‘आचार्य पं॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में आज सीखें किसी भी प्रकार की ‘लेखन’ और ‘रचना’ कैसे करें?

July 13, 2020 0

प्रथमत: ‘लेखन’ और ‘रचना’ की वस्तुपरकता और विषयपरकता पर दृष्टिनिक्षेपित करना अत्यावश्यक है। इन दोनों शब्दों की अर्थ, अवधारणा तथा परिभाषा में भिन्नता है। ‘लेखन’ तो किसी भी प्रकार का हो सकता है; परन्तु ‘रचना’ […]

देश की समाचार-चैनलों और समाचारपत्र-पत्रिकाओं का नंगा सच!

July 11, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘भाषा-परिष्कार-समिति’केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद! अब अनिवार्य हो गया है, देश के मीडिया-तन्त्र (मुद्रित-वैद्युत) में प्रत्येक स्तर पर काम करनेवाले-वालियों संवाददाताओं, समाचारलेखकों, समाचारवाचकों, सम्पादकों, प्रधान सम्पादकों, प्रूफ़-संशोधकों उद्घोषकों, सूत्रधारों आदिक के लिए […]

‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’

June 29, 2020 0

आइए! शब्द-मन्थन कर, शब्द-सामर्थ्य अर्जित करें। ★ शब्द है— ‘आयाम’। प्राय: हमारे अधिकतर अध्यापक, विद्वज्जन, साहित्यकार, समीक्षक, मीडियाकर्मी आदिक ‘आयाम’ का अनुपयुक्त प्रयोग करते-कराते आ रहे हैं— चाहे वह वाचिक हो अथवा लिखित हो; फलत:, […]

कौशाम्बी : सूर्यग्रहण में सूर्य दिखा द्वितीया के चाँद की तरह

June 21, 2020 0

साल 2020 का पहला और अकेला सूर्य ग्रहण आज 21/06/2020 को ( उत्तर प्रदेश ) कौशाम्बी जिले मे लोगों ने देखा । बादलों और रिमझिम बारिश के बीच अचानक थोड़ी देर के लिए अर्ध चन्द्राकार […]

भाषा-शुचिता की ओर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के बढ़ते चरण

June 21, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘दैनिक जागरण-परिवार’ ने ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हमारी भाषा-शुचिता अभियान को गति देते हुए, ‘शहीद-शहादत’ तथा ‘शहीद की पत्नी’ के स्थान पर हमारी भारतीय संस्कृति, परम्परा तथा मूल्यबोध से […]

21जून 2020 अद्भुत खगोलीय घटना : वलयाकार सूर्य ग्रहण

June 20, 2020 0

प्रदीप नारायण मिश्र (प्रवक्ता रसायन शास्त्र, पीबीआर इण्टर कॉलेज, तेरवा, गौसगंज, हरदोई) भारत में इस दशक का अन्तिम वलयाकार सूर्य ग्रहण का योग, योग दिवस पर है एवं अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण जो भारत से […]

‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’

June 19, 2020 0

‘अरबी-फ़ारसी’ शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखें आज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब […]

‘दैनिक जागरण’ ने आज से ‘विज्ञानी’ शब्द का प्रचलन आरम्भ किया

June 17, 2020 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (१७ जून) से ‘दैनिक जागरण’ ने ‘साइण्टिस्ट’ की शुद्ध हिन्दी ‘विज्ञानी’ शब्द का प्रयोग आरम्भ किया है, जो हमारे शिक्षित समाज के लिए एक प्रकार की अमूल्य शिक्षा है। […]

‘जीवन-संघर्ष’ से निराश हुए बिना अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा का विकास करें

June 16, 2020 0

मार्गदर्शन- आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक)  जीवन संघर्ष से निराश हुए बिना, अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा का विकास करें। १-जीवन में आने वाली बाधाओं और हार से निराश हुए बिना प्रतिभा के आधार पर अपने लक्ष्य का निर्धारण […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 14, 2020 0

——– ‘नुक़्त:’ का प्रयोग ——– किस भाषान्तर्गत किस-किस शब्द में नुक़्त: (बिन्दी; अरबीभाषा का शब्द) का प्रयोग होगा, यह सतत अध्ययन और साधना का विषय है। बिना अध्ययन और अध्यवसाय के अनुचित प्रश्न-प्रतिप्रश्न करना, जड़बुद्धिता […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 10, 2020 0

कृपया ध्यान करें (‘ध्यान दें’ अशुद्ध प्रयोग है; क्योंकि ध्यान क्रियात्मक शब्द है। ध्यान किया जाता है; दिया नहीं जाता।) १- यथोचित स्थलों पर तिथि के बाद अल्प विरामचिह्न (,) लगाकर वर्ष लिखा जाता है; […]

