कविता : वक्त

March 30, 2020 0

राजन कुमार साह ‘साहित्य’मिथिला नगरी, जिला: मधुबनी, बिहार एक वक्त था, मेरा वक्त था, मेरे पास वक्त नहीं था । एक वक्त है, मेरे पास वक्त है, मेरा वक्त नहीं है । कहते हैं, वक्त, […]

कोरोना पर कुछ दोहे

March 22, 2020 0

डॉ. राजेश पुरोहित 1.कोरोना की मार से, बचा कहाँ संसार। दशों दिशाओं में मचा , देखो हाहाकार ।। 2 चेले निज घर बैठकर, मना रहे हैं मौज। गुरुवर शिक्षा दे गये, उठा ग्रंथ कन्नौज।। 3 […]

शेष-अवशेष

March 13, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक : मैंने सूरज का जवाल१ भी देखा है, तूने कर लिया ख़ुद के साये पे भरोसा? दो : मेरे लाख कहने पे भी नहीं मानते हैं लोग, यों खुलकर मत मिलो बुरा […]

आवर्त्तन और दरार

March 13, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : जब भी चाहा, उठाकर फेंक दिया, दोस्ती का नाम देते शर्म आयी नहीं। दो : तुम भी आ जाओ, मेरे साये में, दीवार होने की सज़ा मालूम है। तीन : बहके-बहके […]

एक अभिव्यक्ति

March 12, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय– बेशक, चाहो पर बताओ नहीं, बेशक, पाओ पर सताओ नहीं। मुद्दत बाद ज़िन्दगी सयानी हुई, उसे सब्ज़बाग़ दिखाओ नहीं। मस्त-मौला है और फक्कड़ भी, भूले-बिसरे भी आज़्माओ नहीं। हक़ीक़त की ज़मीं ही बेहतर […]

अभिव्यक्ति के दंश

March 12, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक : ऐ हुस्न की मलिक:! आँखें यों मला न करो, वही तस्वीर है, जो छोड़कर तुम आयी थी। दो : अब लौटकर न आयेंगी फिर से बहारें, मेरे आँसू में अब डूबते […]

चन्द अश्आर

March 12, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक : बेतरतीब बनती जा रहीं रिश्ते की ज़ंजीरें, किसी बच्चे की चाहत-मानिन्द उलझी हुईं। दो : आँखों ने आँखों से गुफ़्तुगू क्या कर ली महफ़िल में, फ़क़त बात इतनी थी मगर अफ़साना […]

पृथ्वीनाथ पाण्डेय के कुछ शे’र

March 11, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय– एक : जब भी चाहा, उठाकर फेंक दिया, ऐसी दोस्ती से तेरी दुश्मनी ही भली। दो : तुम भी आ जाओ, मेरे साये में, मुझे दीवार होने की सज़ा मालूम है। तीन : […]

एक अभिव्यक्ति

March 11, 2020 0

पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक– तिल का ताड़ दिखने लगे हक़ीक़त में, सोचना, दिमाग़ का ज़ंग अभी बाक़ी है। दो– कुछ अलग हटकर सोचा करो साहिब! यहाँ जितने हैं ‘रेडीमाल’ बेचा करते हैं। तीन– तिनके-तिनके जोड़कर आशियाँ […]

कविता : स्त्री

March 11, 2020 0

आकांक्षा मिश्रा : एक स्त्री आधी से ज्यादा दूरी अकेले तय करती हैं , तुम्हारे सारे अधिकारों को कर्तव्य मानकर सफर जारी करती हुई तुम्हें मुक्त कर देती हैं मुड़कर मत देखो ,अधूरी रहेगी सारी […]

तुम सही कैसे हो सकते हो!

