किसानों को ओषधि, फल, फूल एवं सब्ज़ी की खेती के लिए करें प्रेरित और प्रशिक्षित – डीएम पुलकित खरे

ओषधि खेती में किसानों को सतावर, लेमन ग्रास, अश्वगंधा, मूसली एवं तुलसी की खेती करने के लिए प्रेरित :- जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रसार सुधार (आत्मा) तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजना का व्यापक स्तर पर गांव में प्रचार प्रसार करायें और अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित करें।

उद्यान विभाग की समीक्षा में लक्ष्य के अनुरूप कृषकों को ओषधि खेती, फल, फूल एवं सब्जी की खेती से न जोड़ने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिये कि औषधि खेती में किसानों को सतावर, लेमन ग्रास, अश्वगंधा, मुसली एवं तुलसी की खेती करने के लिए प्रेरित करें और लक्ष्य के तहत किसानों को ओषधि की खेती से जोड़ें । इसके अलावा फल, फूल व सब्जी की खेती करने के लिए भी किसानों को जागरूक करें । ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई करने वाले किसानों का निर्धारित अवधि में पंजीकरण करते हुए लाभ पहंचाते हुए लक्ष्य को पूरा करें।

गांव में उद्यान विभाग की ओर से 04 कपनी के 18 डीलरों द्वारा प्रचार-प्रसार आदि न करने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उप निदेशक कृषि से कहा कि सभी डीलरों से उनके द्वारा विगत महीनों में किये कार्यो की सूची तिथिवार मंगाए और गांव में किसानों से सम्पर्क कर विभाग की जानकारी न देने वाले डीलरों पर एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्यवाही करायें । उद्यान विभाग की योजनाओं में स्वयं समूहों को भी शामिल किया जायें।

श्री खरे ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिये गंगा किनारे की समस्त ग्राम पंचायतों के किसानों को ओषधि, फल, फूल एवं सब्जी की खेती करने के लिए प्रशिक्षित करें और खेती के लिए प्रेरित करें। पशु विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि गांव के किसानों एवं अन्य अधिक से अधिक लोगों को भैंस, बकरी, मुर्गी आदि के पालन हेतु मदद दें और मुर्गी पालन में समूहों का भी सहयोग करें।

मछली विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक मत्स्य को निर्देश दिये कि मछली पालकों को समय पर बीज, आहार व दवायें उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध करायें। गन्ना विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिये कि योजनाओं के संबंध में गोष्ठी आदि के माध्यम से गन्ना किसानों को अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करायें। भूमि संरक्षण की समीक्षा में 17 परियोजनाओं में 06 शेष होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने कहा कि ऊसर सुधार के अन्तर्गत संचालित परियोजनाओं का सत्यापन कराया जायेगा तथा शेष परियोजनाओं को निर्धारित समय में भूमि संरक्षण अधिकारी पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आत्मा योजना के अन्तर्गत किसानों को दिये जाने वाले अनुदान की सूची एक सप्ताह में सम्बन्धित तहसील में उपलब्ध करायें ताकि किसानों को समय से अनुदान मिल सकें। कृषि विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने डीडी कृषि एवं जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिये कि अन्य विभागों से समन्वय बनाकर जनपद के किसानों को कृषि से सम्बन्धित समस्त योजनाओं की जानकारी गांव, ब्लाक एवं तहसील स्तर पर गोष्ठी एवं मेलों के माध्यम से उपलब्ध कराते हुए उन्हें लाभान्वित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकार निधि गुप्ता वत्स ने भी आत्मा से संबंधित समस्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कृष संबंधी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें और किसानों को उनकी रूचि के अनुरूप प्रशिक्षण दिलाकर योजनाओं से लाभान्वित भी करायें। बैठक में पीडी राजेन्द्र श्रीवास, डीडी कृषि डा0 आशुतोष कुमार मिश्रा, डीसी मनरेगा, एनआरएलएम, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी सहित आत्मा योजना से जुड़े सभी विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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