अनलॉक में कम न होने दे अपनी प्रतिरोधक क्षमता

June 4, 2020 0

जयति जैन नूतन- हमने अपने कृत्यों से प्राकृतिक संपदा को बहुत क्षति पहुंचाई है। निरीह पशुओं को कष्ट पहुँचाने के साथ-साथ पेड़ पौधों को भी नष्ट किया है। आज हम सभी एक वायरस की वजह से घरों में बंद हो गए और पशु-पक्षी, पेड़-पौधे स्वतंत्र हो गए। शायद प्रकृति भी यही चाहती थी । घरों में बंद होना ही काफी नहीं है, वक़्त की मांग है कि हमें अपने परिवार और अपना भरपूर ध्यान रखना होगा ताकि कोरोना जैसे अन्य वायरस हमें नुकसान न पहुँचा सकें।  इसके लिए हमें अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा ताकि किसी भी तरह के बैक्टीरिया और वायरस जब हमारे शरीर में प्रवेश करें तब हमारा प्रतिरक्षा तंत्र अपनी क्षमता को बनाए रखे और उन बैक्टीरिया- वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बना सके ताकि वह हमें नुकसान ना पहुंचा सके या यूं कह लें कि हम बीमार न पड़ सकें। इसके लिए हमें अपनी प्रतिरोधक क्षमता को कम नहीं होने देना है, घर में जो भोजन बना रहें हैं उसमें संतुलित- पौष्टिक और प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना है। इसमें कोई शक नहीं कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट और उचित लाइफस्टाइल की जरूरत है। ऐसे में फिट और सेहतमंद बने रहने के लिए खानपान ।में कुछ बदलाव लाना बेहद जरूरी है। आइए जानें ऐसी चीजों के  बारे में, जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। 1] फल = विटामिन A & E- विटामिन A एवं विटामिन E एक प्रकार के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो इंफ्लमैशन (सूजन) को रोकते है साथ शरीर में रोगों से लड़ने वाले कोशिकाओं को बढ़ाते है।फल जैसे- आम, खुबानी, संतरा, पपीता, खरबूजा, चकोतरा= विटामिन E- खुबानी, कीवी= विटामिन C- विटामिन सी में एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं जो फ्री रेडिकल्स के कारण शरीर को होने वाले क्षति एवं संक्रमण से भी बचाते हैं । फल जैसे- नींबू, संतरा, अंगूर, पपीता, स्ट्रॉबेरी, आंवला, सेब=सेलेनियम- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से प्रभाव एवं शरीर को रोगो के संक्रमण से बचाते  हैं।फल जैसे- केले= पोटैशियम- नाशपाती, सेब2] सब्जियाँविटामिन A & E- गाजर, पीले व लाल शिमला मिर्च, कद्दू, शकरकंद, मिर्चविटामिन E- सरसो एवं शलगम का साग, ब्रोकोली, कद्दू विटामिन C–  ब्रोकोली, हरी मिर्च, लाल व पीली शिमला मिर्च, टमाटर विटामिन D – मशरूम आयरन (लौह तत्व)– पालक, ब्रोकोली, सलाद पत्ता, साबुत अनाज, सेम, मटर, अंकुरित फलियां, हरी धनिया सेलेनियम– आलू, मशरूम 3] अंकुरित अनाज और दाल चना, मूंग, गेहूं, मोठ, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, तिल, अल्फाल्फा, अन्न, दालें और बीज अंकुरित भोजन में मैग्नीशियम, कॉपर, फॉलेट,  राइबोफ्लेविन, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी-6, नियासिन, थायमिन और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में  होता है। इसे चाहे नाश्ते के तौर पर लें, सलाद के तौर पर खाएं या फिर सूप के रूप में, यह शरीर को पर्याप्त पोषण देता है। अंकुरित दालों का सेवन सुबह या शाम के नाश्ते में सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इनमें दो या तीन तरह की दालें व सब्जियां मिलाकर खा सकते हैं। इन्हें स्वादिष्ट बनाने के लिए इनमें टमाटर, प्याज, धनिया, खीरा, नीबू, काली मिर्च और नमक जैसी चीजों को मिलाया जा सकता है। अंकुरित अनाज का  सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर बैक्टीरियल इंफैक्शन से बचाव करता है। साथ ही इससे डाइजेशन सिस्टम भी मजबूत होता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होती। · बीन्स और मटर अंकुरित स्प्राउट होते हैं, जिसमें दाल, चना, मूंग बीन्स, सोयाबीन, राजमा व हरे मटर शामिल हैं। · सब्जी या पत्तेदार स्प्राउट्स में ब्रोकोली स्प्राउट्स, मूली, सरसों का साग और मेथी अंकुरित आहार होते हैं। · अंकुरित अनाज, जिसमें भूरा चावल, कुट्टू (buckwheat), क्विनोआ (quinoa), जई और अमरंथ (amaranth) स्प्राउट शामिल हैं। · नट और बीज स्प्राउट में मूली के बीज, बादाम, अल्फाल्फा (alfalfa), कद्दू, तिल और सूरजमुखी के बीज शामिल हैं। अंकुरित मूंग प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-ए व सी का अच्छा स्रोत है, वहीं अल्फाल्फा स्प्राउट्स विटामिन-ए, बी, सी, ई और के से भरपूर है। अंकुरित दालें भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। वहीं, ब्रसेल्स स्प्राउट्स में विटामिन-के1 और सी सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें अन्य मिनरल जैसे पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं।  कुछ सावधानियां भी हैं जरूरी 0 राजमा को अंकुरित करके नहीं खाना चाहिए, क्योंकि अंकुरित राजमा विषैला हो  सकता है। 0 एक साथ अधिक मात्रा में स्प्राउट्स खाना नुकसान पहुंचा सकता है।0 यदि एलर्जी की समस्या है तो स्प्राउट्स नहीं खाने चाहिए। 0 यदि अंकुरित भोजन खाने से पेट दर्द या फिर गैस होती है तो इन्हें लहसुन और टमाटर के साथ मिलाकर खाएं।0 अंकुरित भोजन हमेशा भूनकर खाएं।0 सूक्ष्मजीवों की उत्पत्ति को रोकने के लिए अंकुरित आहार को खाने से पहले गर्म पानी में डालें और फिर छानकर इसका सेवन करें। 4] सलाद सलाद के माध्यम से न केवल विटामिन्स, मिनरल्स की कमी पूरी होती है साथ ही शरीर में फाइबर्स की कमी भी पूरी होती है। खासकर बारिश के मौसम में सलाद का उपयोग बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। अगर थोड़ी भी असावधानी बरती गई तो फूड प्वाइजनिंग जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। बारिश में इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है इसलिए कोशिश करें कि सलाद बनाने के पहले सब्ज्यिों और फलों को अच्छे से साफ कर लें। सलाद को खुला न छोड़ें। इससे संक्रमण हो सकता है। सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में पहले से सोडियम होता है इसलिए इसमें नमक नहीं मिलाना चाहिए। अगर आप सलाद में ऊपर से नमक डालते हैं तो सलाद से मिलने वाले पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। सलाद में नमक डालकर रख देने स इसमें से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है। इसलिए पौष्टिकता बरकरार रखने के लिए सलाद को बिना नमक डाले ही खाना चाहिए। […]

