आगत-अनागत

June 19, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक : नभ से उतरा चाँद है, दिखता बहुत उदास। धरती सिसकी रातभर, नहीं दिखे अब आस।। दो : जड़-चेतन हैं सोच में, मानव बहुत कठोर। पापकर्म गठिया रहा, रात हो गयी […]

उष्ण प्रेम (लघु कहानी)

June 18, 2018 0

नीना अन्दोत्रा पठानिया, पठानकोट ,पंजाब – सारे बयान सरिता के खिलाफ जा रहे थे , हर बयान के बाद एक-एक उम्मीद दम तोड़ रही थी । हर आँख उस से कई सवाल कर रही थी […]

एक गीत : ये दिल मत तोड़ना पगली,जो धड़के तेरे सहारे ही

June 18, 2018 0

जगन्नाथ शुक्ल…✍ (इलाहाबाद) चले  आये  थके-हारे ,इन  जज़्बातों  के सहारे ही, ये दिल मत तोड़ना पगली,जो धड़के तेरे सहारे ही। इसे मत भूल जाना तुम,इसका अपमान मत करना, बड़ा  मासूम-सा ये दिल, इसे  मजबूर  मत करना। […]

“विशुद्ध वंदना” : परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चरणों में समर्पित

June 17, 2018 0

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ वेष दिगम्बर धारी मुनिवर करुणा अब जगाएँगे पार करो खेवैया नहीं तो हम भव में ठहर जाएँगे । भक्ति भाव से आपको पुकारें हे! विशुद्ध महासंत कृपा प्रकटाओ अपनी नहीं तो […]

अजीब सी बस्ती

June 9, 2018 0

  राघवेन्द्र कुमार “राघव”- अन्त:विचारों में उलझा न जाने कब मैं, एक अजीब सी बस्ती में आ गया । बस्ती बड़ी ही खुशनुमा और रंगीन थी । किन्तु वहां की हवा में अनजान सी उदासी […]

क्या कहूँ तुम्हें?

June 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इक हूक-सी उठी है अब क्या कहूँ तुम्हें? ज़ख़्मी तन-बदन है अब क्या कहूँ तुम्हें! हर रात मुझसे रूठी दिन भी उदास है, क़दम भी बहके-बहके अब क्या कहूँ तुम्हें? इक अनकही […]

‘ आजादी ‘

June 1, 2018 0

आशीष सागर (युवा क्रान्तिकारी समाजसेवी और पत्रकार)-  है प्रीति जहाँ की रीत सदा मै बात वही झुठलाता हूँ, भारत का रहने वाला हूँ पत्नी ‘ लाश उठाता हूँ । हो…हो…हो !..होहोहो । पहले गोरे थे […]

अमानुषिकता (लघुकथा)

May 31, 2018 0

नीना अन्दोत्रा पठानिया (पंजाब) “ रमा सोनू को अच्छी तरह से ढक ले ,आगे से चुड़ैल आ रही है , करम जली अपना तो सब कुछ खा गई अब सबके बच्चों पर नज़र रखती है […]

मजदूर की जिंदगी

May 27, 2018 0

राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’-  धरती का सीना फाड़ अन्न हम सब उपजाते हैं | मेहनतकश मज़दूर मगर हम भूखे ही मर जाते हैं |   धन की चमक के आगे हम कहीं ठहर न पाते हैं […]

1 2 3 36
url and counting visits