व्यंग्य : राजनीति की शुचिता अब तो नाला बनकर बहती है

April 19, 2019 0

……चुनाव-2019…… फूट रहे हैं बोल भयानक नेताओं के मुख से, जनता हुई है आहत अपने नेताओं के रुख से। बैन लगा योगी के ऊपर रोका गया छिछोरा आजम, बड़ी निराली माया मेनका, मौन हुई अपने […]

प्रभु महावीर स्वामी को समर्पित दोहे

April 17, 2019 0

दिव्य लोक की राह में , रश्मि पुंज के मंत्र ।महावीर क्षण साधना, जीवन भर का तंत्र ।।१ अरिहंतो को नमन है , सिद्धजन नमस्कार !साधक संतो नमन है, कृपा करो करतार !!२ मंत्र साध […]

दोहा मुक्तक : चुनाव चक्रवात

April 17, 2019 0

देख चुनाव उछाल है , सभी करे उत्पात ।जोश भरे हर चाल में, सता भूख संताप ।भूल चुके जो कर्म है , करे अनोखी बात ।वोट चोट की मार से ,सभी सहे अनुताप ।। नेता […]

बढ़ाकर हम कदम अपने, चलो मतदान कर आएं

April 13, 2019 0

मतदान गीत बढ़ाकर हम कदम अपने ,चलो मतदान कर आएं। लेकर साथ सबको हम,खुशी से झूम कर गाएं।। दुनियां के भले ही काम ,कितने भी जरूरी हो। मगर सब काम हो पीछे ,पहले मतदान कर […]

लघुकथा : परछाई

April 12, 2019 0

दीदी आज मुझे बहुत डर लग रहा है। रात में भूतों के साये की खबर पड़ी थी। रात में मुझे उस भूत ने बहुत डराया। मैं पूरी रात सो नहीं पाया। मैं बोलना चाहता था […]

मजबूत लोकतन्त्र बनाओ

April 10, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी – शत प्रतिशत मतदान की शपथ दिलाओ। एक मत से होती जीत हार सबको बताओ।। सभी दे अपना मत लोकतंत्र मजबूत बनाओ। स्वच्छ छवि के नेता चुन संसद तक पहुंचाओ।। गोरवशाली […]

चलो मेरे साथ

April 9, 2019 0

आकांक्षा मिश्रा, गोंडा, उत्तर प्रदेश आज , इक्कीस तारीख है । पूरा एक साल बीत गया , अपनी जिंदगी को अपनी तरह जीने की ख्वाईश भीतर ही भीतर दबी पड़ी थी । इन ख्वाइशों ने […]

किताब में बारहा मेरा नाम आया भी होगा

April 8, 2019 0

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’- मचलती तमन्नाओं ने आज़माया भी होगा बदलती रुत में ये अक्स शरमाया भी होगा । पलट के मिलेंगे अब भी रूठ जाने के बाद लड़ते रहे पर प्यार कहीं छुपाया भी […]

तेरे जाने से, अब ये शहर वीरान हो गया

April 8, 2019 0

तेरे जाने से, अब ये शहर वीरान हो गया। तेरे जादू का असर अब जाने कहां खो गया। तेरी पायल की झंकार से, ये सारा शहर जाग जाता था। अब उन झंकारो का खतम नामों-निशान […]

मोबाइल का सम्मोहन

April 7, 2019 0

संजय वर्मा ‘दृष्टि’- वर्तमान में फेसबुक, वाट्सअप ने टॉकीज, टीवी, वीडियो गेम्स, रेडियो आदि को काफी पीछे  छोड़ दिया। कहने का मतलब है कि दिन और रात इसमे ही लगे रहते है। यदि घर पर […]

जन्मदिन पर विशेष : देश के ख्यातिप्राप्त कवि, लेखक माखनलाल चतुर्वेदी

April 4, 2019 0

ये कलरव कण्ठ सुहाने लगते हैं संदर्भ:- जन्मतिथि-, 4 अप्रैल राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार- “मुझे तोड़ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ जावे वीर अनेक […]

