पलायनवादी आक्रोश और ‘इन्क़िलाब ज़िन्दाबाद’

October 14, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज जिधर देखिए उधर, ‘पलायनवादी आक्रोश’। चेहरे निस्तेज; हथेलियों की आग बुझी हुई। दिखती है तो पिछवाड़े में बाँस डालकर ख़ुद को सबसे अधिक ऊँचाई पर खड़े रहने की थोथी ख़्वाहिश। यही […]

क्या प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) की मृत्यु को स्वाभाविक मान लिया जाए

October 13, 2018 0

सुधान्शु बाजपेयी (रिसर्च फेलो)- कल सुबह अखबार में प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) की त्रासद मृत्यु की खबर देखी तो ऐसे लिखी गई मानो वह स्वाभाविक मौत मरें हो, बगल में ही *प्रधानमंत्री का बेशर्मी […]

‘विकल्प’ पूछनेवाले देश में ‘भिक्षाशाला’ खुलवाने की प्रतीक्षा में हैं

October 11, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अपना देश बिखरता जा रहा है। केन्द्र और राज्य की सरकारें हमारे युवावर्ग के साथ ग़द्दारी करती आ रही हैं और अपने-अपने तरीक़े से देश के संसाधनों को लूटती जा रही हैं। […]

बैंकों के विलय से नहीं होगा ऋण-वसूली का कोई निदान

October 9, 2018 0

यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस के बैनर तले कर्मचारियों ने किया विरोध-प्रदर्शन   हरदोई। बैंकों की प्रमुख समस्या खराब ऋण हैं। बैंकों का विलय इन खराब ऋणों को वसूल करने का कोई समाधान नहीं है। […]

इलाहाबाद में गांधी जी : यह चिता नहीं, राष्ट्रयज्ञ का ‘हवनकुण्ड’ है!

October 2, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जीवन में ‘आकस्मिक’ और ‘अप्रत्याशित’ की विशेष भूमिका होती है; जैसा कि महात्मा गांधी जी के साथ हुआ था :– जाना कहीं था और चले गये कहीं […]

—–० समय-सापेक्ष चिन्तन ०—– तब ‘रावण’ का भी ‘विकल्प’ पूछा जाता था

September 30, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रावण का अर्थ है, ‘जो सम्पूर्ण लोक को रुला दे’, जो आज भी प्रासंगिक है। आज का रावण सम्पूर्ण भारतवासियों को रुला रहा है और हमारी आहें उसके ‘दुष्कर्म के घड़े’ में […]

भारत के सैन्यतन्त्र का राजनीतीकरण क्यों?

September 30, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रश्न हैं– भारतीय सेना के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का वीडियो ‘सार्वजनिक’ किसने और क्यों किया है? क्या भारतीय सेना के सारे सैनिक और शीर्षस्थ अधिकारी इतने अविश्वसनीय, दुर्बल, शिथिल तथा बौने पड़ चुके […]

अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ फैक्ट्री संचालक शातिर कारीगर गिरफ्तार

September 30, 2018 0

             हरदोई- पुलिस ने अवैध शस्त्रो के  जखीरे के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है, गिरफ्तार शातिर कारीगर अरसे से शस्त्र फैक्ट्री का संचालन करता […]

आओ! ‘व्यभिचार’ करें

September 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय क्या ये न्यायाधीशगण अपनी बहू-बेटियों-पत्नियों को पर-पुरुषों के साथ व्यभिचार करने की आज़ादी देंगे? चौकीदार के राजकाल में जो अब तक नहीं हुआ है, वह सब होगा; देखते रहिए। नैतिकता की पुस्तकों […]

शोध-क्षेत्र में हो रहे ‘क्षरण’ के लिए कौन उत्तरदायी ?

September 22, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय शोधकर्म के निर्देशक और परीक्षक अधिकतर ऐसे लोग ‘बनते’/’बनाये’ जाते हैं, जिनमें शोधविद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने और शोधकार्यों’ के सम्यक् परीक्षण करने की योग्यता नहीं रहती; क्योंकि ऐसे लोग बिना अध्यवसाय और […]

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