सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

बुद्ध के बताए रास्ते पर चल कर ही करूणा, मैत्री, प्रेम व भाईचारे को आगे बढ़ाया जा सकता है

शांति, तप और ज्ञान के अग्रदूत भगवान गौतम बुद्ध की जयंती महोत्सव पर गांधी भवन में धम्म महासभा का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बुद्ध के बताए रास्ते पर चल कर ही करूणा, मैत्री, प्रेम व भाईचारे को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार बौद्ध सर्किटों का विकास कर रही है, जिससे बुद्ध की महान परम्परा को सहेजा और प्रसारित किया जा सके।

विशिष्ट अतिथि सदर सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि ये भगवान बुद्ध के पंचशील सिद्धान्तों की ही शक्ति थी, जिसके बूते बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर दलित, शोषित, उत्पीड़ित और वंचित तबके के अधिकारों के लिए संघर्ष कर सके। बुद्ध के मार्ग पर चलकर बाबा साहेब ने आत्मबल हासिल किया और आख़िरी छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने का काम किया। सांसद ने बुद्ध के बताए मार्ग को मानवता का मार्ग बताया।

विशिष्ट अतिथि सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में भगवान बुद्ध का पंचशील सिद्धान्त अधिक प्रासंगिक है। कहा कि क्षत्रिय कुल के राजवंश में जन्म लेने वाले सिद्धार्थ ने प्राणी मात्र के कल्याण को सांसारिक मोह-माया से विरक्ति ले ली। उनके सिद्धान्त अपना कर हम समाज को सार्थक दिशा दे सकते हैं। बुद्ध के पांच उपदेशों को जीवन में उतार कर ध्यान, ज्ञान और दया का गुण अर्जित कर सकते हैं।

सभा में विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा के सभी 07 विधायक आमन्त्रित थे, लेकिन पहुंचे केवल माधवेन्द्र प्रताप ही। सभा में भाजपा के निवर्तमान जिला अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्य राजीव रंजन मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, जिला महामन्त्री राजेश अग्निहोत्री, पूर्व उपाध्यक्ष अखिलेश पाठक, पूर्व नगर अध्यक्ष अनोज मिश्रा, जिला कार्यसमिति सदस्य पारुल दीक्षित, भाजयुमो जिलाध्यक्ष ठाकुर सन्दीप सिंह, सदर से भाजपा के विधानसभा प्रत्याशी रहे राजाबक्श सिंह, पूर्व प्रमुख राजेश सिंह और समीर सिंह आदि मौजूद रहे। सभा का संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ0 अरुण मौर्य और भाजपा जिला महामन्त्री रामचन्द्र सिंह राजपूत ने संयुक्त रूप से किया।

-अन्तर्ध्वनि ब्यूरो