कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

दो वर्ष पूर्व हुए विद्युत कनेक्शन का कुछ पता नहीं, कौन खा गया जमा की गयी धनराशि?

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’

दो वर्ष पूर्व गाँव बालामऊ में विद्युत विभाग की ओर से कनेक्शन हेतु शिविर लगाया गया था। इस शिविर में 5 दर्जन से अधिक कनेक्शन हुए। एक किलोवॉट क्षमता के कनेक्शन आवेदकों से 1500 रूपये भी लिये गये। कुछ को रसीद दी गयी और कुछ को वह भी नहीं। कनेक्शन शिविर के बाद आज तक कोई भी कनेक्शन जोड़ने या मीटर लगाने नहीं आया। सत्येन्द्र कुमार त्रिपाठी ने भी कनेक्शन हेतु आवेदन किया था। इसके लिये 1500 रूपये का भुगतान भी किया गया। लेकिन विभाग में कई बार पता करने पर भी कनेक्शन के विषय में कोई जानकारी नहीं मिली।

मीटर रीडिंग व बिलिंग करने आये लोग ने बताया कि आप का कनेक्शन अभी चढ़ा नहीं है, इसके लिये आप को कुछ खर्च देना होगा। उन्होंने पूछने पर 6000 रूपये का खर्च बताया और ले गये, इसके बाद फिर कभी वापस नहीं आये। इसके बाद कई बार ट्विटर पर लिखा गया व हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गयी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 6000 देने के 10 महीने बाद बिल जमा करने वाले दो अन्य लोग फिर आये। कनेक्शन की कॉपी मांगी, तो उन्हें पूरी बात बतायी गयी। उन्होंने कहा कि आपका कनेक्शन अभी भी चढ़ा नहीं है। आप नया कनेक्शन करा लो या आधार की फोटो कॉपी व दो फोटो के साथ 5000 रू. दे दो, जिसमें आपका पुराना हटाकर नया कनेक्शन करा दूंगा। 5000 रू. देने के एक साल बाद भी कनेक्शन का कुछ पता नहीं है।

ऐसे कई उपभोक्ता इस गाँव में हैं जो भ्रष्टाचार का शिकार हैं। बिना विभाग की मिलीभगत के यह सब सम्भव नहीं। सरकार की नज़र में यह लोग कनेक्शनधारी हैं या बिजलीचोर, ये जान ही नही पाये हैं। कनेक्शन के अनुपात में ट्रांसफॉर्मर भी कम धारिता के हैं। हर ओर भ्रष्टाचार चरम पर है। जनसुनवायी के माध्यम से शिकायत करते हुए कहा गया हे कि अधिकारीगण ध्यान दें और समस्या का निराकरण कराने की कृपा करें।