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हिंसा की संस्कृति को बदलना जरूरी

शाश्वत तिवारी

लखनऊ : फिक्की फ्लो लखनऊ ने आज प्रसिद्ध लेखिका तारा कौशल के साथ एक आभासी बातचीत का आयोजन किया, जिसमे महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराध विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।

तारा कौशल एक लेखिका और मीडिया सलाहकार हैं जिनकी पहली पुस्तक व्हेन मेन रेप: एन इंडियन अंडरकवर इनवेस्टिगेशन है।

उनकी पुस्तक ‘ व्हाई मेन रेप ’, जिसमें 9 यौन अपराधियों और उनके परिवारों के साथ एक अंडरकवर पत्रकार के रूप में उनका उन लोगों से मेल जोल बढ़ाना और यह जानकारी प्राप्त करना कि वो क्या परिस्थितियां थी जब उन्होंने यह पाप कर्म किया उनकी पहले क्या मनोदशा थी और दुष्कर्म करने के बाद क्या मनोदशा थी और अपराध हो जाने के बाद परिजन इस विषय पर क्या सोचते थे ।

एक भारतीय नौसैनिक अधिकारी की बेटी कौशल बताती हैं कि 16 साल की उम्र में उनका यौन उत्पीड़न किया गया था। यौन उत्पीड़न के बाद स्त्री की मनोदशा और उसके आगे जीने की लालसा खत्म हो जाती है। उसकी पीड़ा को उसके सिवा कोई दूसरा नहीं समझ सकता। दिल्ली के निर्भया रेप केस के बाद मेरे मन में विचार आया कि मैं रेप जैसे संवेदनशील विषय पर एक किताब लिखूं। आज यौन और गैर-यौन हिंसा, मानव तस्करी और लिंग भेदभाव के आधार पर भारत को महिलाओं के लिए दुनिया के सबसे असुरक्षित देशों में स्थान दिया गया है।
कौशल के अनुसार “मेरी दिलचस्पी लड़कों और पुरुषों को पहली बार बलात्कार करने से रोकने में है।” वे कहती हैं कि पुरुष प्रधान समाज में इन अपराधों को रोकने की क्षमता नहीं है उनका मानना है कि महिलाओं को हर वर्ग में बराबरी का दर्जा दिया जाए और मर्दों की सोच को बदलने की आवश्यकता है। तभी यौन अपराधों में कमी आ सकती है। हमें हिंसा की अपनी संस्कृति को प्रेम और शांति की संस्कृति से बदलना चाहिए।

इन वर्षों में विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-उन्होंने लिंग-संवेदनशीलता के लिए लाडली मीडिया पुरस्कार जीता।
विस्तृत बातचीत में, दीपाली चोपड़ा ने कौशल से पुस्तक लिखने की प्रक्रिया, यौन शिकारियों के साथ उनके रहने के अनुभव, उनकी मानसिकता और उनकी सामाजिक सांस्कृतिक वास्तविकताओं के बारे में विस्तार से बात की।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन पूजा गर्ग ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा महामारी के अनुपात में पहुंच रही है और समाज के सभी मंचों पर इस पर बात करने की जरूरत है।

हमें उम्मीद है कि यह बातचीत सामूहिक सोच के केंद्र में यौन हिंसा को संबोधित करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगी और हमें बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगी।

फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की सीनियर वाइस चेयरपर्सन आरुषि टंडन सहित देश भर के फ्लो सदस्यों ने भाग लिया और फेसबुक पर लाइव प्रसारित किया गया।

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