आग : सच बता तू अपने से कब लगी ?

October 19, 2019 0

महेन्द्र महर्षि, गुरुग्राम (से.नि. वरिष्ठ प्रसारण अधिकारी, दूरदर्शन) क्याऊं-क्याऊं, तेज साइरन, बेचैन सी भागती अग्निशमन की मोटरें , एक के पीछे एक , मेरे घर के समीप की सड़क से गुज़र गईं। मैंने अपने से […]

कविता : हिम्मत

October 11, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक) मुजफ्फरपुर, बिहार मो0- 8800416537 तुम कुछ कर सकते हो तुम आगे बढ़ सकते हो । तुममे है बहुत हिम्मत  तुम जग को बदल सकते हो । तुम खुद से […]

राम और रावण गले मिलने लगे हैं !

October 8, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– कैसे-कैसे बाबा अब दिखने लगे हैं, कामिनी ले बाँहों में खिलने लगे हैं। भगवा वस्त्र औ’ कलंकित मर्यादा, आश्रम में बहुरुपिये दिखने लगे हैं। कौन है साधु और शैतान भी कौन? चरित्र […]

एक अभिव्यक्ति : उपहास को, परिहास मत बनने दो

October 8, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हास को इतिहास मत बनने दो, उपहास को परिहास मत बनने दो। आगत-अनागत थाली में तेल-बाती लिये प्रतीक्षा सह रहे हैं; बाट जोह रहे हैं, उस पल का, जब तुम अपने होने […]

इति सिद्धम्– साहित्य समाज को दर्पण थमाता हुआ

October 7, 2019 0

प्रसंगवश———- डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- बचपन (८-१०वर्ष) में देखता था कि आये-दिन कोई व्यक्ति द्वार पर याचक की मुद्रा में आ खड़ा होता था। उस व्यक्ति के कन्धे पर ‘पगहा’, गाय-बछिया को बाँधनेवाली डोर लटकी रहती […]

कविता – दशहरा

October 7, 2019 0

जयति जैन “नूतन”- इतना ना इतराओ यारोरावण को जलाकरखुद के अंदर मारो रावणजिओ सम्मान पाकर।सिर्फ पुतले जलाने से कुछ नहीं होने वालाना लोभ मिटने वाला ना मान बदलने वालामन में बैठे राक्षस कोसमझाओ बहिला फुसलाकरना माने तो […]

मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे ?

October 5, 2019 0

जब आपने कह दिया है तो क्यों रुकेंगे ? किसी के सामने हम अब क्यों झुकेंगे ?मोहब्बत की है हमने, कोई चोरी नहीं मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे ?दिल में उसे बसाया है […]

आवर्त्तन और दरार : संविधान है कह रहा, लाओ! घर में सौत

October 2, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : कैसा यह भगवान् है, चोर-चमारी भक्ति। मन्दिर में मूरत दिखे, उड़न-छू हुई शक्ति।। दो : पट्टी बाँधे आँख में, देश जगाता चोर। भक्त माल सब ले गये, कहीं नहीं अब […]

हे ईश्वर! हम ‘भारतीय’ कितने मूर्ख हैं

September 30, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आपने कभी विचार किया है :– भारतीय अपनी सन्तति की जन्मतिथि (जन्मदिन का प्रयोग अशुद्ध और अनुपयुक्त है।) के अवसर पर आयोजित समारोहों में जलती हुई मोमबत्तियों को क्यों बुझाते हैं? ‘केक’ […]

सच-सरासर-सच

September 29, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- एक- जपो नमो-नमो माला, लिये कटोरा हाथ। कंगाली में देश है, दिखे न कोई साथ।। दो– देश की शिक्षा चोर है, चहुँ दिशि दिखें दलाल। रोज़गार की चाह में, उजले होते बाल।। […]

कविता : पानी

September 24, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक) मुजफ्फरपुर, बिहार, मो0- 8800416537 पानी पियो खाना बनाओ सिंचाई करो पानी फेंको या पानी बर्बाद करो । कुछ फर्क नही पड़ता ख़त्म तो होगा पानी ही और प्रभाव पड़ेगा इंसान पर  […]

