Inner Calm

December 15, 2024 0

Peeyush Kumar, Balamau (Manager, Bank of Baroda) In today’s fast-paced world, the quest for peace has become more important than ever before. Amidst the chaos of daily responsibilities, constant connectivity, and information overload, finding a […]

जड़बुद्धि गोँडानिवासी, गणित-अध्यापक ‘घनश्याम अवस्थी’! सुनो

December 11, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक जाहिल है; गोँडा का रहनेवाला बताया जाता है, जिसका नाम ‘घनश्याम अवस्थी’ है। वह गोँडा के किसी शिक्षालय मे गणित का अध्यापक है। मेरे घर भी आ चुका है। […]

पत्नी और उसके मायकेवालोँ ने कुचक्र रचकर पति को मार डाला!..?

December 11, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• पत्नी और उसके मायकेवालोँ ने दहेज-क़ानून का दुरुपयोग किया। नौ प्रकार के आरोप लगाये गये थे। क़ानूनरक्षिका भी अधिकार का दुरुपयोग करती रही। उस भ्रष्ट-बेईमान-रिश्वतख़ोर महिला न्यायाधीश के विरुद्ध कठोर […]

‘मनुष्यता’ से बढ़कर कोई धर्म नहीँ

December 8, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• आज भारत मे जिस तरह से धर्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, उससे यही प्रतीत होता है, मानो धर्म-जैसा घृणित और अश्लील शब्द कोई हो ही न। इसका मुख्य […]

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