कलियुग के यथार्थ का उद्घाटन करते युधिष्ठिर के उत्तर

May 31, 2020 0

●ज्ञानगंगा● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- शनिदेव ने कहा— महल में प्रवेश करने से पूर्व हमारी कुछ शर्तें हैं। इस पर भीम ने उनकी शर्तें जाननी चाहीं। प्रहरी ने उन शर्तों को बताना शुरू किया :— […]

आज वीर सावरकर की जयंती

May 28, 2020 0

आज वीर सावरकर की जयंती के मौके पर श्री मोदी ने कहा कि उन्‍हें इस बात से प्रसन्‍नता होती है कि नई पीढ़ी देश के इतिहास, स्‍वाधीनता सेनानियों और जिन लोगों ने देश के लिए […]

जयन्ती पर प्रो. आर्थर लेवेलिन बाशम का पुण्य स्मरण

May 24, 2020 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (इतिहासवेत्ता) ‘मैं हिन्दुओं के ज्ञान के बारे में बात नहीं करूँगा… ना ही ग्रीक और बेबीलोन वासियों से ज्यादा बढ़िया ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में किये गए उनके कुशाग्र अन्वेषणों के बारे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 21, 2020 0

शुद्ध शब्दप्रयोग (उदाहरण-सहित)यहाँ ‘से’ के स्थान पर ‘में’ का प्रयोग होता है; समझें :–★ मेरी समझ ‘में’ ऐसा ही है।★ तीव्र गति ‘में’ गाड़ी मत चलाओ।★ देर ‘में’ मत आना।★ गाड़ी देर ‘में’ आयेगी।★ क्रम […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 16, 2020 0

■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध कीजिए।★ कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर–यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। पहली बात, इस वाक्य में ‘कल’ शब्द का प्रयोग है, जो […]

जीरो शैडो-डे या ‘शून्‍य छाया दिवस’

May 13, 2020 0

● कर्क रेखा के उत्‍तर और मकर रेखा के दक्षिण में शून्‍य छाया दिवस नहीं होता : प्रदीप नारायण मिश्र (पी.बी.आर.विज्ञान क्लब समन्वयक) प्राय: यह माना जाता है कि परछाई कभी भी हमारा पीछा नहीं […]

पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

May 12, 2020 0

प्रश्न एक- महाभारत में कुल कितने श्लोक हैं?(क) ८८ हज़ार (ख) १ लाख (ग) १ लाख १० हज़ार (घ) इनमें से कोई नहीं। प्रश्न दो- महाभारत को किसने लिखा था?(क) ब्रह्मा ने (ख) विष्णु ने […]

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