छंदेष्टि छन्दों के पुनर्विकास, उत्थान में नींव का पत्थर साबित होगी- आशीष पांडेय जिद्दी

"छंदेष्टि" पत्रिका का विमोचन समारोह सम्पन्न

भवानीमंडी:- (राजेश पुरोहित) साहित्य संगम संस्थान की मासिक पत्रिका “छंदेष्टि ” के सातवां अंक जून 2018 का विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ। साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी को संस्थान के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मासिक ई पत्रिका छंदेष्टि का गीतिका विशेषांक है। इसमें छन्दाचार्य शैलेन्द्र खरे सोम, समीक्षक बिजेंद्र सिंह सरल, संस्थापक संपादक आशीष पांडेय जिद्दी, प्रबन्ध संपादक प्रतिभा गर्ग प्रति, समीक्षा संपादक चन्द्रपाल सिंह, सहयोगी संपादक तेजवीर सिंह, तेजराम नायक है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छंदेष्टि छन्दों के उन्नयन की अनूठी पत्रिका है। छंदेष्टि नव सदी का अभिमान है। यह अंक विविध पुरातन छन्दों पर आधारित है।यह संस्थान की छंदशाला की पुनीत प्रेरणा और प्रशिक्षणोपरांत छन्द अभ्यासियों द्वारा रची गितिकाओं को स्थायित्व प्रदान करने के लिए संकलित किया गया है। यह अंक परवर्ती छन्द पिपासुओं, शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा।

प्रबन्ध संपादिका प्रतिभा गर्ग ने बताया कि इस विशेष अंक में विष्णुपद छन्द, सुमेरु छन्द, लावणी छन्द, विधाता छन्द, महाभुजंग प्रयात छन्द, वाचिक स्रावणी छन्द आदि छन्द है। उन्होंने कहा कि यह अंक सुसाहित्य का ज्ञानवर्धक सूक्ष्म दर्पण है। हमारी संस्कृति, धर्म को पिरोए उत्कृष्ट काव्य निधि छन्दों के सही विधान की जानकारी सहजता सर अवगत कराती है।

संस्थापक, संपादक आशीष पांडेय जिद्दी ने कहा कि यह पत्रिका छन्दों के पुनर्विकास और उत्थान में नीव का पत्थर साबित होगी। पांडेय ने जानकारी दी कि इस अंक में भारतवर्ष के विभिन्न प्रान्तों के रचनाकारों की रचनाएं हैं।

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने प्रधान संपादक छंदेष्टि व सभी रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि साहित्य संगम संस्थान की छंदशाला से देश के हर उस रचनाकार को जुड़ना चाहिए जो सीखना चाहते हैं। उत्कृष्ट साहित्य सृजन करने की लालसा रखते हैं।

छंदेष्टि के इस गीतिका विशेषांक में बिजेंद्र सिंह सरल, छाया सक्सेना प्रभु, राजवीर सिंह मन्त्र, शैलेन्द्र खरे सोम,तेजराम नायक, पवन कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव अर्णव, दीपाली पांडेय दिया, कविराज तरुण सक्षम, चन्द्रपाल सिंह, महालक्ष्मी सक्सेना, प्रतिभा गर्ग प्रति, छगनलाल गर्ग विज्ञ, आशीष पांडेय जिद्दी, सौम्या मिश्रा अनु श्री, अनिता मिश्रा सिद्धि, रानी सोनी परी, मेहा मिश्रा सहित राष्ट्र के ख्यातिनाम रचनाकारों की रचनाएं शामिल की गई।

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