‘इस्तेमाल’ किया जा रहा हमारा युवावर्ग ?

November 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज देश में कितने बुद्धिजीवी हैं, जो हमारे राष्ट्र के भविष्य ‘युवावर्ग’ को भटकाव की राह पर जाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं; उसकी अवसाद और हताशा की स्थिति में […]

जे० एन० यू० के विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमण्डल के साथ वार्त्ता की जाये

November 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बेशक, मैं जे० एन० यू० के विद्यार्थियों की अपनी माँगों के समर्थन में किये जानेवाले आन्दोलन का पक्षधर हूँ; परन्तु उनके आन्दोलन से यदि जनसामान्य को कोई कठिनाई और कष्ट होता हो […]

दिशाहीन सरकार देश को ‘महानरक’ के दरवाज़े पर ला पटकती है

November 17, 2019 0

डॉ॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय (प्रख्यात शिक्षाविद्)- देश के स्नातक-उपाधि-प्राप्त समस्त अनियोजित (बेरोज़गार) युवाओं के लिए सरकार प्रति युवा १० हज़ार रुपये प्रतिमाह ‘मानधन’ देने की व्यवस्था करे, अन्यथा युवावर्ग दिग्भ्रमित हो जायेगा और नकारात्मक पथिक बनकर […]

धुंध में लिपटी राजधानी

November 5, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ शिक्षक एवं साहित्यकार- दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी। दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती […]

घोर ‘अतिवाद’ का परिचय देती भारत-सरकार!

October 29, 2019 0

◆ किसकी पहल पर जम्मू-कश्मीर में ‘विदेशी’ सांसद बुलाये गये? डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की सरकार इन दिनों जिस तरीक़े से अपने चरित्र-चाल-चेहरा को अन्तरराष्ट्रीय मंचों से ख़ूबसूरत दिखाने की कोशिश कर रही है, वे […]

‘उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग’ की सामान्य हिन्दी की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों में अशुद्धियाँ-ही-अशुद्धियाँ!..?

October 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक), प्रयागराज- 18 अक्तूबर को उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित सामान्य हिन्दी की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘अधिकतम अंक’ दिया गया है, जबकि ‘पूर्णांक’ होना चाहिए, तभी ‘पूर्णांक-प्राप्तांक’ की […]

सत्ताधारियों! देशवासियों को उत्तर दो।

October 20, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के मतदाताओं ने तुम्हें सत्ता इसलिए नहीं सौंपी है कि अपनी निष्क्रियता का ठीकरा पूर्ववर्ती सत्ताधारियों पर फोड़ते रहो और बेशर्म बनकर अपनी नाकामियाँ छिपाते रहो। वर्ष २०१४ से पहले के […]

केन्द्र और महाराष्ट्र के शासन-संचालक महाराष्ट्र की स्थानीय चुनौतियों का सामना करने से भयभीत क्यों हैं ?

October 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ‘आदित्यनाथ योगी’ के नाम ‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय’ का मुक्त पत्र

October 16, 2019 0

महोदय! उत्तरप्रदेश राज्य में जी रहे जनसामान्य का जीवन आज जितना आतंकपूर्ण है उतना कभी नहीं रहा। जिस भाँति आपके राज्य की सरकार अकल्पनीय-अप्रत्याशित निर्णय कर राज्य के नागरिकों को हतप्रभ और भयभीत करती आ […]

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार पाने वाले अभिजीत बनर्जी मोदी जी के आलोचक हैं तो क्या अछूत हो गये ?

October 14, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मोदी जी के आलोचक हैं तो क्या अछूत हो गये ? जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हैं तो क्या भारतीय मूल का ही नहीं मानोगे ? अरे भाई नोबेल पुरस्कार (अर्थशास्त्र) […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनाइए!

October 9, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के साथ खड़े होते दिखायी पड़ते […]

इति सिद्धम्– साहित्य समाज को दर्पण थमाता हुआ

October 7, 2019 0

प्रसंगवश———- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बचपन (८-१०वर्ष) में देखता था कि आये-दिन कोई व्यक्ति द्वार पर याचक की मुद्रा में आ खड़ा होता था। उस व्यक्ति के कन्धे पर ‘पगहा’, गाय-बछिया को बाँधनेवाली डोर लटकी रहती […]

०समय-सापेक्ष चिन्तन० तब ‘रावण’ का भी ‘विकल्प’ पूछा जाता था

September 30, 2019 0

रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसकी ‘अहम्मन्यता के घड़े’ में भरती जा रही […]

क्या चाहते हैं, देश की सरकार चलानेवाले?

September 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- 0 निजता का हनन्। 0 देश का प्रत्येक नागरिक असुरक्षित। 0 देश की संरक्षा-सुरक्षा के स्थान घृणित प्रतिशोध की नीति अपनाती सरकार। 0 देश का प्रधानमन्त्री आत्म प्रदर्शन करने में तल्लीन। 0 […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ कब सार्वजनिक करेंगे?

September 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी जनसामान्य को रिश्वतख़ोरों, दलालों तथा भ्रष्ट शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों की दादागिरी और मनमाने आचरण से बचाने के लिए ‘संकटमोचक मोबाइल नम्बर’ क्यों नहीं सार्वजनिक करते? जिस तरह से […]

बी० एड्०, बी० पी० एड्०-टी० ई० टी० आदिक शैक्षिक योग्यतावाले अभ्यर्थी और विद्यार्थी अब ‘जायें-तो-जायें-कहाँ’ की स्थिति में!..?

September 22, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी हमारे उक्त अभ्यर्थियों-विद्यार्थियों के साथ मिल-बैठकर उनके प्रतिनिधिमण्डल के साथ सकारात्मक संवाद कर, कोई ‘मध्यम मार्ग’ निकालने पर विचार क्यों नहीं करते? हमारा युवावर्ग टूटता जा रहा […]

‘परम्परा’ और ‘सत्यबोध’ के साथ बलप्रयोग कर ‘दिव्य कुम्भ’ का आयोजन करनेवालो! सुनो और देखो

September 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रयागराज में ‘दिव्य कुम्भ’ के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, उत्तरप्रदेश-राज्यपाल-मुख्यमन्त्री, प्रमुख विपक्षी राजनेत्री-नेता आदिक शान के साथ डुगडुगी पिटवाते हुए पधारे थे; संगमस्नान किये थे; यहाँ तक कि प्रधानमन्त्री कवच-कुण्डल धारण […]

बलात्कार के आरोपित स्वामी चिन्मयानन्द स्वामी की गिरिफ़्तारी अभी तक क्यों नहीं?

September 17, 2019 0

इन दिनों उत्तरप्रदेश में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन-उत्पीड़न आदिक अपराध प्रगति पर हैं। राजनेता, सन्त, महन्त, धर्मोपदेशक ‘बलात्कारी’ के रूप में बलात्कार-आसन पर स्थापित होते जा रहे हैं; किन्तु ‘नारी-स्वाभिमान’, ‘नारी-सशक्तीकरण’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आदिक […]

डॉ० निश्शंक/निशंक! हमारे शिक्षित बेरोज़गार विद्यार्थियों के घाव पर नमक न छिड़कें

September 10, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- मन्त्रि जी! बी०एड्० की अनिवार्यता ‘घास’ छीलने के लिए की गयी है? आप संवादहीनता की स्थिति क्यों उत्पन्न कर रहे हैं? ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ में जो ‘दलाल’ (कमीसनख़ोर) बैठे हुए हैं और […]

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