राजनेताओं का बड़बोलापन खुली गुण्डागर्दी है ?

November 24, 2017 0

सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ——० परिसंवाद-आयोजन०—— अभी हाल ही में देश के प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी पर काँग्रेस की ओर से की गयी ट्वीट अति निन्दनीय है और बीभत्स भी, जिसकी ‘मुक्त मीडिया’ भर्त्त्सना […]

जाहिलों-मवालियों-अपराधियों का बोझ ‘गणतन्त्र’ पर कब तक?

November 23, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – आज देश में जितने भी राजनीतिक दल हैं, सभी में आपराधिक छविवाले नेता भरे हुए हैं। दु:ख का विषय है, इस समय विविध प्रकार के अपराधों में लिप्त रहे सर्वाधिक नेता वर्तमान […]

परिसंवाद का विषय : यदि पुत्र ‘कुपुत्र’ होता है तो माता भी ‘कुमाता’ होती है?

November 21, 2017 0

०परिसंवाद-आयोजन० सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  कर्ण का दोष क्या था?  पन्ना धाय के पुत्र का दोष क्या था?  एकलव्य का दोष क्या था ? कबीर का दोष क्या था?  ध्रुव का क्या दोष था? […]

जायसी का ‘पद्मावत’ : एक अनुशीलन

November 21, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- ‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है, जिसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है। उसे […]

हिन्दी भाषा की शुचिता और राष्ट्रभाषा पर प्रश्न

November 20, 2017 1

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- हमारे देश में ऐसे लोग की संख्या बहुत है, जो कहते हुए सुने जाते हैं : भाषा की शुद्धता ज़रूरी नहीं है; भाषा किसी भी तरह से सम्प्रेषित हो जाये, यही हमारा […]

जनता का दोहन कर रहीं, केन्द्र-राज्य की सरकारें!

November 19, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-  देश का आर्थिक विकास हो रहा है तो प्रतिमाह फुटकर और थोक आर्थिक दर में वृद्धि क्यों और कैसे हो रही है?रोटी-कपड़ा-मकान क्यों महँगे होते जा रहे हैं? सरकार मनमाने तरीक़े से […]

भावनाओं के आगे शून्य नज़र आ रहा देश का संविधान

November 19, 2017 0

राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई)  भावनाओं के आगे देश का संविधान शून्य आ रहा नज़र पद्मावती विवाद मे संविधान बाद में पहले भावनाओं पर हो रहा ज़ोर पद्मावती विवाद से करणी सेना और भंसाली दोनों […]

इज्जत तो तभी बनेगी जब आप माँ-बहनों का सम्मान करना समझ लेंगे

November 18, 2017 0

प्रद्युम्न दीक्षित-  उस समाज में महिलाओं का सम्मान कैसे बढ़ सकता है जहाँ आज भी दो पुरुषों की लड़ाई में गालियां माँ-बहनों को दी जाती हैं । इंसान के अंदर की इन्सानियत मर चुकी है […]

राष्ट्र की युवाशक्ति की उपेक्षा क्यों?

November 17, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के स्नातक-उपाधि-प्राप्त समस्त अनियोजित (बेरोज़गार) युवाओं के लिए सरकार ‘मानधन’ देने की व्यवस्था करे, अन्यथा युवावर्ग दिग्भ्रमित हो जायेगा और नकारात्मक पथ का पथिक बनकर आत्महन्ता और दुर्द्धर्ष रूप को प्राप्त […]

प्रेस की आजादी

November 17, 2017 0

मनहरण- हिन्दी दिवस की तैयारी पूर्ण हो गई थी। इस अवसर पर आदर्श मध्य विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों के एक समूह द्वारा कविता पाठ, कहानी पाठ, कहानी लेखन प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया […]

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