कु० मंजू वर्मा बनाम श्रीमती मंजू वर्मा

August 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ ‘ए०बी०पी० न्यूज़ समाचार-चैनल’ की ओर से बेचारी मंजू वर्मा को (शुद्ध शब्द ‘मंजु’), जो बिहार की ‘समाज-कल्याणमन्त्री’ हैं, और चन्द्रेश्वर वर्मा की पत्नी हैं, को श्रीमती मंजू वर्मा से कु० (कुमारी) […]

“सुरमई अँखियों में इक नन्हा-मुन्ना सपना दे जा रे!”

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  अभिनय में वह शक्ति है, जो पाषाण को भी द्रवीभूत कर दे। ‘सदमा’ अर्थात् आघात मनुष्य को एक ऐसी मानसिक अवस्था में प्रवेश कराता है, जहाँ उसका जीवन किसी अभिनय से अल्पतर […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में रचना, लेख, निबन्ध तथा प्रबन्ध

August 5, 2018 1

● रचना— किसी भी पद्य अथवा गद्य-कृति को ‘रचना’ कहते हैं | ● लेख— किसी विषय पर सांगोपांग अथवा एकांगी दृष्टि से विषय-प्रधान और शास्त्रीय पद्धति में प्रकाशित गद्यबद्ध विचारों को प्रकट करनेवाली रचना को […]

‘म्लेच्छ-भाषा’ क्या है?

July 23, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ अस्पष्ट भाषा/अपभ्रंश भाषा ‘म्लेच्छ-भाषा’ है। जिन वर्णों का उच्चारण व्यक्त न हो, वह ‘म्लेच्छ-भाषा’ कहलाती है। किरात, खस, बर्बर, पह्लव, पौण्ड्र, द्रविड, शक, शबर, सिंहल, यवन इत्यादिक जातियाँ-जनजातियाँ-बर्बर जातियाँ ‘म्लेच्छ’ […]

सीखने-सिखाने की ‘सामर्थ्य’ जाग्रत कीजिए

July 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, ‘भाषापरिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद ——————————————————– शब्द : भारी बहुमत से, प्रचण्ड बहुमत से, बहुत भारी बहुमत से, भयंकर बहुमत से ——————————————————– ये सारे शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, […]

तत्सम, तद्भव, देशज तथा विदेशज शब्दावली का मनोहारी दर्शन तुम कौन हो?

July 10, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मैं अपलक उसे निहार रहा था। राजहंस-सा गौर वर्ण, द्रुत विलम्बित-सी गति, अभिधावाणी, उपनागरिका वृत्ति-सी प्रकृति, प्रसाद गुण-सा शील, मासूम चेहरे पर खिलता श्रृंगार-रस, अंग-अंग से फूटता हुआ शब्दालंकार। उसने कुछ कहा […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ : उच्चारण और लेखनगत अनुशासन

July 8, 2018 0

” लम्हों ने ख़ता की, सदियों ने सज़ा पायी” शताब्दियों से हमारे विद्वज्जन, शिक्षकवर्ग लेखकगण, विद्यार्थीवृन्द इत्यादिक उच्चारण और लेखनगत अनुशासन की अवहेलना करते आ रहे हैं, जो कि सर्वथा अनुचित है; कारण कि अधिकतर […]

आइए! ‘भाषिक क्रान्ति’ की दिशा में हम-आप एक पग बढ़ायें।

June 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आप यदि किसी के भी सम्प्रेषण में अंकित अशुद्धि/अशुद्धियों के प्रति विश्वस्त हैं तो उसे सुस्पष्ट सचेत कीजिए। उस व्यक्ति को बुरा लगेगा; दोनों के सम्बन्धों में कटुता आयेगी; सम्बन्ध विच्छेद हो […]

वाक्य-संरचना में ‘पूर्ण विराम’ का महत्त्व समझें और मनोरंजन करें

June 20, 2018 0

प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘भाषा-परिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद यह घटना बलिया ज़िले की है। गाँव ‘रतनपुरा’ है। एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला मुझसे मिली थी। वह अर्द्ध-शिक्षिता थी। उसका पति झारखण्ड में कोयलरी (कोयला-कारख़ाना) […]

‘डॉ पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में ‘अरबी-फ़ारसी’ शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखें

June 19, 2018 1

आज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब ‘अरबी-फ़ारसी’ भाषाओं पर दृष्टि निक्षेपित करते हैं […]

1 2 3 25
url and counting visits