केन्द्र और महाराष्ट्र के शासन-संचालक महाराष्ट्र की स्थानीय चुनौतियों का सामना करने से भयभीत क्यों हैं ?

October 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आश्चर्य का विषय है कि चुनाव राज्यों के लिए हो रहे हैं और राज्यों की जनता के मन-मस्तिष्क में ‘अनुच्छेद ३७०’, ‘भारत-पाकिस्तान’, ‘आतंकवाद और काँग्रेस’ आदिक अप्रासंगिक विषयों का विष भरा जा […]

उत्तर प्रदेश में शैक्षिक सुधारों की दिशा में बदलाव के लिए महामुहिम शुरू

October 16, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– 1996 से 2000 तक का दौर उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा के स्वर्णिम समय जैसा था । जब राज्य स्तर से लेकर जिला, ब्लाक, न्यायपंचायत और स्कूल स्तर पर शिक्षकों और […]

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार पाने वाले अभिजीत बनर्जी मोदी जी के आलोचक हैं तो क्या अछूत हो गये ?

October 14, 2019 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– मोदी जी के आलोचक हैं तो क्या अछूत हो गये ? जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हैं तो क्या भारतीय मूल का ही नहीं मानोगे ? अरे भाई नोबेल पुरस्कार (अर्थशास्त्र) […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनाइए!

October 9, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के साथ खड़े होते दिखायी पड़ते […]

इति सिद्धम्– साहित्य समाज को दर्पण थमाता हुआ

October 7, 2019 0

प्रसंगवश———- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बचपन (८-१०वर्ष) में देखता था कि आये-दिन कोई व्यक्ति द्वार पर याचक की मुद्रा में आ खड़ा होता था। उस व्यक्ति के कन्धे पर ‘पगहा’, गाय-बछिया को बाँधनेवाली डोर लटकी रहती […]

गांधी दर्शन में निहित है प्राणिमात्र के कल्याण की भावना

October 2, 2019 0

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार हम प्रतिवर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर को मनाते हैं। गांधी जी ने अहिंसा के बल पर भारत को आज़ादी दिलाई थी। बापू के नाम से भी […]

इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन

October 2, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है! प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ आवागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था […]

‘परम्परा’ और ‘सत्यबोध’ के साथ बलप्रयोग कर ‘दिव्य कुम्भ’ का आयोजन करनेवालो! सुनो और देखो

September 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– प्रयागराज में ‘दिव्य कुम्भ’ के अवसर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, उत्तरप्रदेश-राज्यपाल-मुख्यमन्त्री, प्रमुख विपक्षी राजनेत्री-नेता आदिक शान के साथ डुगडुगी पिटवाते हुए पधारे थे; संगमस्नान किये थे; यहाँ तक कि प्रधानमन्त्री कवच-कुण्डल धारण […]

उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन, भत्ते एवं विविध कानून 1981 के अनुसार ‘राज्य सरकार को आयकर का बोझ झेलना चाहिए क्योंकि अधिकांश मंत्री गरीब पृष्ठभूमि से हैं’ का पुनर्मूल्याङ्कन आवश्यक

September 14, 2019 0

जिस कानून के नियमों द्वारा अब तक 19 मुख्यमंत्रियों और लगभग 1000 मंत्रियों को वेतन व भत्तों का लाभ मिला है उसी के विषय में कुछ मंत्रियों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं […]

हिन्दी दिवस विशेष :- “हिन्दी हमारी जीवनशैली एवं हमें हमारी मां की तरह प्यारी है”

September 13, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”          हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं,बल्कि यह हमारे अल्फाजों को समेट, हमारी बातों को सरलता एवं सुगमता से कहने का विशेष माध्यम हैं। हिन्दी बिल्कुल हमारी की तरह ही हमसे […]

‘बिना रीढ़ की हड्डी का’ दिखते देश के बुद्धिजीवी-वर्ग और राजनीतिक विपक्षी दल

September 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– देश की लोकघाती सरकार आर्थिक नीतियों को लागू कर विविध क्षेत्रों में मूल्य-वृद्धि करती जा रही है। पेट्रोल-डीजल, गैस चावल-दाल-गेहूँ, दूध, तेल-घी, सब्ज़ी अधिक के मूल्य आसमान छू रहे हैं; रुपये का […]

भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद :- भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

September 3, 2019 0

संदर्भ:- 5 सितम्बर ,जन्म दिवस राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”शिक्षक, कवि एवं साहित्यकार “केवल निर्मल मन वाला व्यक्ति ही जीवन के आध्यात्मिक अर्थ को समझ सकता है । स्वयं के साथ ईमानदारी आध्यात्मिक अखंडता की अनिवार्यता […]

हिन्दी हैं हम

September 2, 2019 0

भाषाकार फादर कामिल बुल्के की आज (1 सितम्बर) जन्मतिथि है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) ‘कामिल’ का अर्थ है, एक प्रकार का पुष्प’। जायसी ने ‘पद्मावत’ में क्या ख़ूब कहा है, “फूल मरै पर न मरै […]

राष्ट्र के सम्पूर्ण विकास हेतु ‘भ्रष्टाचार की लत’ छोड़नी होगी

August 31, 2019 0

आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक) आज हमारा राष्ट्र जिस परिवर्त्तन के दौर से गुज़र रहा है उसमें एक ओर विकास की छलाँग है तो दूसरी ओर महँगाई की मार एक ओर भारत अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने […]

अब तक के सबसे घातक-भीषण आर्थिक संकट और सन्त्रास के दौर से गुज़रता देश

August 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय – इस समय देश में शासन करनेवाले भले अपनी पीठ थपथपा लें फिर भी वर्तमान और भविष्य अतीव भयावह दिख रहा है। नोटबन्दी और जी०एस०टी० के दुष्प्रभाव का ही परिणाम है कि […]

डॉ॰ पृथ्वीनाथ पाण्डेय जी की पाठशाला में जानिए कुछ ऐसे शुद्ध शब्द जिन्हें हम बहुधा अशुद्ध लिखते हैं

August 25, 2019 0

१. कार्यकर्त्री २. काबिलीयत ३. शख़्सीयत ४. आप्रवासी ५. दीप प्रज्वलित ६. एलान ७. रंग-विरंगे ८. नन्हे-मुन्ने ९. प्रविधान १०. आरोपित ११. जन्मतिथि १२. सौहार्द १३. मिष्टान्न भण्डार १४. एतिराज १५. बिलकुल १६. करगिल १७. […]

‘आर्थिक मन्दी’ के प्रति सरकार सजग नहीं

August 23, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश की वित्तमन्त्री निर्मला सीतारमण जी०एस०टी० को दशहरा से और सुविधाजनक बनाने की आज बात कर रही हैं; किन्तु इस समय देश जिस ‘आर्थिक मन्दी’ से गुज़र रहा है, उस पर मौन […]

हमारे मीडियाकर्मी ‘पार्थिव शरीर’ और ‘पंचतत्त्व’ को नहीं समझते

August 18, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- देश के समस्त मीडिया-तन्त्र में काम करनेवालों को ‘पार्थिव शरीर’ और ‘पंचतत्त्व’ की अर्थ, परिभाषा तथा अवधारणा का ज्ञान नहीं है अथवा वे समझना नहीं चाहते। वस्तुत: प्राणी जीवित अथवा मृत अवस्था […]

प्रकाशन-जगत् का शुक्ल और कृष्णपक्ष

August 17, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– पुस्तकें जीवन-मरण का आख्यान करती हैं। पुस्तकें कृष्ण और शुक्ल-पक्षों का अनावरण करती हैं। पुस्तकें मर्मान्तक पीड़ा देती हैं। पुस्तकें मन-प्राणों पर इन्द्रधनुषी रंगों का अनुलेपन करती हैं। पुस्तकें राग-अनुराग और द्वेष-विद्वेष […]

स्वाधीनता-दिवस (१५ अगस्त) की पूर्व-सन्ध्या पर ‘डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का राष्ट्र के नाम सन्देश’

August 14, 2019 0

■ आइए! समवेत स्वर में हम अपनी मातृभूमि की अर्चना, आराधना, वन्दना तथा स्तुति करें। “वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयज शीतलां शस्य श्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्।। शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकित यामिनीं फुल्ल कुसुमित द्रुमदल शोभिनीं सुहासिनीं […]

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