बीटीसी छात्रा से छेड़छाड़ के दौरान कपड़े फाड़े, विरोध में पिता पर चाकू से हमला

-शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
-पीड़िता को सामूहिक बलात्कार करने की दी धमकी


पिता के साथ स्कूल जा रही बीटीसी की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया है। छात्रा का आरोप है कि शोहदों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जब इसका उसके पिता ने विरोध किया तो शोहदों ने उसके पिता पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।हमले में उसका पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। इतना ही नहीं दबंगों ने छात्रा के कपड़े फाड़ दिए और घर में भी पत्थरबाजी की।इससे भयभीत होकर छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया। घायल अवस्था में पीड़ित बाप अपनी पुत्री को लेकर थाने पहुंचा और इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। थाना स्तर पर कोई कार्यवाही ना होते पीड़ित पिता अपनी पुत्री के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा और एसपी को पूरी बात बताई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष को मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा तक नहीं लगाई है।
         जानकारी के मुताबिक, मामला सांडी थाना क्षेत्र के परतापुर गांव का है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति की पुत्री BTC की छात्रा है। रोज की तरह वह पिछली 27 जून को अपने पिता के साथ स्कूल जा रही थी। इस दौरान दबंग युवक ने युवती के साथ छेड़छाड़ की। आरोप है कि विरोध में दबंग ने युवती के कपड़े फाड़ दिए। इसका जब उसके पिता ने विरोध किया तो उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इतना ही नहीं दबंगों ने पीड़ित परिवार के घर पर पत्थरबाजी भी की। लेकिन पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई तो पीड़ित शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा।
         यहां पीड़ित ने एसपी को बताया कि आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही नहीं उसकी पुत्री के साथ सामूहिक बलात्कार करके गांव में नंगा घुमाने की धमकी भी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार के पास आत्महत्या के सिवा और कोई चारा नहीं है। पत्थरबाजी में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को शांति भंग की धारा में चालान करके छोड़ दिया। पीड़ित ने परिवार ने सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की। एसपी हरदोई विपिन कुमार मिश्रा ने सांडी थाना अध्यक्ष को निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।