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बलिया की कलंक-कथा

लाल रंग की शर्ट और नीले रंग की पैण्ट में पुलिस-गिरिफ़्त में दिख रहा हत्यारा धीरेन्द्र सिंह

बलिया के गाँव ‘दुर्जनपुर’ में शासन-प्रशासन के सामने गोलियाँ मारी गयीं!..?

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

बलिया का भारतीय जनता पार्टी का बड़बोला और असभ्य विधायक सुरेन्द्र सिंह अपनी गुण्डई लगातार दिखाता आ रहा है और अपने गुण्डों को प्रश्रय भी देता आ रहा है। यही कारण है कि कल (१४ अक्तूबर) उसकी शह पर धीरेन्द्र सिंह ने ‘पंचायती अदालत’ में सामने से गोली मार कर जयप्रकाशपाल उर्फ़ गामा की हत्या कर दी थी। विधायक सुरेन्द्र सिंह कह रहा है कि आत्मरक्षा के लिए धीरेन्द्र सिंह ने गोलियाँ चलायी थीं।

हत्यारा धीरेन्द्र सिंह

ज्ञातव्य है कि दुर्जनपुर गाँव रेवती थानान्तर्गत आता है। घटना के समय दुर्जनपुर, पंचायतभवन के बाहरी हिस्से में शिविर लगाकर कोटे की दुकान के आवण्टन से सम्बन्धित बैठक हो रही थी। दुकान पर पहले हक़ जताने के लिए ‘माँ सायर जगदम्बा’ और ‘शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह’ के लिए ठन गयी; बात बढ़ चुकी थी। उसी बीच कथित विधायक का क़रीबी बताया जानेवाला धीरेन्द्र सिंह ने गामा पाल को उनके पास आकर सामने से गोलियाँ चलाकर हत्या कर दी थी। वह पन्द्रह से बीस चक्र तक गोलियाँ चलाता रहा और ज़िला तथा पुलिस-प्रशासन देखता रहा।

घटनास्थल पर एस०डी०एम० सुरेश कुमार पाल और सी० ओ० चन्द्रकेश सिंह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद थे। पुलिस ने हत्यारे धीरेन्द्र सिंह को पकड़ लिया था; किन्तु उसे कुछ दूर ले जाकर छोड़ दिया था।

ऐसे में, प्रश्न है, किसके इशारे अथवा निर्देश पर हत्यारे धीरेन्द्र सिंह को भगाया गया था? निस्सन्देह, उत्तरप्रदेश-शासन की अब जातिवादी राजनीति पर्त-दर-पर्त अब खुलने लगी है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १६ अक्तूबर, २०२० ईसवी।)

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