‘विश्व हिन्दी-सम्मेलन’ का उतरता मुखौटा और नंगा होता आयोजन का अभिप्राय!

August 23, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल (२१ अगस्त, २०१८ ईसवी) इलाहाबाद का एक हिन्दी-दैनिक समाचारपत्र देख रहा था। उसमें इलाहाबाद के उन लोग का नाम और चित्र था, जिन्हें मारीशस में सम्पन्न विश्व हिन्दी सम्मेलन में आमन्त्रित […]

लोक-विरुद्ध होता सत्ता-प्रतिष्ठान

August 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इतिहास से सीख न लेने पर महान् शक्तियाँ भी पराजित होती रही हैं। एक शक्तिसम्पन्न व्यक्ति जब ‘बलप्रयोग’ करते हुए, अतिरेकता की ओर बढ़ता है तब उसकी बुद्धि किस समय पलटी खा […]

अटलबिहारी जी और नरेन्द्र मोदी जी में ज़मीं-आसमाँ का अन्तर

August 17, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अटलबिहारी वाजपेयी जी और नरेन्द मोदी जी में तुलना-स्तर पर ‘ज़मीन और आसमान’ का अन्तर है। अटल जी में कूट-कूटकर ‘मनुष्यता’ भरी हुई थी। वे सच्चे अर्थ में ‘राष्ट्रवाद’ के पोषक थे। […]

आज सर्वत्र ‘असमाधान’ की हवा क्यों?

August 13, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज घर-परिवार अशान्त लक्षित हो रहे हैं। किसी में भी धैर्य धारण करने की सामर्थ्य लक्षित नहीं हो रही है। सारे ऐश्वर्य-वैभव के भोक्ता हम ही रहें, स्वार्थपरक ऐसा विचार जैसे ही […]

दोगलों’ की कोई ‘जाति’ नहीं होती

August 11, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय दो ही जातियाँ हैं :— पहली, महिला (प्रकृति) की और दूसरी, पुरुष की; परन्तु ‘दोगलों’ की कोई जाति नहीं होती, जो ‘रंग और रूप’ बदलने में माहिर होते हैं। जैसे हाथी के […]

आश्रयगृहों को खोले जाने के वास्तविक उद्देश्य पर कोई बात नहीं कर रहा

August 9, 2018 1

विजय कुमार – कल के समाचार पत्र में एक खबर पढ़ी कि हमारी महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीया श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी जी ने देवरिया की शर्मनाक घटना के संबंध मे टिप्पणी की कि […]

“पत्रकारों को क्या ‘पार्टी’ बनना चाहिए”

August 8, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज एक विचित्र-सा सम्प्रेषण देखा, जो दैनिक जागरण, इलाहाबाद में महाप्रबन्धक रह चुके श्रीवास्तव जी का है, जिसका शीर्षक उपर्युक्त है। वे क्या कहना चाहते हैं, कुछ सुस्पष्ट नहीं है। बहरहाल, मैंने […]

उत्तरप्रदेश-शासन प्राथमिक अध्यापक-पद पर नियुक्ति के लिए कब गम्भीर होगा?

August 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उत्तरप्रदेश में १० लाख सरकारी पद रिक्त हैं, जिनमें से २ लाख २४ हज़ार ३२७ स्थान मात्र प्राथमिक शालाओं में रिक्त पड़े हैं। वस्तुस्थिति यह है कि महीनों से लखनऊ में बी०एड्०-टेट […]

सभी राजनीतिक दल संवेदनहीन; एकमात्र विकल्प ‘नोटा’

August 5, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनों देश के अधिकतर राज्यों में आवृष्टि (बाढ़) से जड़-चेतन गम्भीरावस्था में हैं। केन्द्र-राज्य की सरकारों के मठाधीश निष्क्रिय दिख रहे हैं; वहीं विपक्षी दलों के ठीकेदारों की ज़बान पर ताले […]

सिने-संसार का निराला व्यक्तित्व : आभास कुमार गांगुली उर्फ़ किशोर कुमार

August 4, 2018 0

आज (४ अगस्त), जिनकी जन्मतिथि है :—- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ० ”ज़िन्दगी का ये सफ़र है ये कैसा सफ़र, कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं।” उनका नाम था ‘आभास कुमार गांगुली’। १९४६ ईसवी में ‘शिकारी’ […]

गुरु-शिष्य-सम्बन्ध : अब समाप्ति की ओर!

