देश की सरकार पाकिस्तान के सम्मुख घुटने टेकते आ रही है!..?

June 14, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं पर भारत-सरकार की नीतियाँ कितनी खोखली हैं और राजनीतिक इच्छाशक्ति का कितना अभाव है, सुस्पष्ट होता जा रहा है। भारत की सामरिक नीतियों को अपने कूटनीतिक आचरण से पाकिस्तान ध्वस्त […]

देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी! कहाँ छुपे हो?

June 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमारे चार सैनिकों की हत्या आज (१३ जून, २०१८ ई०) पाकिस्तान ने कर दी है, जिसके लिए ‘तुम’, सिर्फ़ ‘तुम’ उत्तरदायी हो। तुम्हारी रक्षा और विदेशनीतियाँ निहायत खोखली हैं। न तुम्हारी सरकार […]

तथाकथित नारी-विमर्श का ‘सच’

June 12, 2018 0

नारी को जहाँ तक सम्भव है, सब तरह से बाँध कर रखना; पुरुष का एकान्त अनुगत कर देना, यह समाज-व्यवस्था के लिए कार्यकर होने पर भी समाज-जाति की प्रगति के लिए एक अन्तरार्थ है; क्योंकि […]

शिवराज सिंह चौहान ! उत्तर दीजिए

June 12, 2018 0

आपने जब किसानों की फ़सल के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया था तब किसानों की फ़सल आपने नहीं ख़रीदी थी, क्यों? किसान के खाद्यान्न बिचौलिये औने-पौने मूल्य में ख़रीद रहे थे तब आप मौनी बाबा […]

क्योंकि पत्रकार…पत्रकार होता है

June 9, 2018 0

सैफ अली जाफरी बिलग्राम (पत्रकार) मो. नं. 7897722206- पत्रकार…पत्रकार होता है, उसे केवल इंसान समझने की गलती तो बिल्कुल ही नहीं करनी चाहिए। पत्रकार की शक्ल इंसान की जरूर होती है, मगर वो इंसान तो […]

‘समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी’

June 7, 2018 0

बृजेश पाण्डेय ‘बृजकिशोर’ (रीवा, म.प्र. Mo. 9424623018) ‘मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है’ – अरस्तू।            मनुष्य समाज में जन्म लेता है, समाज के अन्दर पलता-बढ़ता है। समाज में रहकर उससे बहुत […]

यह है, भारत का बुद्धिजीवी-वर्ग; इसका चेहरा पहचानिए!

June 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- सिद्धान्त-व्यवहार में रेल की दो पटरियों की भाँति दिखनेवाले, आपस में लड़-कटकर मरनेवाले, सामाजिक अन्याय के विरुद्ध चुप रहनेवाले, हर टुकड़े को पाने की आस में जीनेवाले, क़लम बेचकर तमाशा दिखानेवाले, बुद्धि […]

अतिरिक्त बुद्धिमान मोदी-सरकार अथवा स्वार्थी मोदी-सरकार?

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जम्मू-कश्मीर में हमारे दो सैनिक सत्यनारायण यादव और विजय कुमार पाण्डेय की हत्या पाकिस्तानियों ने कर दी है। अब भी निर्मम मोदी-सरकार की आँखें नहीं खुल रही हैं। रमज़ान के नाम पर […]

पत्रकारिता ‘मौज-मस्ती’ नहीं, ‘साधना’ है

June 3, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कहाँ से शुरू करूँ? यह प्रश्न स्वाभाविक है; क्योंकि मैं ‘नख-शिख’ स्वयं में ‘पत्रकारिता’ हूँ। तीन अंकों में भी अर्जन किया और पाँच अंकों में भी। इन्हीं तीन और पाँच के बीच […]

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