पांच साल पहले मर चुके व्यक्ति को लेखपाल ने बताया जीवित, पुत्र का निरस्त किया आय प्रमाण पत्र

हरदोई जिले के लेखपालों की लापरवाही अभी बन्द नहीं हुई है अभी पिछले दिनों सण्डीला तहसील के एक लेखपाल ने अतरौली थाना क्षेत्र के एक युवक का मात्र 4 रुपये की सालाना आय का प्रमाण बना दिया वहीं अब तहसील सदर के लेखपाल ने बघौली क्षेत्र के एक छात्र के मृतक पिता को जीवित बताते हुए उसका आवेदन निरस्त कर दिया।जबकि छात्र के पिता का स्वर्गवास पांच वर्ष पहले ही हो चुका है।
हैरान कर देने वाले इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विकास खण्ड अहिरोरी के ग्राम मंगोलापुर की निवासिनी किरन सिंह ने अपने नाबालिक पुत्र उत्कर्ष सिंह की छात्र वृत्ति हेतु आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया।जिस पर सदर तहसील के ग्राम मंगोलापुर मे तैनात लेखपाल प्रदीप राणा ने अपनी जाँच आख्या मे आवेदक के मृतक पिता को जीवित बता कर आवेदन निरस्त कर दिया।जबकि छात्र उत्कर्ष सिंह के पिता रमेश कुमार सिंह की मृत्यु दिनांक 29-12-2013 को ही हो चुकी है जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र सेक्रेटरी द्वारा भी जारी हो चुका है।
यही नही तहसील के माध्यम आए ही मृतक रमेश कुमार सिंह के नाम से दर्ज भूमि की विरासत उनकी पत्नी किरन सिंह व दो नाबालिक पुत्रों उत्कर्ष तथा संकल्प के नाम दिनांक 26-5-2016 को हो चुकी है। लेखपाल के इस खेल से बेचारे छात्र को छात्र वृत्ति से वंचित होना पड़ा है।इस मामले में अपर जिलाधिकारी संजय सिंह ने कहाकि मामला गंभीर है प्रकरण में कार्यवाई कराई जाएगी।
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