साहित्य संगम संस्थान की छंदेष्टि का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के करकमलों से हुआ प्रसारण

November 15, 2018 0

भवानीमंडी:- छंदेष्टि साहित्य संगम संस्थान की ई मासिक पत्रिका के बारह्वें अंक का प्रसारण राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आ०राजेश पुरोहित के करकमलों हुआ । इस अंक में विविध छंदों का संकलन किया गया है । ये […]

उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़!

November 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ◆ ‘अल्ला-अल्लाह’ को समझें :–

October 19, 2018 0

‘शब्द’ आप्त (प्रामाणिक, निष्णात)मनुष्य-द्वारा व्यक्त ज्ञान है। विज्ञ और पाठक-वर्ग को किसी भी ‘गर्हित मानव-कृत धर्म’ से स्वयं को पृथक् कर, ‘शब्द-संस्कार’ संवर्धन करने की सामर्थ्य अर्जित करनी चाहिए और अपने लोक में शब्द-संधान करना […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में अभारतीय (विदेशज) समध्वनिमूलक शब्द

October 13, 2018 0

यहाँ उन शब्दों के शुद्ध वर्तनी और शब्दार्थ दिये गये हैं, जिनका हमारा प्रबुद्ध-वर्ग अपने वाचन और लेखन में प्रयोग करता है। ऐसे शब्दों को हिन्दी ने आत्मसात कर लिया है। आप उन शब्दों पर […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

विचारणीय विषय : छन्द-विधान पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है

October 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘छन्द-विधान’ पर अब नये सिरे से विचार करने की आवश्यकता है; क्योंकि कवि-कवयित्रियाँ ‘वर्तनी-अशुद्धि’ को प्रश्रय देते हुए, स्वेच्छाचारिता का परिचय देती आ रही हैं। अधिकतर सर्जक अपनी सुविधानुसार ‘लघु’ और ‘दीर्घ’ […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

मेहनत से खुलते हैं प्रगति के द्वार

September 23, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक, साहित्यकार मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये पंक्तियां व्यक्ति को मेहनती बनाती है। मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेहनत करने से ही किसी व्यक्ति जाति या […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

September 18, 2018 0

◆ ऊपर दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।   ‘रेलमन्त्रालय’ का अज्ञान; ‘रेलविभाग’ की मूढ़ता या फिर ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेजी का बोध! ★ […]

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