क्षेत्रीय बोलियों का संरक्षण आवश्यक है :- रवि रश्मि अनुभूति

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली के बोली विकास मंच द्वारा दिसम्बर माह के प्रथम आदित्यवार को क्षेत्रीय बोलियों का ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्र के अलग अलग प्रान्तों के रचनाकारों ने क्षेत्रीय बोलियों में काव्य पाठ किया।

एक दिसम्बर को आयोजित इस कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि देश की सुप्रसिद्ध कवयित्री एवम लेखिका रवि रश्मि अनुभूति मुम्बई रही। विशिष्ट अतिथि साहित्य संगम संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मन्त्र रहे । संयोजिका अलका जैन ने बताया कि कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश पुरोहित सहित संस्थान के सभी पदधिकारी उपस्थित रहे। शाम 7 बजे से 9 बजे तक कवि सम्मेलन में काव्य पाठ चला। शाम 7 बजे सभी अतिथियों सहित मुख्य अतिथि ने माँ शारदे का पूजन अर्चन व दीप प्रज्वलन कर कवि सम्मेलन का आगाज़ किया।

क्षेत्रीय बोलियों के इस कवि सम्मेलन में अलका जैन,कवि राजेश कुमार शर्मा पुरोहित भवानीमंडी ,राजवीर सिंह मन्त्र ,रवि रश्मि, अनुभूति, लता खरे, शिव शंकर बोहरा, भारती वर्मा, सरोज सिंह, राजपूत ठाकुर, कपूरा राम मेघवाल, राजीव डोगरा, डिम्पल जैन, राजेन्द्र प्रसाद पटेल, रंजन निशा अतुल्य, कुमुद श्रीवास्तव अर्चना पाण्डेय, प्रकाश चन्द जांगिड़, इन्दु शर्मा शचि, प्रेम सिंह, राजावत प्रेम, गीतांजलि वार्ष्णेय, सुनील कुमार अवधिया, मुक्तानिल, अनिता मंदिलवार, सपना, कलावती करवा, बलबीर शर्मा, राजेश कुमार तिवारी रामू ,भावना दीक्षित खुशबू, रामजस त्रिपाठी नारायण, सुमित मूंधड़ा, सुशीला सिंह प्रमुख नाम हैं।

मुख्य अतिथि ने काव्य सम्मेलन में काव्य पाठ से पूर्व कहा कि क्षेत्रीय बोलियों का संरक्षण व संवर्धन आवश्यक हो गया है।

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