February 27, 2020 0

✍️ प्रिया कुमारी, नई दिल्ली अच्छा तो तुम सही, मैं गलत हूँ लेकिन ये बताओ मुझ पे हाथ उठा के, मेरे आत्म सम्मान को गिरा के तुम सही कैसे हो सकते हो …. मेरे हर […]

जियो और जीने दो

February 23, 2020 0

महावीर स्वामी ने कहा था जिओ और जीने दो। ये भावना शनैः-शनैः समाप्त होती जा रही है। मतलबपरस्ती में लोग एक दूसरे का हक छीन रहे हैं। परोपकार दया सदभाव भाईचारे की भावना ण कहाँ […]

एक भोजपुरी शोक-गीत

February 19, 2020 0

—– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इसके पहले कि आप इस शोक-प्रधान भोजपुरी गीत को पढ़ें , समझें तथा अनुभव करें, आपकी सुविधा के लिए इसकी पृष्ठभूमि का एक शब्द-चित्र प्रस्तुत है :——– तहरा जिनिगिया के भोर […]

मुट्ठीभर आकाश

February 19, 2020 0

— डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक– मुखड़ा मौलिक दिख रहा, दिखता करुणा-रूप। शोकाकुल परिवेश है, बनती मृत्यु अनूप।। दो– मौन निमन्त्रण मौन है, सूनी माँग न देख। सधवा विधवा बन गयी, कैसा विधि का लेख।। तीन […]

प्रिये तुम्हारे प्रेम पत्र का, हर अक्षर आधार बन गया

February 17, 2020 0

जगन्नाथ शुक्ल….✍ (प्रयागराज) प्रिये तुम्हारे प्रेम पत्र का , हर अक्षर आधार बन गया। भावों की जो बनी तूलिका, उस में ही संसार बस गया।। चढ़ते सूरज की किरणों सङ्ग, राग हमारा गहराया है। आते […]

पुस्तक समीक्षा : कविता सङ्कलन ख़्यालों का बागीचा

February 15, 2020 0

लेखिका:-चाँदनी सेठी कोचर प्रकाशक:- अंतरा शब्द शक्ति प्रकाशन वारासिवनी मध्यप्रदेश संस्करण:- प्रथम 2019 मूल्य:- 40 रुपये समीक्षक:- डॉ. राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित दीप देहरी लघुकथा संग्रह ,की लेखिका देश की ख्यातिनाम […]

“सबल पुरुष यदि भीरु बनें तो हमको दे वरदान सखी” : सुभद्रा कुमारी चौहान (पुण्यतिथि विशेष)

February 15, 2020 0

● आज (१५ फ़रवरी) सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि है । -डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) सुभद्रा कुमारी चौहान : एक दृष्टि में जन्म— १६ अगस्त, १९०४ ई० को निहालपुर, इलाहाबाद मृत्यु-– १५ फ़रवरी, १९४८ ई० […]

खुदा मुझे इलाहाबादी खुराफ़ातियों से बचाये : मिर्ज़ा ग़ालिब (पुण्यतिथि विशेष)

February 15, 2020 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (भाषाविद्-समीक्षक) ● आज (१५ फ़रवरी) मिर्ज़ा ग़ालिब की पुण्यतिथि है । जाने क्यों, असद उल्लाह बेग़ ख़ाँ ‘मिर्ज़ा ‘ग़ालिब’ जैसे ज़हीनी अदीब और बेमिसाल शाइर के साथ ऐेसा कौन-सा वाक़िआ हुआ कि […]

अभियान गीत : हर हाथ क़लम

February 11, 2020 0

हर हाथ कलम अभियान चलाकर मानेंगे। हम सरकारी स्कूल की सूरत बदल कर मानेंगे।। श्रम से अपने बच्चों को आगे बढ़ाकर मानेंगे। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का परचम हम ही लहरायेंगे।। पेन पेंसिल और रबर से […]

Poem : Be ahead on duty

February 10, 2020 0

Awadhesh Kumar Shukla ‘Murakh Hirdai’ (Head Master UPS Kamipur, Kachhauna)- Lo! life is busy So life is easy, If life is lazy, Then life is crazy. Behold at beauty, Be yield to the duty, If […]

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