शब्द-चिन्तन

June 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- शब्द परा है तो अपरा भी; शब्द ज्योति है तो तिमिर भी; शब्द स्थूल है तो सूक्ष्म भी; शब्द नूतन है तो पुरातन भी; शब्द रुदन है तो हास भी; शब्द सौम्य […]

जो भी भाषा-शुचिता का पक्षधर नहीं, ‘अपना मार्ग’ अलग कर ले

May 27, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- जो भी व्यक्ति इस विषय का पक्षधर है कि उसके लिए ‘भाषा-शुचिता’ से अधिक ‘मात्र सम्प्रेषणीयता’ का महत्त्व है, ऐसे लोग मेरी मैत्री-सूची से स्वयं को ‘सदैव’ के लिए पृथक् कर लें; […]

बाधाओं से लड़िए और इन्हें छिन्न-भिन्न करिए

April 27, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ सद्कर्म की राह बड़ी ही कठिन है । मानवता के मार्ग में अनेक कंटीली झाड़ियाँ हैं । सत्य-मार्ग पर जब आप चलेंगे तो कंटक रूपी बाधाओं से दो चार होना ही […]

नकारात्मक विचारों से जूझता मन

April 6, 2019 0

अभिषेक कांत पाण्डेय (लेखक/पत्रकार, मध्यप्रदेश) सकारात्मक सोच जीवन में रंग भरता है, वहीं नकारात्मक सोच जीवन में निराशा उत्पन्न करता है। क्या आपने कभी सोचा कि मन में सबसे अधिक नकारात्मक सोच क्यों आता है। […]

जन्मदिन पर विशेष : देश के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक माखनलाल चतुर्वेदी

April 4, 2019 0

ये कलरव कण्ठ सुहाने लगते हैं संदर्भ:- जन्मतिथि-, 4 अप्रैल राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार- “मुझे तोड़ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ जावे वीर अनेक […]

दोहा छन्द अभ्यास की पाठशाला है शिवेतरक्षिति मंच:- राजेश पुरोहित

January 19, 2019 0

कवियों को दोहा विज्ञ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा । भवानीमंडी:- (राजेश पुरोहित) शिवेतरक्षिति दोहा सृजन मंच सम्बन्धता साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली, राम सनेही घाट बाराबंकी उत्तर प्रदेश का साहित्यिक मंच है। मंच की […]

ग्रामविकास-अधिकारी परीक्षा के प्रश्नपत्रों में लज्जाजनक अशुद्धियाँ!

December 27, 2018 0

◆ प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘प्रधानाध्यापक’, ‘लौकिक’, ‘द्विगु’, ‘कपड़ा’ आदिक नहीं लिख सके डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय २२ दिसम्बर-२३ दिसम्बर, २०१८ ई० को ‘ग्रामविकास-अधिकारी’ की परीक्षाएँ हुई थीं, जिनके सभी ‘सेट कोड’ और ‘परीक्षा पुस्तक सीरीज़’ में बड़ी […]

शहीद उधम सिंह का आज जन्मदिन, इस अमर शहीद को शत-शत नमन

December 26, 2018 0

शहीद उधम सिंह का आज जन्मदिन है | भारत की आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के प्रमुख क्रान्तिकारी सरदार उधम सिंह का नाम अमर है। आम धारणा है कि उन्होने जालियाँवाला बाग हत्याकांड के उत्तरदायी […]

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ‘हिन्दी हैं हम’ के कुशल प्रवक्ता थे : डॉ० पृथ्वी नाथ पाण्डेय

December 22, 2018 0

●आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी का पुण्यतिथि-समारोह सम्पन्न “भाषा की दृष्टि से आचार्य द्विवेदी एक विलक्षण साधक थे। वे सरल और सुबोध भाषा के पक्षधर थे। गूढ़ विषयों के निदर्शन में उनकी भाषा संयत और आचार्यत्व […]

‘उत्तरप्रदेश उच्चतर शिक्षा आयोग’, इलाहाबाद की अकर्मण्यता सामने आयी : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

December 20, 2018 0

‘असिस्टेण्ट प्रोफेसर-परीक्षा’ के लिए प्रश्नपत्र बनानेवाले ‘लिए’, ‘मस्तिष्क’, ‘प्रस्तुतीकरण’, ‘प्रवृत्ति’, ‘वैयक्तिक’ आदिक शब्द नहीं लिख सके?.. ! भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने प्रश्नपत्र बनानेवालों की योग्यता पर प्रश्न उठाया है । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने […]

क्या बिस्मिल, अशफ़ाक और रोशन याद हैं ?

December 19, 2018 0

 दोस्तों १९ दिसम्बर अमर सेनानी पण्डितराम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़उल्ला खान वारसी ‘हसरत’ और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस है | इन्हें १९२७ को गोरखपुर में फांसी दे दी गयी थी । ये तीनों ही […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 14, 2018 0

यहाँ पृथक् प्रकार के तीन वाक्य दिये गये हैं, जो दोषपूर्ण हैं। वे दोष कई प्रकार के हैं। वाक्य की प्रकृति को समझते हुए, हमने उन सभी दोषों पर सांगोपांग विचार करते हुए, उनका दोषमुक्त […]

साहित्य संगम संस्थान की छंदेष्टि का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के करकमलों से हुआ प्रसारण

November 15, 2018 0

भवानीमंडी:- छंदेष्टि साहित्य संगम संस्थान की ई मासिक पत्रिका के बारह्वें अंक का प्रसारण राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आ०राजेश पुरोहित के करकमलों हुआ । इस अंक में विविध छंदों का संकलन किया गया है । ये […]

उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग ने खड़ा किया ‘भयंकर अशुद्धियों’ का पहाड़!

November 1, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) दशकों से उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की अयोग्यता उसका पीछा नहीं छोड़ रही है। इस आयोग की ओर से जितनी भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, सभी में प्रश्नपत्र तैयार करनेवाले […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ◆ ‘अल्ला-अल्लाह’ को समझें :–

October 19, 2018 0

‘शब्द’ आप्त (प्रामाणिक, निष्णात)मनुष्य-द्वारा व्यक्त ज्ञान है। विज्ञ और पाठक-वर्ग को किसी भी ‘गर्हित मानव-कृत धर्म’ से स्वयं को पृथक् कर, ‘शब्द-संस्कार’ संवर्धन करने की सामर्थ्य अर्जित करनी चाहिए और अपने लोक में शब्द-संधान करना […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में अभारतीय (विदेशज) समध्वनिमूलक शब्द

October 13, 2018 0

यहाँ उन शब्दों के शुद्ध वर्तनी और शब्दार्थ दिये गये हैं, जिनका हमारा प्रबुद्ध-वर्ग अपने वाचन और लेखन में प्रयोग करता है। ऐसे शब्दों को हिन्दी ने आत्मसात कर लिया है। आप उन शब्दों पर […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

विचारणीय विषय : छन्द-विधान पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है

October 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘छन्द-विधान’ पर अब नये सिरे से विचार करने की आवश्यकता है; क्योंकि कवि-कवयित्रियाँ ‘वर्तनी-अशुद्धि’ को प्रश्रय देते हुए, स्वेच्छाचारिता का परिचय देती आ रही हैं। अधिकतर सर्जक अपनी सुविधानुसार ‘लघु’ और ‘दीर्घ’ […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

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