आप सब पाठकों-दर्शकों को नवरात्र के पावन पर्व की शुभकामना

हम अपने भीतर का रावण क्यों नहीं जला पाते?

October 27, 2020 0

‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद-समारोह सम्पन्न ‘बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद समारोह का आयोजन २७ अक्तूबर को प्रयागराज में हुआ। समारोह […]

महान विचारक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन

October 14, 2020 0

डॉ० निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार और लेखक) : अपना देश, धरित्री अपनी, अपने खेत, पहाड़ जगाएं ।सावधान हो घर-घर जाकर जयतु स्वदेशी नाद गुंजाएं ।। रमाशंकर अग्निहोत्री उपरोक्त पंक्तियों के माध्यम से जिस स्वदेशी की जय का उद्घोष […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनाइए!

October 9, 2020 0

—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के साथ खड़े होते दिखायी […]

पार्लियामेंट में ‘आम्बेडकर’ की प्रतिमा लगवाने के साथ ‘भारत रत्न’ दिलाने में पासवान की थी अहम भूमिका

October 9, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ : डॉ0अम्बेडकर को भारत रत्न दिलाने और सेंट्रल हाल में अम्बेडकर की प्रतिमा लगवाने में रामविलास पासवान की अहम भूमिका रही। रामविलास पासवान जैसा दिग्गज दलित नेता आज हमारे बीच नही […]

शास्त्री जी की सादगी

October 2, 2020 0

जन्मतिथि विशेष : लाल बहादुर शास्त्री (पूर्व प्रधानमंत्री) अवधेश कुमार शुक्ल ‘मूरख हिरदय’ बात तब की है, जब शास्त्रीजी इस देश के प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे थे। एक दिन वे एक कपड़े […]

“यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है”— महात्मा गांधी

October 2, 2020 0

● इलाहाबाद में गांधी जी का प्रथम आगमन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ गमनागमन की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के […]

भारतीय नरेशों की हिंदी-सेवा : भारतीय इतिहास की एक अमूल्य सारस्वत निधि

September 29, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यह कृति निजी डाकसेवान्तर्गत आज (२९ सितम्बर) ही हस्तगत हुई है। प्रथम दृष्ट्या श्रद्धेय डॉ० किरन पाल सिंह जी (कार्यक्रम निदेशक– भारतीय राजभाषा विकास संस्थान, देहरादून (उत्तराखण्ड) के कुशल सम्पादकत्व […]

जन्मतिथि विशेष : ‘भगत सिंह’ एक महान सामाजिक चिन्तक

September 28, 2020 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– भारत माँ के लिए हँसते-हँसते जन कुर्बान कर देने वाले “नास्तिक” नहीं हो सकते । लेकिन मात्रभूमि का एक दीवाना अपने को नास्तिक कहता था । हजारों नवयुवकों के आदर्श शहीद-ए-आज़म […]

हमारा देश ‘हमारे देश के भीतर’ कहाँ खड़ा है?

September 25, 2020 0

आत्मचिन्तन — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज़ादी के बाद से पिछले छ: वर्षों में जिस नीति के अन्तर्गत ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ ने प्रत्येक स्तर पर प्रत्येक क्षेत्र में जिस तरह से खोखला कर आत्म-समृद्धि […]

हिन्दी के बल पर अपनी पहचान बनानेवालों का ‘हिन्दी’ के साथ विश्वासघात!..?

