वाक्य-संरचना में ‘पूर्ण विराम’ का महत्त्व समझें और मनोरंजन करें

June 20, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘भाषा-परिष्कार-समिति’ केन्द्रीय कार्यालय, इलाहाबाद यह घटना बलिया ज़िले की है। गाँव ‘रतनपुरा’ है। एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला मुझसे मिली थी। वह अर्द्ध-शिक्षिता थी। उसका पति झारखण्ड में कोयलरी (कोयला-कारख़ाना) में […]

‘डॉ पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में ‘अरबी-फ़ारसी’ शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखें

June 19, 2018 0

आज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब ‘अरबी-फ़ारसी’ भाषाओं पर दृष्टि निक्षेपित करते हैं […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ – ‘अन्त:स्थ’ और ‘अन्तस्थ’

June 9, 2018 0

वर्णमाला के अन्तर्गत जिन य, र, ल, व के समुच्चय को ‘अन्त:स्थ’ कहा जाता है, (अधिकतर पुस्तकों में ‘अन्त:स्थ’ के स्थान पर ‘अन्तस्थ’ का प्रयोग किया गया है, जो अशुद्ध है।) उनमें में से दो […]

‘ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ‘ ‘वर्ण’ और ‘अक्षर’ के मध्य अन्तर को समझिए

June 9, 2018 0

‘वर्णमाला’ के अन्तर्गत हमारे अधिकतर अध्यापक- वृन्द ‘वर्ण’ और ‘अक्षर’ की बात करते हैं। पुस्तकों में इस आशय की परिभाषा विद्यार्थियों को भ्रमित करती है :– वर्ण को ‘अक्षर’ भी कहते हैं। ऐसे में ही, […]

०भाषा-विमर्श० – ‘प्रतीक-योजना’ क्या है?

June 9, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ मानवीय चेतना की विकास-गाथा में प्रतीकों की विशिष्ट भूमिका रही है। संकल्प-विकल्पात्मक मन की यह प्रथा है कि वह विभाजित सत्यों को चित्रित-प्रतीकित करने की कामना करता है। आदिम युग […]

पत्रकारिता ‘मौज-मस्ती’ नहीं, ‘साधना’ है

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कहाँ से शुरू करूँ? यह प्रश्न स्वाभाविक है; क्योंकि मैं ‘नख-शिख’ स्वयं में ‘पत्रकारिता’ हूँ। तीन अंकों में भी अर्जन किया और पाँच अंकों में भी। इन्हीं तीन और पाँच के बीच […]

ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए नैतिक विचारों को आत्मसात कर जनहित में कार्य करना जरूरी : राम कथा बाला जी धाम 

May 24, 2018 0

अजीत प्रताप सिंह- ————————————————————————————————————- हरदोई! बालाजी धाम, खेतुई,  मंदिर में चल रही राम कथा भागवत कथा एवं हनुमत यज्ञ व प्रवचन से भक्ति का वातावरण बना हुआ है सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मंदिर में […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला – आरम्भ-प्रारम्भ-समारम्भ-परिरम्भ

May 19, 2018 0

आरम्भ– किसी भी कार्य की प्रथम अवस्था का अनुष्ठान अथवा सम्पादन ‘आरम्भ’ है। दूसरे शब्दों में— कोई भी कार्य जब पहली बार किया जाता है तब उसे ‘आरम्भ’ कहा जाता है। अब ‘आरम्भ’ शब्द-संरचना पर […]

आप दही को नमक के साथ मत खाईये

May 10, 2018 0

डॉ.के.पी.सिंह (कैंसर विशेषज्ञ) 9213981415 कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये । दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के […]

समीक्षा-अधिकारी परीक्षा’ के ‘सामान्य हिन्दी’ प्रश्नपत्र का परीक्षण और समीक्षण :-

April 14, 2018 0

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’ आश्चर्य है, सामान्य हिन्दी/हिन्दी-भाषा के प्रश्नपत्र के अन्तर्गत किये गये प्रश्नों में ‘प्राश्निक’ (प्रश्नपत्र तैयार करनेवाला) ने व्याकरणिक अनुशासन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। इससे सुस्पष्ट हो जाता है […]

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