कविता : पिता

June 16, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी घर का रखवाला होता है पिता चिन्ता रख घर परिवार चलाता मजदूरी कर लाता पेट भरने को भूखे रहकर निवाला खिलाता है सर्दी गर्मी बारिश सहता है पिता फिर भी कितना […]

कविता : पहली नजर का प्यार

June 16, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर – उसे जब देखा मैंने पहली बार, हुआ था मुझे पहली नजर का प्यार । चला आया जब मैं वहांँ से, याद सताने लगी उसकी हजार बार । मिलना हो गया था दुश्वार, […]

इ हय ‘परियागराज’

June 15, 2019 0

(‘परियागराज’ मात्र एक प्रतीक है। ऐसी मानसिकता के लोग सर्वत्र हैं।) डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सबद चीनी मात करै, जहर हिरदय मा लाय। ऐसो जन घर-घर दिखैं, मन नाहीं पतियाय।। महादेबी से बढ़ि लखैं, रचना दिखै […]

पुरोहित की दो कविताएं

June 14, 2019 0

समर्पण की भावना जगाती दोस्ती रिश्तों में सबसे अच्छा रिश्ता है दोस्ती। सुख दुख में सबसे पहले काम आती दोस्ती।। कृष्ण सुदामा सी दोस्ती आज भी मिल जाएगी। त्याग समर्पण की भावना जगाती है दोस्ती।। […]

राजेश पुरोहित की कविताएं

June 12, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी 1. दो कुलों में उजियारा करती बेटियां अपनी सुरक्षा भी खुद करने लगी है बेटियाँ। ये सच है कि अब तो बोलने लगी है बेटियाँ।। इनके साहस को कम न समझो […]

महाशक्ति भारत

June 11, 2019 0

कवि राजेश पुरोहित, भवानीमंडी करो मेहनत की कमाई सब मेरे भाई। गीता ज्ञान सिखाती करके सीखो भाई।। गाँधी ने गीता ज्ञान की अलख जगाई।सत्याग्रह कर हमको आज़ादी दिलाई।। वैज्ञानिक सोच विकसित करो भाई। अंधश्रद्धा में […]

पुस्तक समीक्षा : कृति- विज्ञ छंद साधना (काव्य संग्रह)

June 9, 2019 0

समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित‘ (समीक्षक, कवि एवं साहित्यकार) प्रकाशक :- उत्कर्ष प्रकाशन, दिल्ली संस्करण :- प्रथम, 2018पृष्ठ:- 127, मूल्य:-180/- रचनाकार:- छगनलाल गर्ग ‘विज्ञ’ राजस्थान के ग्राम जीरावल तहसील रेवदर जिला सिरोही के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद, […]

हक के लिए आवाज उठाओ तो सही

June 9, 2019 0

कवि सौरभ कुमार ठाकुर (बाल कवि/लेखक), मुजफ्फरपुर, बिहार मो0- 8800416537 हक के लिए आवाज उठाओ तो सही, आवाज में हमारे वजनदारी चाहिए । देश हमारा प्यारा, श्रेष्ठ और सच्चा है, बस देशवासियों में भी ईमानदारी चाहिए […]

पौधा लगाओ और बचाओ जीवन और संसार को

June 5, 2019 0

शिवांकित तिवारी “शिवा”        युवा कवि एवं लेखक, सतना (मध्यप्रदेश) प्रकृति को सहेजने को अब सब मिलके तैयार हो, विनाश ना हो प्रकृति का यह प्रयास बार – बार हो, जागो सभी बचाओ […]

जिस दिन तुम मुझसे मिलने वाली थी

June 2, 2019 0

सौरभ कुमार ठाकुर, बाल कवि और लेखक मुजफ्फरपुर, बिहार, संपर्क:- 8800416537 पता नही किस शहर में, किस गली तुम चली गई। मैं ढूँढ़ता रह गया, तुम छोड़ गई । पता नही हम किस मोड़ पर फिर […]