September 23, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धिक्कार है, देश के सभी समाचार चैनलों के स्वामियों और उनके महिला-पुरुष कर्मचारियों (निदेशक, कार्यकारी निदेशक, सम्पादक, समाचार-सम्पादक, संवाददाता, सूत्रधार आदिक) को, जो ‘हिन्दी’ की दी हुई रोटी तो तोड़ […]

नियमों का दोगलापन और बेरोजगारी

September 21, 2020 0

आदित्य त्रिपाठी ( प्रबंध सम्पादक आई.वी.24 न्यूज ) सत्ता के लिए महाराष्ट्र में रात 1 बजे राष्ट्रपति शासन हट जाता है । सरकार बनाने के लिए रात में कोर्ट भी लग जाती है, आनन-फानन फैसले […]

कला-जगत की कमलदलविहारिणी का जाना

September 16, 2020 0

डॉ॰ निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेखक) जहां मैं पढ़ा-बढ़ा उस बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की अलुम्नाई, कला और सौंदर्यशास्त्र की एक प्रतिष्ठित विद्वान, संसद की पूर्व सदस्य और सांस्कृतिक अनुसंधान के एक दिग्गज हस्ती पद्म विभूषण डॉ. कपिला […]

‘हिन्दी-दिवस’ की पूर्व-सन्ध्या पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज का आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय आयोजन

September 13, 2020 0

■ हिन्दी के मानकीकरण के लिए विद्वज्जन को सामने आना होगा बौद्धिक-वैचारिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में हिन्दी-दिवस की पूर्व-सन्ध्या पर ‘हिन्दी के मानकीकरण की समस्या’ पर एक आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]

कौन हैं प्रो. मित्तल जिन्हें ICHR ने अपनी लाइब्रेरी का नाम दिया

September 12, 2020 0

डॉ. निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेेेखक) : राष्ट्रवादी विचारक, प्रख्यात मनीषी, सुपरिचित इतिहासकार, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रो. सतीश चंद्र मित्तल (1938 -2019) राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से इतिहासलेखन के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर […]

हमारे विद्यार्थियों के साथ अन्याय क्यों?

September 12, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय योगी आदित्यनाथ एक गम्भीर राजनेता लगते हैं। वे उत्तरप्रदेश राज्य के मुख्यमन्त्री भी हैं। क्या यह विषय उनके संज्ञान में नहीं है कि आज राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च […]

11 सितम्बर: विश्व धर्म-संसद में स्वामी विवेकानन्द के उद्बोधन की वर्षगाँठ

September 11, 2020 0

डॉ. निर्मल पाण्डेय (लेखक/ इतिहासकार) : 1893 का वर्ष- वैश्विक दृष्टि से एक अविस्मरणीय वर्ष। इस वर्ष एक ओर जहाँ शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म दर्शन की सर्वसमावेशी स्वर्णिम गौरवशाली परम्परा […]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर गम्भीर मंथन ज़रूरी

September 7, 2020 0

शाश्वत तिवारी : लखनऊ : राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बालिकाओं एवं दिव्यांगों की शिक्षा के मद्देनजर सकारात्मक निर्णय लिये गये हैं, वहीं सामाजिक समस्याओं के निराकरण एवं शिक्षा […]

शिक्षक दिवस पर विशेष : “नायमात्मा बलहीनेन लभ्य”

September 5, 2020 0

डाॅ. निर्मल पाण्डेय (इतिहासकार/लेखक) शिक्षा का सही उद्देश्य बताते एक उद्बोधन में, जिसे डॉ. राधाकृष्णन ने 23 जनवरी 1957 को कलकत्ता विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष में उपाधि-वितरण-समारोह के अवसर पर दिया था, कहते हैं: ‘पुराने विश्वविद्यालयों […]

‘शिक्षक-दिवस’ पर विशेष : हम कैसे कह दें, “आचार्य देवो भव?”

September 5, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक वह समय था, जब अध्यापक की सम्पूर्ण समाज में सर्वाधिक मान-प्रतिष्ठा हुआ करती थी, तब यह उदात्त शब्दावली शोभा देती थी, “आचार्य देवो भव।” एक समय आज का है, […]

एकमात्र विकल्प ‘नोटा’

September 1, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दु:ख है, इन दिनों भारतीय समाज के कुछ लोग किसानों-बेरोज़गारों (जातिरहित) की बात न कर, संकीर्ण स्वार्थ की बात कर रहे हैं; समूह बना रहे हैं। मत भूलिए, वही लोग […]

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