अटल काव्यांजलि साहित्यिक मंच मनायेगा सातवां जन्मोत्सव कवि सम्मेलन के साथ

April 3, 2019 0

अटल काव्यांजलि साहित्यिक मंच जिला सतना मध्यप्रदेश द्वारा मंच के सातवां जन्मोत्सव 3 अप्रैल 2019 बुधवार को मनाया जायेगा । ज्ञात हो कि यह साहित्यिक मंच विन्ध्य क्षेत्रीय में है, जिसके अध्यक्ष डॉ.वीरेन्द्र प्रताप सिंह […]

रचनाकार संस्थान दिल्ली द्वारा किया जाएगा ऐतिहासिक ऑनलाइन काव्य सम्मेलन

March 31, 2019 0

भवानीमंडी  :- रचनाकार संस्थान दिल्ली के द्वारा दिनांक 31/3/ 2019 को ऑनलाइन  कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ के प्रख्यात गजलकार आदरणीय हसन काजमी जी द्वारा की […]

बनना न चौकीदार सजन

March 26, 2019 0

©जगन्नाथ शुक्ल…✍ (प्रयागराज) बनना न चौकीदार सजन, तुमको घर के अन्दर रहना है; यदि शौक है पहरेदारी की, तो सीमा पर जाकर लड़ना है। न संसद की चाह रखो, न मन्त्रालय की सौदेबाजी; तुम्हे देश […]

लगता है चुनाव आ रहे……

March 14, 2019 0

दीपक श्रीवास्तव “दीपू”- सुबह-सुबह वो कुण्डी खटका रहे ना पूछने पर भी परिचय बता रहे लगता है चुनाव आ रहे … जो ना घूमते थे कभी गलियों में अब वो बच्चो को टाफियां खिला रहे […]

भरोसा रख उस कोख पर, जिससे मैं तुझसे जुड़ी हूँ माँ

March 10, 2019 0

शिवांगी जैन आज अंधेरे में हूँ तो क्या तेरी हिम्मत की लौ से जमाना देखना चाहती हूं माँ । बेटों की इस दौड़ में दौड़ना चाहती हूं माँ । हमेशा दर्द हम बेटियों ने सहा […]

जोगिरा : मै बन जाऊं भाजपा, पिय मेरे काँग्रेस

March 10, 2019 0

डॉ. प्रिया मिश्रा राजनीति के रंग में अजब गजब का खेललोकतंत्र के राज में देखो पंचतंत्र का मेल…जोगीरा सा रा रा रा रा रा…।हाथी चढ़के बुआ आयी खूब मची हुङदंग,बबुआ जी के पप्पा ने भी […]

गज़ल- मैं औरत हूँ तो औरत हूँ

March 8, 2019 1

राघवेन्द्र कुमार “राघव”-  तपिश ज़ज़्बातों की मन में, न जाने क्यों बढ़ी जाती ? मैं औरत हूँ तो औरत हूँ, मग़र अबला कही जाती । उजाला घर मे जो करती, उजालों से ही डरती है […]

अभिनन्दन के स्वागत में उमड़ा जन सैलाब

March 1, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी एक मार्च उन्नीस को मनाई दीवाली हर नज़र केवल अभिनंदन के लिए एक झलक मिल जाए अभिनन्दन हर जुबान पर अभिनंदन अभिनंदन पाकिस्तान घुटनों के बल झुका है अभिन्दन स्वदेश सुरक्षित […]

ग़ज़ल : बन्द कर चोंच को चहचहा तक न पाये

February 25, 2019 0

जगन्नाथ शुक्ल…✍(प्रयागराज) इश्क़  के   शह्र   से , हो  रिहा  तक न पाये।साँस  से साँस  को हम तहा  तक  न पाये।। इस   क़दर  अश्क़   से    है  मोहब्बत   हुई;दिल सिसकता रहा और बहा तक न पाये। बह  […]

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