ऊर्जा मंत्री से शिकायत पर 6 माह बाद बदला गया विद्युत ट्रांसफार्मर, ग्रामीण में खुशी की लहर


कछौना (हरदोई): विद्युत उपकेंद्र बघौली के अंतर्गत ग्राम सेमरा कला (महरी) व जसवंतपुर (मतुआ) में 6 माह से ट्रांसफार्मर खराब थे। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने विद्युत उपकेन्द्र बघौली, अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधिशासी अधिकारी को अवगत कराई थी। टोल फ्री नंबर 1912 पर भी दर्जनों शिकायतें की गई थी, परंतु विभागीय अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया, ग्रामीण अंधेरे में जीने को विवश थे।

विभागीय अधिकारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे थे। ग्रामीणों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बन गए थे। दोनों ग्रामों में आजादी के 71 वर्ष बाद दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य वर्ष 2018 में किया गया था। लेकिन नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड द्वारा मानक के अनुसार कार्य नहीं कराया गया था। गांव की बुजुर्ग आंखों में आजादी के 71 वर्ष बाद गांव में रोशनी देखने का अवसर मिला। गांव विद्युत की रोशनी से जगमग हो गया। जिसके चलते गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन यह खुशी दो माह बाद ही काफ़ूर हो गई। गांव का ट्रांसफार्मर खराब हो गया, गांव वालों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, अधिकारियों ने दो टूक में बताया कि उस संस्था का कार्य पूर्ण हो गया है, जब कोई संस्था नई आयेगी। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते ग्रामीण छः माह से ट्रांसफार्मर फुंके होने के कारण अंधेरे में जीने को विवश थे।

इस समस्या को जसवंतपुर के ग्रामीण लियाकत अली, मुमताज, रहीस, आसाराम, फूलचन्द्र, मदन, व सेमरा कलां के ग्रामीण क्षेत्र पंचायत सदस्य पति अंकित कुमार वर्मा, अरविंद कुमार सिंह (नीशू), जितेंद्र सिंह, रामनाथ भाटिया ने जय हिंद जय भारत मंच को अवगत कराया। जिस पर मंच के संयोजक परमेश्वर दयाल ने बुधवार को ऊर्जा मंत्री को दूरभाष पर अवगत कराया, जिस पर उन्होंने मामले को गंभीरता से समझते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया। आनन-फानन में प्रशासन हरकत में आ गया। जो ट्रांसफार्मर छः माह से नहीं बदले जा रहे थे उसी दिन बदल दिए गए। ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री को आभार व्यक्त किया। बिना कोई शुल्क पड़े पूर्ववर्ती सरकारों में ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए आपस में चंदा जमा करके हजारों रुपए की सुविधा शुल्क विभागीय अधिकारी ठेकेदारों को उपलब्ध कराते थे। उसके बाद ट्रांसफार्मर बदल पाता था। जिस पर ग्रामीणों की जागरूकता, सरकार की जवाबदेही के चलते परंपरा पर अंकुश लगा है। वहीं ऊर्जा मंत्री ने बताया नागार्जुन संस्था द्वारा कराए गए कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।

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