August 4, 2018 0

———० खरी-खोटी ०——– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अतीव तीव्र गति में गुरु-शिष्य-सम्बन्ध क्षरण को प्राप्त हो रहा है; कारण के मूल में आन्तरिक और बाह्य परिवेश हैं। अब घर-परिवार के भी सम्बन्ध तिक्त होते जा रहे […]

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज का मंत्र देने वाले प्रभु श्री कृष्ण के अवतरण दिवस पर विशेष

August 2, 2018 1

राघवेन्द्र कुमार राघव- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मन्त्र विश्व को देने वाले भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव ही कृष्णजन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। योगेश्वर श्री कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए […]

दो हज़ार रुपये दीजिए और तुलसी, कबीर, मीराँ, प्रेमचन्द, महादेवी, निराला, अज्ञेय, मुक्तिबोध इत्यादिक को अपने ‘घर’ ले आइए!

July 31, 2018 0

– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आपकी लेखनी यदि ‘पराधीनता’ की ओर बढ़ने के लिए मचल रही हो तो उसे पहले दुलराइए-पुचकारिए- समझाइए; उसके बाद भी उस धृष्ट की अक्खड़पना दूर न हो तो झट उस लेखनी […]

किसी पर भी “वन्दे मातरम्” कहने का दबाव क्यों?

July 28, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोई यदि कहता है— हमारा धर्म कहता है कि हम ‘अल्लाह’ के अलावा और किसी की पूजा नहीं कर सकते; परन्तु वह व्यक्ति इस धरती माँ के साथ बेइन्तिहाँ मुहब्बत करता है। […]

‘आरक्षण’ के विरुद्ध अब ‘समग्र आन्दोलन’ अपरिहार्य 

July 26, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय किसी भी जाति-वर्गादिक को आरक्षण न देकर, ‘आर्थिक स्थिति’ के आधार पर उनकी आर्थिक दशा सरकार सुधारे और उन्हें इस योग्य बनाये कि उनका भविष्य सुखद हो जाये। आरक्षण से उत्पन्न सामाजिक […]

फ़िलहाल, ‘नोटा’ के अलावा और कोई रास्ता नहीं

July 25, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जी०एस०टी० विधेयक को क़ानून बनाने का औचित्य क्या रहा है? १- किस दवा और चिकित्सीय सामग्री के मूल्यों में कमी हुई है? २- खाने-पीने की किस वस्तु के दाम में कमी हुई […]

भारत की ‘सत्ता’ की राजनीति में ‘म’ की दमदार उपस्थिति!

July 25, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की राजनीति में इस समय ‘म’ का अत्यन्त महत्त्व है, क्योंकि सत्ता प्रत्यक्षत: तीन प्रकार के चरित्रवाले ‘म’ के मुँह लग चुकी है। ‘म की माया’ विलक्षण है। हमारे क्रान्तिधर्मी कवि […]

बिहार में जघन्य और बीभत्स काण्ड!

July 23, 2018 0

——० ज्वलन्त विषय ०—– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज सम्पूर्ण देश में एक ‘बालिका से लेकर वृद्धा’ तक के साथ जिस तरह का दुराचरण किया जा रहा है; बलप्रयोग करते हुए, उनके साथ जघन्य और बीभत्स […]

नरेन्द्र मोदी के लिए शराब ‘बुराई’ है और ‘कमाई’ भी!..?

July 21, 2018 0

 डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वाह, नरेन्द्र मोदी वाह! कमाल कर दिया!वक्ता हो तो नरेन्द्र मोदी-जैसा। हमारे युवा-वर्ग को मोदी ने ही आश्वासन दिया था– ‘मेरी सरकार’ आयेगी तो प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोज़गार देगी। अब […]

समाचार-चैनल ‘ज़ी हिन्दुस्तान’ का ‘थप्पड़-काण्ड’

July 19, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्राय: देखा गया है कि जब महिला-पुरुष के मध्य विवाद अथवा हाथापाई होती है तो हमारा ‘अन्धा समाज’ बिना सोचे-समझे निराधार होकर ‘महिला’ का पक्षधर बन जाता है; क्योंकि विवेकहीन लोग ‘भीड़’ […]

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