“एक मूरत गल गयी, बरसात रोती है”

September 24, 2019 0

कविवर शिवराम उपाध्याय की पत्नी सुजाता उपाध्याय की स्मृति में 24 सितम्बर को उनके ‘रैन बसेरा’ निवास, बाघम्बरी गृह योजना, अल्लापुर, प्रयागराज में करुणरस और शान्त रस-प्रधान कविताओं का पाठ किया गया। भाषाविद्-समीक्षक डॉ० पृथ्वीनाथ […]

व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगी कुमार संदीप की कृति ‘प्रेरक विचार’

September 22, 2019 0

कृति:- ई पुस्तक-प्रेरक विचार ,भाग -2 लेखक:- कुमार संदीप पृष्ठ:-101 संस्करण:- 2019 (प्रथम) समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” आजकल लोग सड़कों पर वाहन बड़ी तीव्र गति से चलाते है यातायात के नियमों का उल्लंघन कर शराब […]

नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को लेकर उत्सुक है यूथ

September 19, 2019 0

सितांशु की आने वाली पहली नावेल “बैचलर्स हैवेन हॉस्टल लाइफ” को ले के यूथ में बहुत उत्सुकता देखने को मिल रही है । बड़ी ही बेसब्री से पाठकों को इसका इंतज़ार हैं । सितांशु त्रिपाठी […]

सबकी हिंदी, सबका हिन्द

September 13, 2019 0

राजवीर सिंह मन्त्र– साहित्य संगम संस्थान स्वयंसेवी साहित्यिक संगठन है । इसमें विविध पृष्ठभूमि के लोग माँ भारती की सेवा में अपने विविध कौशलों से इसे अक्षय ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं । इसकी स्थापना […]

अतीत के झरोखे से : छायावाद के चतुर्थ स्तम्भ महादेवी जी के साथ पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक भेंटवार्त्ता

September 11, 2019 0

● महीयसी महादेवी वर्मा की मृत्युतिथि (११ सितम्बर) पर विशेष मैंने महादेवी जी के साथ अस्सी के दशक में एक मुक्त भेंटवार्त्ता की थी; तब मैं विद्यार्थी और पत्रकार की भूमिका में भी होता था। […]

‘भाषाशिक्षण-केन्द्र’ की ओर से ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द’ का स्मरण

September 9, 2019 0

बौद्धिक, शैक्षिक, साहित्यिक संस्था ‘भाषाशिक्षण-केन्द्र’ की ओर से 9 सितम्बर को हिन्दी-साहित्य के इन्दु ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द’ के जन्मतिथि-समारोह का आयोजन बाई के बाग़, प्रयागराज में किया गया। “भारतेन्दु हरिश्चन्द ने हिन्दीगद्य की भाषा का स्वरूप […]

‘शिक्षक-दिवस’ पर विशेष टिप्पणी : “शिक्षे! तुम्हारा नाश हो”

September 5, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- आज ९९ प्रतिशत गुरु कुटिल बन चुके हैं। वहीं पूर्व के गुरु, जो जीवन-मूल्यों की ‘कल’ तक रक्षा करनेे के लिए प्राण-पण से तत्पर रहते थे और अपने शिष्यवृन्द को भी चैतन्य […]

धर्मवीर भारती जी बहुत याद आते हैं

September 4, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक)- समूचे देश में इलाहाबाद, अब प्रयागराज ही ऐसा सारस्वत केन्द्र रहा है, जहाँ एक-से-बढ़कर-एक भाषाकार, साहित्यकार, पत्रकार, समीक्षक आदिक गढ़े, तराशे तथा संस्कारित किये जाते रहे हैं। उनमें से ऐसे हस्ताक्षर […]

हिन्दी हैं हम

September 2, 2019 0

भाषाकार फादर कामिल बुल्के की आज (1 सितम्बर) जन्मतिथि है। डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) ‘कामिल’ का अर्थ है, एक प्रकार का पुष्प’। जायसी ने ‘पद्मावत’ में क्या ख़ूब कहा है, “फूल मरै पर न मरै […]

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