‘रिश्वतख़ोरी’ और ‘दलाली’ हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

July 13, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘मुण्डकोपनिषद्’ से लिया गया राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ”सत्यमेव जयते” को निरस्त कर, देश के समस्त निजी, शासकीय-अर्द्ध-शासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, साहित्यिक संस्थानों, अधिष्ठानों, परिषदों, समितियों, मण्डियों, मन्त्रालयों, न्यायालयों, संसद्, विधानमण्डल, विधान […]

जरूरत पड़ी तो मैं बन्दूक भी उठाऊँगी– ऋचा दुबे

July 10, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (१० जुलाई) विकास दुबे के अन्त्येष्टि संस्कार के समय उसकी पत्नी ऋचा दुबे मीडियाकर्मियों के प्रश्न करने पर बरस पड़ी—-“तुम सबने मिलकर मेरे पति को मरवा दिया। जिसने जैसा […]

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का ‘ऑन-लाइन राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद समारोह’ सम्पन्न

July 8, 2020 0

● उत्तरप्रदेश में अपराध की गोद में खेलती-कूदती राजनीति इधर, कुछ वर्षों से उत्तरप्रदेश में गुण्डा-तत्त्वों को राजनीतिक और पुलिस-संरक्षण मिलने के कारण जनसमान्य का जीना दूभर हो गया है। ऐसे में, आपराधिक तत्त्वों से […]

कानपुर के आठ पुलिसकर्मियों की हत्याकाण्ड में काररवाई शुरू

July 7, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एस०टी०एफ० के डी०आइ०जी० अनन्तदेव तिवारी को उनके वर्तमान पद से हटाकर पी०ए०सी०, मुरादाबाद का डी०आइ०जी० बनाया गया है। उन्हें इसलिए वहाँ हटाया गया है; क्योंकि यह आशंका जतायी जा रही […]

हम कैसे कह दें— “आचार्य देवो भव?”

July 5, 2020 0

‘गुरुपूर्णिमा’ पर विशेष———- — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक वह समय था, जब अध्यापक की सम्पूर्ण समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी, तब यह उदात्त शब्दावली शोभा देती थी, “आचार्य देवो भव।” एक समय […]

देशी पद्धति से प्रतिरोधकता बढ़ाकर सन्त समीर जी अब तक सौ से ज्यादा कोरोना पीड़ितों का कर चुके हैं इलाज़

July 2, 2020 0

सन्त समीर जी कोरोना काल में अपने अनूठे या ये कहें कि दिव्य ज्ञान से अनेक असाध्य व्याधियों से लोग को मुक्त करते आए हैं । ध्यान रहे कि श्री समीर जी देश के जाने-माने […]

पुलिसतन्त्र की कार्यप्रणाली में अब आमूल-चूल बदलाव हो

June 29, 2020 0

सार-संक्षेप 0—- — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश के पुलिस-तन्त्र की कर्म-पद्धति में आमूल-चूल बदलाव की ज़रूरत है। ग़लत लोग पकड़े जाते हैं; ग़लत मुठभेड़ होता है; एफ०आइ०आर० तक नहीं लिखे जाते; ग़रीब-असहायजन को प्रताड़ित […]

कोरोनाकाल में बदलना चाहिए ‘विद्यालय शुल्क का प्रारूप’

June 27, 2020 0

ज्वलन्त विषय आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) ‘कोरोना’ महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच जब सबकुछ ऑनलाइन है तब ऐसी परिस्थितियों में हमारे देश के कुछ निजी विद्यालयों ने अपनी मानवता और आदर्शवादिता का परिचय देते […]

बाबा रामदेव : एक घपलेबाज़ और पलटीमार बनिया

June 26, 2020 0

त्वरित टिप्पणी 0——— — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इसमें कोई दो राय नहीं कि ‘योग’ की आड़ में बाबा रामदेव ने जो कलाकारी दिखायी है, उससे विश्व के सभी सम्बन्धित लोग हतप्रभ हो चुके हैं। […]

पत्रकार और समाचार-चैनलकर्मी अपना दु:खड़ा कहाँ जाकर रोयें?

