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जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों के प्रबन्धकों और प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाए जाने के दिए निर्देश

आख़िर, अभिभावक संघ की एक साल पुरानी मुहिम परवान चढ़ती दिख रही है। आज संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने निजी स्कूलों की मनमानी और लूट-खसोट के विरुद्ध जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। जिलाधिकारी ने ज्ञापन के तुरंत बाद 21 अप्रैल को निजी स्कूलों के प्रबन्धकों/प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाए जाने के निर्देश दे दिए। निर्देश पर अमल करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट मृत्युंजय कुमार ने 09 स्कूलों और सम्बन्धित विभागों के अफसरों को चिट्ठी भेज दी।

मीटिंग में इन्हें किया गया है कॉल
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डीएम विवेक वार्ष्णेय के निर्देश पर सेण्ट जेम्स, गुरु राम राय, सेण्ट ज़ेवियर्स, आर्चिशा इंटरनेशनल, बाल विद्या भवन, न्यू हाइट्स, सेठ एमआर जयपुरिया, महर्षि विद्या मन्दिर और क्रीसेंट एकेडमी के प्रबन्धकों/प्रधानाचार्यों को बैठक में बुलाया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि किसी सूरत में कोई स्कूल प्रतिनिधि नहीं भेजे।

ये सरकारी हाकिम रहेंगे मीटिंग में
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अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर), जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) और यातायात निरीक्षक को मीटिंग में रहने के निर्देश हैं।

अभिभावक संघ से रहेंगे ये लोग
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बैठक में अभिभावकों का पक्ष रखने को संघ संरक्षक राकेश पाण्डेय, शिवप्रकाश त्रिवेदी व आमिर किरमानी, अध्यक्ष गोपाल द्विवेदी और उपाध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी बैठक में बुलाए गए हैं। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मण्डल में संयोजक दानिश किरमानी, आलोक सिंह, सत्यम तिवारी, अभिषेक गुप्ता, चिन्तन बाजपेयी और अखिल द्विवेदी आदि रहे।

ये हैं अभिभावक संघ की मांगें
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1- मनमाने ढंग से की गई फीस वृद्धि वापस ली जाये।
2- स्कूल हर वर्ष कोर्स बदल देते हैं, जिस कारण स्टूडेंट को नई किताबें लेनी पड़ती हैं, इस पर रोक लगाई जाये।
3- स्कूल द्वारा कॉपी, किताबें व अन्य स्टेशनरी बेचने पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाया जाये।
4- केवल एनसीईआरटी की किताबें ही मान्य की जाएँ।
5- स्कूल ड्रेस केवल एक रखी जाये। सप्ताह के अलग अलग दिनों की ड्रेस पर रोक लगाई जाये।
6- डीजल तथा पेट्रोल के दामों में कमी हुई है, फिर भी बसों की फीस 400 से 600 रूपये तक बढ़ा दी गई है, जिसको निरस्त किया जाये।
7- स्कूल बसों, ओमिनी कैब व मैजिक वाहन के आगे पीछे व किराए वाले वाहन पर ‘स्कूल ड्यूटी पर’ स्पष्ट रूप से लिखा जाए। वाहन के चारों ओर ‘स्कूल बस’ लिखा होना चाहिए।
8- स्कूल वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, पानी की सुविधा और आग बुझाने वाले यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
9- स्कूल वाहनों में प्रधानाचार्य व प्रबंधकों का नाम, मोबाइल नंबर, स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए।
10- स्कूल वाहन के ड्राइवर को न्यूनतम 4 साल का अनुभव, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित ड्रेस तथा ड्रेस पर चालक का नाम प्रदर्शित हो।
11- स्कूली वाहनों में स्कूल से एक परिचर मय ड्रेस मौजूद रहे, जो बच्चों को शरारत करने से रोके तथा समुचित व्यवस्था बना कर रखे।
12- स्कूल बसों, ओमिनी कैब व रिक्शा में निर्धारित सीट के हिसाब से ही बच्चे ही बैठाए जाएं, कोई भी बच्चा खड़ा ना पाया जाए।
13- वाहनों में स्कूल परिचर के पास बच्चों के नाम वर्ग, आवासीय पता, रक्त समूह, ठहराव के स्थान, मार्ग योजना आदि का संकेत होना चाहिए।
14- स्कूल वाहन की अधिकतम गति सीमा 40 किमी/घंटा के साथ गति नियंत्रक फिट होना चाहिए।
15- बड़ी बसें तथा वे बसें जो जर्जर स्थिति में चल रही हैं, उनको तुरंत बंद कराया जाए।
16- बच्चों को सड़क क्रास कराने के लिए एक हेल्पर हो जो, स्टॉप की तख्ती लेकर बच्चों को सड़क पार कराये।
17- प्रत्येक स्कूल में स्कूल बस सम्बन्धित पूछताछ तथा शिकायत के लिए एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया जाये।

-अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस सरोकार डेस्क