अपर आयुक्त ने जांचे गेहूँ क्रय केंद्र, कमियां मिलने पर लगाई केंद्र सचिवों को फटकार

कछौना (हरदोई): किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसलिए सरकार की ओर से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा गेहूं केंद्र खोले गए हैं। लेकिन जो केंद्र खुले हैं उन पर बिचौलियों व केंद्र प्रभारी के गठजोड़ के चलते किसानों का गेहूं तौलना टेढ़ी खीर है। कहीं बोरे की कमी, उपज मेंं नमी या धन की कमी बता कर किसान को टरका दिया जाता है।

बड़े पैमाने पर मिल रहीं शिकायतों पर शासन स्तर से अपर आयुक्त अखंड प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ बुधवार को कछौना में स्थित आवश्यक वस्तु निगम गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया जहां पर सचिव से खरीद लक्ष्य की जानकारी ली तो सचिव ने बताया 5000 कुंटल की खरीद हो चुकी है। किसानों की सुविधा के नाम पर छाया के लिए कोई समुचित सुविधा न होने पर सचिव को कड़ी फटकार लगाई, किसानों को कोई असुविधा ना हो इसके लिए शासन से प्रति केंद्र ₹9000 की धनराशि उपलब्ध कराई गई है जिसमें टेंट, पानी की सुविधा, बैठने के लिए कुर्सी व चौकीदार की सुविधा का प्रावधान है जबकि इन सुविधाओं से किसान महरुम रहते हैं। केंद्र पर बड़े पैमाने पर गेहूं की बोरियां बिना सील पड़ी थीं व उनके नीचे कोई व्यवस्था नहीं थी जिससे गेहूं में नमी होने की संभावना बनी रहती है। जिस पर अपर आयुक्त ने सचिव को कड़ी फटकार लगाई।

अपर आयुक्त ने गेंहू बिक्री किए गए किसानों को फोन कर जानकारी ली कि उनसे केंद्र पर कोई सुविधा शुल्क तो नहीं पड़ा है जिस पर किसानों ने आवाज खोलना मुनासिब नहीं समझा। अपर आयुक्त ने सचिव को निर्देश दिया कि प्रत्येक दशा में किसान का 72 घंटे के अंदर भुगतान हो जाना चाहिए, देरी होने पर कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अपर आयुक्त के सामने संडीला गोदाम पर समय से गेहूं नहीं उतारे जाने की शिकायत की जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थिति सुधारने का निर्देश दिया।

इसके बाद यूपी एसएस केंद्र का निरीक्षण किया जहां पर केंद्र राइस मील में चलता पाया गया जिसकी स्वीकृत सचिव द्वारा नहीं दिखाई जा सकी, यहां पर भी किसानों के लिए छाया की व्यवस्था नहीं थी। किसानों के पंजीयन व खरीद रजिस्टर में मिलान करने पर गड़बड़ी मिली, जिस पर केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। मीडिया कर्मियों ने अपर आयुक्त से शिकायत की कि पीसीयू केंद्र लाल खेड़ा में ठेकेदार द्वारा अभद्रता की गई जिस पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिया। निरीक्षण की पूर्व सूचना होने के कारण केंद्रों पर सब कुछ ऑल इज वेल मिला, केंद्र प्रभारियों द्वारा अपने चहेते किसानों को रोका गया था जो अपर आयुक्त के पूछे जाने पर केंद्र प्रभारी की भाषा बोल रहे थे। किसानों की चुप्पी का फायदा केंद्र प्रभारी पूरी तरह से उठा रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि बिना कमीशन किसानों का गेहूं तौलना संभव नहीं है वहीं किसानों पर राजनीति की रोटी सेंकने वाले किसान संगठन व जनप्रतिनिधि पूरी तरह से मूकदर्शक बने हैं। किसानों को कोई सही मंच ना मिलने कारण वह हमेशा ठगे जाते हैं।

अपर आयुक्त ने बताया कि कोई भी बिचोलिया व केंद्र प्रभारी गेहूं खरीद में कमीशन की मांग करता है उसकी पुष्टि होने पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य रसद का पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।

रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता

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