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आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक राष्ट्रीय कर्मशाला लातूर मे २६ सितम्बर से

September 24, 2022 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक राष्ट्रीय कर्मशाला का आयोजन शिव छत्रपति शिक्षणसंस्था-द्वारा संचालित राजर्षि साहू महाविद्यालय (स्वायत्त), लातूर (महाराष्ट्र) के हिन्दी-विभाग की ओर से किया जायेगा। वहाँ की हिन्दीविभाग-प्रमुख डॉ० पल्लवी […]

विद्यार्थी और अध्यापक शुद्ध शब्द बोलने-लिखने के प्रति सजग रहें– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

September 23, 2022 0

२३ सितम्बर को धर्मादेवी इण्टरमीडिएट कॉलेज, केन (कौशाम्बी) के सभागार मे आयोजित ‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ मे सैकड़ों विद्यार्थियों और अध्यापकों को मौखिक, लिखित तथा सांकेतिक भाषा का सोदाहरण बोध कराया गया। लगातार […]

पाठशाला– एक दृष्टि मे

September 21, 2022 0

◆ पाठशाला उचित-अनुचित का ज्ञान और भान कराती है।◆ पाठशाला मनुष्यता सिखाती है।◆ पाठशाला अक्षरज्ञान से परिचित कराती है।◆ पाठशाला ‘सामान्य’ शिक्षा से लेकर ‘विशेष’ शिक्षा तक का बोध कराती है।◆ पाठशाला जीवन-अनुभव का विस्तार […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला ‘रायबरेली से लातूर तक’

September 20, 2022 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक, प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक कर्मशाला का आरम्भ हो चुका है। विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा मीडियाकर्मियों को कई दशक से शुद्ध हिन्दी बोलने और लिखने के प्रति आग्रहशील आचार्य पाण्डेय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला रायबरेली (उत्तरप्रदेश) से लातूर (महाराष्ट्र) की ओर

September 20, 2022 0

२५ सितम्बर से २८ सितम्बर तक की अवधि एक शैक्षिक, किन्तु कलात्मक संस्मरण की रचना कराने के प्रति आग्रहशील है। प्रयागराज से इन्दौर और इन्दौर से हैदराबाद, तदनन्तर (‘तद्न्तर’, ‘तद्नन्तर’, ‘तदन्तर’ अशुद्ध हैं।) गन्तव्य लातूर […]

आइए! ‘कविता और कवि’ का परीक्षण करें और समीक्षण भी

August 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सम्भवत: कोई पारंगत कवि हो, जो समग्र मे अपने गीतात्मक रचना और अन्य छन्दबद्ध सर्जन करते समय भाषा और छन्द के साथ न्याय कर पाता हो। वैसे सर्जक की पीठ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

August 18, 2022 0

अधोटंकित शब्दों मे से कौन-सा/कौन-से शब्दप्रयोग शुद्ध है/हैं? ● आचार्य की पाठशाला के प्रश्न देखने मे बहुत सरल लगते और दिखते हैं; किन्तु उतने होते नहीं हैं, इसलिए उत्तर टंकित करते समय ‘त्वरा’ का परिचय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 29, 2022 0

यह पूरी पारदर्शी प्रतिक्रिया नीचे दिखाये गये प्रचारपत्र मे प्रयुक्त शब्दों और विराम-विरामेतर (‘विरामेत्तर’ अशुद्ध है।) चिह्नो के संदर्भ मे की गयी है। यह पढ़े-लिखे लोग का ‘विश्व हिन्दी संगठन’ है; परन्तु भाषाबोध के नाम […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

July 17, 2022 0

शब्द :– भारी बहुमत से; प्रचण्ड बहुमत से; बहुत भारी बहुमत से; भयंकर बहुमत से। ये सभी शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, इन्हें पंचायती माल बना दिया गया है; यों (‘यूँ’ […]

तत्सम, तद्भव, देशज तथा विदेशज शब्दावली का मनोहारी दर्शन

July 10, 2022 0

—-इसे कहते हैं ‘शब्दचित्र’ ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मै अपलक उसे निहार रहा था। राजहंस-सा गौर वर्ण, द्रुत विलम्बित-सी गति, अभिधावाणी, उपनागरिका वृत्ति-सी प्रकृति, प्रसाद गुण-सा शील, मासूम चेहरे पर खिलता शृंगार-रस, अंग-अंग से […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 1, 2022 0

विषय– जन्मदिन बनाम जन्मतिथि/जन्मदिनांक ऐसा ज्ञान, जो आपको इस पाठशाला के अतिरिक्त कहीं नहीं मिलनेवाला है। इसे हम वर्षों से बताते-समझाते आ रहे हैं; परन्तु प्रत्येक कुएँ मे डाली गयी भाँग को बाहर लाकर उस […]

साहित्य क्या है?

July 1, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला— जिसमे जड़-चेतन का हित हो; कल्याण हो तथा भला हो, वह ‘साहित्य’ है। साहित्य जीवन का व्याख्याता है। साहित्य के परिशीलन से हृदय का परिष्कार होता है। उसमें प्रकृति […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 20, 2022 0

■ अरबी-फ़ारसी शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखेंआज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 17, 2022 0

शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 16, 2022 0

● शब्द-विचार– ज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार/ज़िम्मादार-ज़िम्मावार ● शुद्ध शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ हैं। अब प्रयोग के धरातल पर यही दोनो शब्द क्रमश: ‘ज़िम्मेदार’ और ‘ज़िम्मेवार’ बन गये हैं, जो कि अशुद्ध और अनुपयुक्त हैं। हम इसका ‘ज़िम्मादार’ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 16, 2022 0

■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें–(यह वाक्य निर्देशात्मक है, इसलिए यहाँ ‘निर्देशक- चिह्न’ (–) प्रयुक्त हुआ है।)वाक्य– कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर•••••••••••••••यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 14, 2022 0

विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– एहसास-एहसान, दम्पती, नवरात्र, ब्रह्मा तथा मनोरंजन। ★ एहसास– प्राय: जनसामान्य इस शब्द को ‘अहसास’ बोलता-लिखता आ रहा है, जो कि पूरी तरह से ग़लत है। कुछ लोग तो एहसास का हिन्दीकरण ‘अहसास’ समझते और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– परिवेश और परिवेष। ★ परिवेश– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है। शब्दभेद की दृष्टि से यह विकारी ‘संज्ञा-शब्द’ है। लिंगानुशासन इसे ‘पुंल्लिंग’ (‘पुंलिंग’, ‘पुल्लिंग’ अशुद्ध हैं।) के रूप मे स्वीकार (‘स्वीकारता’ अशुद्ध है।) करता है। […]

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