खुद की खोज जारी रखो

June 1, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’- खुद की खोज जारी रखो, मरने की रोज तैयारी रखो, कब कौन कहां बदल गया, इसकी पूरी जानकारी रखो, खुद पर यकीन करना सीखो, नियत सच्ची और जुबां प्यारी रखो, वहम और […]

पूर्वोत्तर भारत में पहली बार राष्ट्रीय स्तर कवि सम्मेलन साहित्य संगम संस्थान के बैनर तले

June 1, 2019 0

काव्यमेध वार्षिकोत्सव तिनसुकिया असम में इक्यावन साहित्यकार सम्मानित होंगे । भवानीमंडी:-संगम समाचार/०१ जून- साहित्य संगम संस्थान तिनसुकिया असम शाखा के अध्यक्ष प्रतिष्ठित व्यवसायी संजय त्रिवेदी जी ने बताया कि ०२ को तिनसुकिया में पहली बार […]

उन्हें क्या ? वो तो राजनीति का खेल खेल रहे हैं

May 29, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि/लेखक  सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:-7509552896 आज हम आरक्षण का दंश झेल रहे हैं, उन्हें क्या ? वो तो राजनीति का खेल खेल रहे हैं । कुर्सी पर बैठ नचा रहे हैं जनता को, […]

कविता :- तो फिर क्यों आ रहे हो

May 26, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक,       सतना (म.प्र.), सम्पर्क:- 7509552096 मुझे क्यों आजमाने आ रहे हो, बताओ क्या जताने आ रहे हो । तुम्हीं ने मुझको ठुकराया था एक दिन,  तो फिर […]

पुस्तक समीक्षा “साहित्य संगम संस्थान” कृति:- काव्यमेध

May 25, 2019 0

लेखिका:- इन्दु शर्मा”शचि”(कवयित्री) समीक्षक:-राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” (राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी) साहित्य संगम संस्थान, दिल्ली काव्यमेध का विमोचन राजेश कुमार तिवारी ‘रामू’ ने शनिवार को किया। प्रस्तुत कृति का मुखावरण आकर्षक लगा,इसके प्रधान संपादक कैलाश मंडलोई […]

देखो फिर से मोदी आया, फिर से खिला कमल

May 24, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक,      सतना (म.प्र.) सम्पर्क:-7509552096 हुये विपक्षी  ढेर  सभी  और  हारे  सारे  दल। देखो फिर से मोदी आया फिर से खिला कमल। ‘चौकीदार चोर है’ जो कहते थे गिरे घुटनो  के  […]

कहानी : मनमीत

May 24, 2019 0

एडवोकेट तृषा द्विवेदी ‘मेघ’, साहित्यसेविका, उन्नाव- इंगेजमेंट हो जाने के बाद देवेश और देविका दोनों एक -दूसरे से मिलने-जुलने लगे थे । दोनों ही समान गुणवान व योग्य थे, देवेश बी0 एड0 करके गवर्नमेंट टीचर की […]

तुमसे ही मेरा जीवन माँ, तुम ही तो चारों धाम हो

May 21, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’ रास्ता तुम्हीं हो और तुम्हीं हो मेरा सफ़र, वास्ता तुम्हारा है हर घड़ी और हर पहर, तुम ही मेरे जीवन की सबसे मजबूत कड़ी, तुम ही मुश्किलों में सिर्फ मेरे साथ खड़ी, […]

माँ : तुम मेरे जीवन के नौका की खेवनहार हो

May 12, 2019 0

शिवांकित तिवारी ‘शिवा’, युवा कवि एवं लेखक, सतना (म.प्र.) सम्पर्क:- 9340411563 तुम मेरे जीवन के नौका की खेवनहार हो । तुम ही मेरा रब हो और जीने का आधार हो तुम ही मेरा जग हो […]

फ़िर कभी न अश्क़ से हम, यों मोहब्बत को भिगोएँगे

May 11, 2019 0

गीत जगन्नाथ शुक्ल..✍ (प्रयागराज) चल ग़ज़ल हम फ़ातिहा , पढ़ आयें ग़म की कब्र पे; फ़िर कभी न अश्क़ से हम, यों मोहब्बत को भिगोएँगे। रोष उनमें था बहुत , और दोष हममें कम न […]

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