June 23, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोरोना के विषाणु का प्रभाव इतना अधिक बलशाली और तीक्ष्ण दिख रहा है कि वह जीते खा रहा है और मरते भी। इस समय […]

‘नारीभक्षियों’ की उत्पत्ति, लचर क़ानून व्यवस्था का परिणाम

June 22, 2020 0

ज्वलन्त विषय- आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) कोरोना काल में भी कानपुर में राजकीय बालिका गृह में५७ लड़कियां कोरोना पॉजिटिव, २ नाबालिग लड़कियाँ आठ माह की गर्भवती, दोनों लड़कियों में से एक HIV से भी संक्रमित […]

ह्वाट्सएप राष्ट्रीय पत्रकारीय परिसंवाद-आयोजन २५ जून को

June 21, 2020 0

कोरोना-संक्रमण-काल के आरम्भ से लेकर अब तक हमारे देश के मीडियाकर्मी प्राणपण से अपने सेवाकार्य में लगे हुए हैं; वे चाहें मुद्रित माध्यम के संवाददाता हों या फिर वैद्युत-माध्यम के। प्रवासी श्रमिकों की व्यथा-कथा हो […]

न्यूइण्डिया के मक्कारो! देश को उत्तर दो

June 17, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष १९६२ की बात नहीं, वर्ष २०२० की बात करो।२५ अप्रैल को सूचना दी गयी थी कि चीन भारत की सीमा में घुस चुका […]

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री की अनावश्यक तारीफ़ का पुरस्कार अपर्णा यादव को मिला

June 14, 2020 0

–– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपर्णा यादव को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री ने आदेश क्यों किया? किस आतंकवादी ने उन्हें धमकी दी है? इतना ही नहीं, अपर्णा यादव […]

एक और धूर्त्त महिला अध्यापक ‘दीप्ति सिंह’ के काले कारनामे!

June 13, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अनामिका शुक्ला के नाम पर शिक्षाजगत् में की गयी अभूतपूर्व अँधेरगर्दी के बाद से रोज़ किसी-न-किसी छद्म शिक्षकों के चरित्रहीनता और कुकर्म सामने आ रहे हैं। उनमें बड़ी संख्या में […]

कोरोनाकाल-व्यवस्था पर गम्भीर सवाल?

June 12, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी और जिसकी अपनी घोषित सरकार है, इस समय ‘वर्चुअल राजनैतिक रैली करने में व्यस्त हो चुकी […]

‘बेबिनार’ का प्रयोग कर, भाषिक वातावरण विषाक्त करनेवालो! उत्तर दो

June 9, 2020 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय न्यूइण्डिया के उन लोग के नाम एक विश्व-कीर्तिमान है, जो स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा पढ़ा-लिखा मानते और समझते हैं; और वह है, नक़्लची बनने का। दूसरी ओर, ‘भारत’ की मिट्टी […]

एक साथ २५ स्कूलों में पढ़ानेवाली महिला लगभग एक करोड़ रुपये का चूना लगाकर फुर्र हुई!..?

June 6, 2020 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वह शातिर महिला अध्यापक ‘मैनपुरी’ (उत्तरप्रदेश) की रहनेवाली है, जिसका नाम अनामिका शुक्ला है।उत्तरप्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पारदर्शिता लाने के लिए […]

अराजक चरित्र को जीते आ रहे हिन्दी-समाचार चैनल– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

May 31, 2020 0

★हिन्दी-पत्रकारिता दिवस (३० मई) पर राष्ट्रीय परिसंवाद-आयोजन “आज हिन्दी-समाचार चैनलों की कार्यपद्धति विश्वसनीय नहीं दिख रही है। स्थिति यह है कि सभी चैनलों के सूत्रधार (एंकर) जिस प्रकार की भूमिका में दिख रहे हैं, वह […]

किसी की लाचारी को ‘बहादुरी’ मत कहो

May 24, 2020 0

त्वरित टिप्पणी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- चित्र में जो लड़की दिख रही है, उसका नाम ज्योति कुमारी है। वह दरभंगा के ‘कमतौल’ क्षेत्रान्तर्गत ‘सिरहुल्ली’ गाँव की रहनेवाली एक अति निर्धन परिवार की बेटी है। उसकी […]

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