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ड्रेस की क्वालिटी से समझौते पर एसएमसी ही नहीं बीईओ की भी नहीं होगी ख़ैर

हरदोई : जिला मजिस्ट्रेट शुभ्रा सक्सेना ने शैक्षणिक सत्र 2017/18 के लिए ड्रेस वितरण की दिशा में दो टूक कहा कि गुणवत्ता से समझौता हुआ तो सम्बन्धित एसएमसी के साथ खण्ड शिक्षा अधिकारी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करा जेल भेजा जाएगा। उन्होंने बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीक़ी को 02 दिन में ड्रेस वितरण की कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। सभी एसडीएम को निर्देश दिया है कि कानून गो और लेखपालों से ड्रेस की क्रॉस चेकिंग कराएंगे और रिपोर्ट लेकर ज़िला मुख्यालय को अवगत कराएंगे।

 ख़बर आम हुई तो गुरूजनों का सब्र चुक गया। हर एक ने दो टूक कहा कि ₹400 में गुणवत्ता वाली 02 जोड़ी ड्रेस वितरण बुनियादी तालीम महकमा या प्रशासन खुद ही कराए। हालांकि, गुरूजनों को ज़्यादा दिक्कत उनसे कम वेतनमान वाले मुलाजिमों से जांच कराए जाने को लेकर दिखी। वैसे, ये पहला मौका नहीं है जब ऐसा हो रहा हो। पलट कर देखें तो स्कूलों की जांच के निर्देश उप जिलाधिकारियों (SDM) या तहसीलदार को होते थे और ये हुक्काम जांच लेखपालों से करा लेते थे। तब भी गुरूजन इसकी मुखर मुख़ालफ़त करते रहे थे।

ख़ैर, ख़बर ये है कि कल बेसिक शिक्षा परिषद की इलाहाबाद में बैठक है। जूनियर हाईस्कूल (पू0मा0) शिक्षक संघ का प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद योगेश त्यागी परिषद के मानद सदस्य होने के नाते बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। पहला मौका है, जब हरदोई से कोई परिषद के सदस्य की हैसियत से उसकी बैठक में शामिल होगा। त्यागी ने ‘अन्तर्ध्वनि’ को बताया कि परिषद की बैठक का एजेण्डा स्थानान्तरण नीति और सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को लेकर है। इस दिशा में वह संवर्ग के हितों के लिए दबाव बनाएंगे। त्यागी का ध्यान ड्रेस वितरण के बाद जांच राजस्व कर्मियों से कराए जाने के आज आए डीएम के निर्देश की ओर आकृष्ट कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई सरकार शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लेगी, ऐसी आशा करते हैं। बाकी, शिक्षक के सम्मान से कोई समझौता किसी कीमत पर नहीं होगा।

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस