‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ में अभारतीय (विदेशज) समध्वनिमूलक शब्द

October 13, 2018 0

यहाँ उन शब्दों के शुद्ध वर्तनी और शब्दार्थ दिये गये हैं, जिनका हमारा प्रबुद्ध-वर्ग अपने वाचन और लेखन में प्रयोग करता है। ऐसे शब्दों को हिन्दी ने आत्मसात कर लिया है। आप उन शब्दों पर […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

विचारणीय विषय : छन्द-विधान पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है

October 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘छन्द-विधान’ पर अब नये सिरे से विचार करने की आवश्यकता है; क्योंकि कवि-कवयित्रियाँ ‘वर्तनी-अशुद्धि’ को प्रश्रय देते हुए, स्वेच्छाचारिता का परिचय देती आ रही हैं। अधिकतर सर्जक अपनी सुविधानुसार ‘लघु’ और ‘दीर्घ’ […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

मेहनत से खुलते हैं प्रगति के द्वार

September 23, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक, साहित्यकार मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये पंक्तियां व्यक्ति को मेहनती बनाती है। मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेहनत करने से ही किसी व्यक्ति जाति या […]

‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

September 18, 2018 0

◆ ऊपर दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।   ‘रेलमन्त्रालय’ का अज्ञान; ‘रेलविभाग’ की मूढ़ता या फिर ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेजी का बोध! ★ […]

आधुनिक भारत के निर्माता:-भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया

September 12, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”  15 सितम्बर (अभियन्ता दिवस) भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक प्रख्यात इंजीनियर व राजनेता थे। इनका जन्म 15 सितम्बर 1860 को चिक्काबल्लापुर कोलार कर्नाटक में हुआ था। उन्होनें आधुनिक भारत निर्माण में […]

योग की वास्तविक व्याख्या

September 3, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” (योग गुरु, कवि, साहित्यकार) योग शब्द संस्कृत धातु “युज” से निकला है जिसका अर्थ है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का आत्मा से मिलन। योग भारीय ज्ञान की एक पुरानी एक शैली है। […]

सफलता का राज़ क्या है ?

August 31, 2018 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ (भवानीमण्डी)- संसार का प्रत्येक मनुष्य जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है। सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य कठिन परिश्रम करता है। कृषक रात दिन खेतों में पसीना बहाता है। तब […]

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